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नकल कान्वेंट स्कूलों की लेकिन स्टाफ और संसाधनों का अभाव

Sun, 20 May 2018 01:13 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी Updated Sun, 20 May 2018 01:13 AM IST
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no facility in Govt English medium schools
school
कान्वेंट स्कूलों के तौर तरीकों और पढ़ाई की तरह सरकारी स्कूलों में भी अंग्रेजी शिक्षा को अपनाया है, लेकिन स्कूलों का स्टाफ और संसाधन पुराना है। नतीजतन ब्लॉक क्षेत्र के पांच प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन कक्षाओं में बच्चे बेंच पर नहीं बल्कि जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि इन मॉडल स्कूलों को न तो सरकार ने एक धेला दिया और न ही विभाग ने। इसको लेकर स्कूली बच्चे और अभिभावक भी नाखुश हैं। 
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कान्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिस्पर्धा में बेसिक स्कूलों के बच्चों को तैयार करने के मकसद से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने का निर्णय लिया था। सरकार ने गांव के बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा दिलाने के लिए आनन-फानन में यह आदेश तो जारी कर दिया लेकिन कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सुविधा देने पर कोई तवज्जों नहीं दी गई। बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र में पांच प्राथमकि बांकेगंज, मैलानी द्वितीय, हरिहरपुर, पस्तौर और पुनर्भू ग्रंट स्कूलों का चयन अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए किया था। इनमें कुल 792 बच्चे पंजीकृत हैं। इन चयनित मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेंच पर बैठ कर पढ़ाई करने की बात तो कौन करे, कक्षाओं में पांच की जगह तीन-तीन शिक्षक ही तैनात है। खास बात यह है कि मैलानी द्वितीय में पंजीकृत 130 बच्चें के सापेक्ष मात्र दो शिक्षक उन्हें पढ़ा रहे हैं और बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यहीं नहीं इन बच्चों को अभी तक विभागीय स्तर से अंग्रेजी की किताबें तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। अभिभावकों की मानें तो कि उनके बच्चे जमीन पर ही बैठकर अंग्रेजी सीख लेंगे लेकिन जब इससे संबधित किताबें और अन्य संसाधन ही नहीं दिए गए तो इन बच्चों का अंग्रेजी में भविष्य कैसे सुनहरा होगा, इसको लेकर वे चिंतित हैं। हालांकि अंग्रेजी माध्यम कक्षाओं में शिक्षिकाएं बच्चों को पोयम और चार्ट के जरिए एबीसीडी, टेबिल और इंग्लिश लेटर पहचान बताकर अपना फर्ज तो पूरा कर रहीं हैं लेकिन संसाधन विहीन शिक्षक बच्चों को इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई कैसे कराएंगे यह एक बड़ा सवाल है।  
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ब्लॉक क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए चयनित पांच प्राथमिक विद्यालयों के लिए शिक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। वहीं फर्नीचर मंगाने के साथ ही शिक्षकों की तैनाती के लिए प्रयास जारी है। जल्दी ही व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
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- राम तिलक वर्मा, बीईओ, बांकेगंज
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