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Lakhimpur Kheri News: समर कैंप में एनसीसी कैडे्टस को दी सीपीआर की जानकारी
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संपूर्णानगर के पब्लिक इंटर कालेज में लगे समर कैंप में ट्रेनिंग देते डॉ आईए खान। संवाद
संपूर्णानगर। पब्लिक इंटर काॅलेज में एनसीसी कैडे्टस के लिए समर कैंप चल रहा है। कैंप में रविवार को सीपीआर ट्रेनिंग के बारे में जानकारी देने के साथ ही आपदा प्रबंधन के विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
रविवार को पब्लिक इंटर कॉलेज में आयोजित समर कैंप में पहुंचे कस्बा के चिकित्सक डाॅ. आईए खान ने हार्टअटैक के समय मरीजों को बचाने के लिए प्रारंभिक सीपीआर के विषय में जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि अगर अटैक के दो-तीन मिनट के अंदर सीपीआर देना शुरू कर दिया जाए तो बहुत सारे लोगों की जान बचाई जा सकती है।
कहा कि अगर कोई व्यक्ति बेहोश होकर गिर गया है तो सबसे पहले देखना चाहिए कि क्या व्यक्ति होश में है या नहीं। सांस और पल्स चल रही है या नहीं। अगर ये तीनों चीजें नहीं हैं तो फौरन चिकित्सीय सहायता बुलानी चाहिए व सीपीआर शुरू कर देना चाहिए। सीपीआर देने के लिए फर्श या किसी सपाट जगह पर मरीज को सीधा लिटा देना चाहिए। इसके बाद सीने के बीच में निचले हिस्से दोनों हाथों को कंधों तक बिल्कुल सीधा रखकर पंजों को एक-दूसरे में फंसाकर हथेलियों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर जोर-जोर से दबाना चाहिए।
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इससे व्यक्ति का सीना लगभग दो इंच तक दब जाए और यह क्रिया 100 से 120 बार करनी चाहिए। काॅलेज के एनसीसी आफिसर विशाल पाराशर ने भी ड्रिल, आपदा प्रबंधक के बारे में जानकारियां दीं। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश गौड़ ने भी सीपीआर को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
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रविवार को पब्लिक इंटर कॉलेज में आयोजित समर कैंप में पहुंचे कस्बा के चिकित्सक डाॅ. आईए खान ने हार्टअटैक के समय मरीजों को बचाने के लिए प्रारंभिक सीपीआर के विषय में जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि अगर अटैक के दो-तीन मिनट के अंदर सीपीआर देना शुरू कर दिया जाए तो बहुत सारे लोगों की जान बचाई जा सकती है।
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कहा कि अगर कोई व्यक्ति बेहोश होकर गिर गया है तो सबसे पहले देखना चाहिए कि क्या व्यक्ति होश में है या नहीं। सांस और पल्स चल रही है या नहीं। अगर ये तीनों चीजें नहीं हैं तो फौरन चिकित्सीय सहायता बुलानी चाहिए व सीपीआर शुरू कर देना चाहिए। सीपीआर देने के लिए फर्श या किसी सपाट जगह पर मरीज को सीधा लिटा देना चाहिए। इसके बाद सीने के बीच में निचले हिस्से दोनों हाथों को कंधों तक बिल्कुल सीधा रखकर पंजों को एक-दूसरे में फंसाकर हथेलियों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर जोर-जोर से दबाना चाहिए।
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इससे व्यक्ति का सीना लगभग दो इंच तक दब जाए और यह क्रिया 100 से 120 बार करनी चाहिए। काॅलेज के एनसीसी आफिसर विशाल पाराशर ने भी ड्रिल, आपदा प्रबंधक के बारे में जानकारियां दीं। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश गौड़ ने भी सीपीआर को लेकर अपने अनुभव साझा किए।