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सहजनिया बीट के जंगल के आसपास घूम रहे नेपाली हाथी
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ममरी। नेपाली हाथी सहजनिया बीट के जंगल के आसपास घूम रहे हैं। वे जंगल में प्रवेश न कर सकें इसके लिए वनकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
रेंजर मोबीन आरिफ, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि हाथियों के झुंड ने अपना रुख फिर मैलानी मोहम्मदी रेंज की ओर कर दिया है। हाथी कभी भी सहजनिया बीट के जंगल में प्रवेश कर सकता है। उन्हें रोकने के लिए वनकर्मी जंगल से सटे गांव में जाकर लोगों को सतर्क रहने और खेतों के चारों और धुआं करने का सुझाव दे रहे हैं।
उधर, हाथियों के उत्पात से सताए देवलरिया गांव के राधेश्याम, भगवानदीन, नंदराम और गुजरपुर के प्रेमा देवी, प्रदीप कुमार, सर्वेश, श्रीपाल, मंगली व मस्तीपुर के अवतार सिंह, इटौवा की माधुरी, निर्मला देवी आदि किसानों का कहना है कि यदि हाथी फिर लौटते हैं तो वह बर्बाद हो जाएंगे। उनके खेत सहजनिया बीट के जंगल से सटे हुए हैं और हाथी पहले ही फसलों की काफी बर्बादी कर चुके हैं।
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पल्हनापुर में जंगली हाथियों ने फिर बोला धावा, फसल उजाड़ी
बांकेगंज। नेपाल से आए जंगली हाथियों ने भीरा रेंज की चक बीट में डेरा डाल रखा है। इन हाथियों ने शुक्रवार रात फिर जंगल से सटे पल्हनापुर गांव के पास खेतों में धावा बोला और कई किसानों की धान व गन्ना की फसल उजाड़ दी।
निगरानी टीमों के मुताबिक नेपाल से आए जंगली हाथियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज की चक बीट में डेरा डाल रखा है। इन हाथियों ने शुक्रवार पूरे दिन जंगल में भ्रमण किया। इसके बाद जंगल से सटे खेतों में पल्हनापुर गांव के पास फिर धावा बोल दिया। यहां कई किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को तबाह कर डाला। शनिवार को वन विभाग की टीमों ने भीरा रेंज के आसपास बसे गांवों में जाकर लोगों को हाथियों से बचाव के लिए जागरूक किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि हाथियों को भगाने लिए मिर्ची का धुंआ करें, पटाखे दगें ढोल-नगाड़े बजाकर शोर मचाए। इससे हाथी खेतों के नजदीक नहीं आएंगे। डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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रेंजर मोबीन आरिफ, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि हाथियों के झुंड ने अपना रुख फिर मैलानी मोहम्मदी रेंज की ओर कर दिया है। हाथी कभी भी सहजनिया बीट के जंगल में प्रवेश कर सकता है। उन्हें रोकने के लिए वनकर्मी जंगल से सटे गांव में जाकर लोगों को सतर्क रहने और खेतों के चारों और धुआं करने का सुझाव दे रहे हैं।
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उधर, हाथियों के उत्पात से सताए देवलरिया गांव के राधेश्याम, भगवानदीन, नंदराम और गुजरपुर के प्रेमा देवी, प्रदीप कुमार, सर्वेश, श्रीपाल, मंगली व मस्तीपुर के अवतार सिंह, इटौवा की माधुरी, निर्मला देवी आदि किसानों का कहना है कि यदि हाथी फिर लौटते हैं तो वह बर्बाद हो जाएंगे। उनके खेत सहजनिया बीट के जंगल से सटे हुए हैं और हाथी पहले ही फसलों की काफी बर्बादी कर चुके हैं।
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पल्हनापुर में जंगली हाथियों ने फिर बोला धावा, फसल उजाड़ी
बांकेगंज। नेपाल से आए जंगली हाथियों ने भीरा रेंज की चक बीट में डेरा डाल रखा है। इन हाथियों ने शुक्रवार रात फिर जंगल से सटे पल्हनापुर गांव के पास खेतों में धावा बोला और कई किसानों की धान व गन्ना की फसल उजाड़ दी।
निगरानी टीमों के मुताबिक नेपाल से आए जंगली हाथियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज की चक बीट में डेरा डाल रखा है। इन हाथियों ने शुक्रवार पूरे दिन जंगल में भ्रमण किया। इसके बाद जंगल से सटे खेतों में पल्हनापुर गांव के पास फिर धावा बोल दिया। यहां कई किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को तबाह कर डाला। शनिवार को वन विभाग की टीमों ने भीरा रेंज के आसपास बसे गांवों में जाकर लोगों को हाथियों से बचाव के लिए जागरूक किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि हाथियों को भगाने लिए मिर्ची का धुंआ करें, पटाखे दगें ढोल-नगाड़े बजाकर शोर मचाए। इससे हाथी खेतों के नजदीक नहीं आएंगे। डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही किसानों को जागरूक किया जा रहा है।