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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Four convicts of Nighasan case will be sentenced on 14 August in Lakhimpur Kheri

निघासन कांड: 15 गवाही, 64 साक्ष्य...126 पेज में गुनाह की कहानी; दो नाबालिग बहनों की दरिंदगी के बाद की थी हत्या

Sat, 12 Aug 2023 01:24 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 12 Aug 2023 01:24 PM IST
सार

निघासन थाना क्षेत्र में 14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही अनुसूचित जाति की दो बहनों को अगवा कर लिया गया था। इसके बाद उनके साथ दुष्कर्म हुआ और उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना के करीब 11 महीने के बाद इस पर फैसला आया है और चार अभियुक्त को दोषी पाया गया है।

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Four convicts of Nighasan case will be sentenced on 14 August  in Lakhimpur Kheri
निघासन कांड के दोषी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के निघासन थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की दो सगी बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में एडीजे पॉक्सो की अदालत ने 10 महीने 27 दिन तक चली सुनवाई के बाद अपना फैसला सुना दिया है। फैसले में चारों आरोपी दोषी पाए गए हैं। इस प्रक्रिया के दौरान परिजन समेत 15 लोगों की गवाही हुई, 24 दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे गए साथ ही 40 वस्तु जनित साक्ष्य सौंपे गए। दोनों बहनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आयु प्रमाणपत्र, कपड़ों को बतौर साक्ष्य शामिल किया गया। अदालत ने 126 पेज में दोषियों के गुनाह तय किए हैं।
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अदालत में मृतक दोनों बहनों की मां की गवाही अहम रही। मां ने अभियुक्तों को पहचानते हुए अदालत में बताया था कि उनकी आंखों के सामने ही दबंग उनकी बेटी को खींच ले गए थे। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतक बहनों के शरीर पर चोटें मिलना व गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। एफएसएल रिपोर्ट में अभियुक्त का पॉजिटिव आना भी दोष सिद्धि का बड़ा कारण बना। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी अहम भूमिका रही।
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ये भी पढ़ें- निघासन कांड : सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो बहनों की हत्या में चार अभियुक्त दोषी, 14 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा
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अदालत ने हटाए दलित उत्पीड़न के आरोप

निघासन कांड मामले में प्रमुख रूप से दलित उत्पीड़न को आधार बनाकर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना ने दलित होने की वजह से ही किए गए अपराध अथवा सार्वजनिक रूप से बिरादरी का अपमान करने के मामले में ही दलित धाराएं आकृष्ट होने की दलील दी थी। 

रिपोर्ट में सुनील उर्फ छोटू के साथ अज्ञात व्यक्तियों को नामजद किया गया था। ऐसे में जब आरोपियों को पीड़िता जानती ही नहीं थी, तो जातिगत उत्पीड़न की बात कैसे कही जा सकती है। अदालत ने भी अपने फैसले में माना है कि दलित होने के कारण ऐसी घटना नहीं हुई है। लिहाजा जातिगत उत्पीड़न के आरोप साबित नहीं होते। 

बदलते कानून में किशोर अपचारी 

निर्भया कांड के बाद किशोर अपचारियों को दो भागों में बांट दिया गया था। जिसमें एक वर्ग 18 वर्ष से कम लेकिन 16 वर्ष से अधिक का है। दूसरे वर्ग में ऐसे अपचारी किशोरों को सम्मिलित किया गया है, जो 16 वर्ष की आयु से कम हों। इनका मामला किशोर न्याय बोर्ड में चलेगा, लेकिन प्रथम श्रेणी वाले किशोर अपचारियों के मामले अपर जिला जज की अदालत में ही चलने की बात कही गई है। लिहाजा पांचवें आरोपी  का मुकदमा एडीजे राहुल सिंह प्रथम की अदालत में ही चल रहा है। जिसमें सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तारीख मुकर्रर की गई है। 

ये था मामला

14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही आरोपी अनुसूचित जाति की दोनों बहनों को बाइक पर बिठाकर अगवा कर ले गए थे और दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या कर दी थी। आत्महत्या दिखाने के लिहाज से शव को पेड़ से लटकाकर आरोपी भाग गए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। सुनील उर्फ छोटू के अलावा अन्य सभी आरोपी मृतका के पड़ोस के गांव के ही थे। मामले में 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज करने के 14 दिन के अंदर ही 28 सितंबर को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। 

कब क्या हुआ

  • 28 सितंबर 2022 - आरोपपत्र दाखिल किया गया।
  • 29 सितंबर 2022- आरोपपत्र पर संज्ञान लिया गया।
  • 30 सितंबर 2022- अभियुक्तगण पर आरोप तय किए गए।
  • 03 अक्तूबर 2022- वादी मुकदमा मृतका की मां के बयान दर्ज किये गए।
  • 11 अक्तूबर 2022- अभियोजन गवाह प्रथम से जिरह शुरु हुई।
  • 20 अक्तूबर 2022- अभियोजन गवाह-दो अरविंद की मुख्य परीक्षा अंकित की गई।
  • 31 अक्तूबर 2022- किशोर अपचारी प्रार्थनापत्र जुनैद की पत्रावली पर सुनवाई हुई।
  • 01 नवंबर 2022- अभियोजन गवाह-तीन रामपाल की मुख्य परीक्षा अंकित की गई।
  • 23 मार्च 2023-  प्रार्थनापत्र धारा 34 2 पॉक्सो एक्ट निरस्त किया गया।
  • 11 अप्रैल 2023- अभियोजन द्वारा शेष साक्षीगणों को छोड़ने का प्रार्थनापत्र दिया गया, और अभियोजन साक्ष्य को समाप्त किया।
  • 24 अप्रैल 2023- अभियुक्तों के बयान के अन्तर्गत धारा 313 बनाए गए।
  • 27 अप्रैल 2023- अभियुक्तों को साक्ष्य का अवसर दिया गया। बचाव पक्ष की गवाह एक सरोजनी का साक्ष्य अंकित किया गया।
  • 01 मई 2023 से 18 मई 2023 तक बचाव पक्ष द्वारा कोई सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
  • 19 मई 2023- अभियुक्त जुनैद द्वारा धारा 293 के तहत विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के वैज्ञानिकों को तलबी का प्रार्थनापत्र दिया, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया। तक अभियुक्त के अधिवक्ता ने सफाई साक्ष्य समाप्त किया।
  • 20 मई 2023- अभियुक्त सुनील उर्फ छोटू के अधिवक्ता ने सफाई साक्ष्य समाप्त किए।
  • 22 मई 2023- अभियोजन पक्ष ने बहस शुरू की।
  • 31 मई 2023- अभियोजन बहस समाप्त हुई।
  • 12 जून 2023- अभियुक्त सुनील उर्फ छोटू की तरफ से बहस शुरू हुई।
  • 17 जून 2023- अभियुक्त सुनील उर्फ छोटू की तरफ से बहस पूरी हुई।
  • 20 जून 2023- अभियुक्त जुनैद  की तरफ से बहस शुरू की।
  • 07 अगस्त 2023- आरिफ व करीमुद्दीन की बहस शुरू हुई और बहस पूरी।
  • 11 अगस्त 2023- फैसले की तारीख तय की गई, फैसला सुरक्षित रखा गया।
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