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Lakhimpur Kheri News: श्रद्धा और भक्ति से मनाई नाग पंचमी
Tue, 29 Jul 2025 11:59 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 29 Jul 2025 11:59 PM IST
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सामूहिक रूद्राभिषेक,कालसर्प योग पूजन करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : मसान की होली खेलते श्रद्धालु।
लखीमपुर खीरी। जिले में नाग पंचमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। लोगों ने मंदिरों में जाकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। मंदिरों और घरों में महिलाओं ने दीवारों पर नाग की आकृति बनाकर पूजा-अर्चना की तो मंदिरों में नाग पूजा कर प्रतीकात्मक रूप से उन्हें दूध पिलाया। मंदिरों के सामने सपेरों की भीड़ रही। शाम को बच्चियों ने कपड़ों की गुड़िया बनाकर मंदिर के सामने और चौराहों पर डालीं। छोटे-छोटे लड़कों ने गुड़ियों को पीटने की परंपरा निभाई।
नाग पंचमी के अवसर पर देवकली स्थित भगवान देवेश्वरनाथ महादेव का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कर काल सर्प दोष निवारण का अनुष्ठान किया गया। नाग पंचमी के इस अवसर पर जिले के कई मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। पर्व के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सर्पों के महत्व को लेकर भी लोगों में जागरूकता देखी गई।
सर्प कुंड से मिट्टी निकालकर श्रद्धालु ले गए अपने घर
फरधान। पौराणिक तीर्थ स्थल देवकली में बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर पर मंगलवार को नाग पंचमी के मेले में भक्तों की भीड़ लगी रही। शिव भक्तों ने रुद्राभिषेक करके सर्प दोष मुक्ति के लिए हवन किया।
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आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया कि बाबा देवेश्वर नाथ शिव मंदिर में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की गई। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने सूर्य कुंड और सर्प कुंड में स्नान किया। वहां की मिट्टी अपने घरों में ले गए। वहीं नेपाली बाबा के आश्रम पर काल सर्प योग के निदान के लिए अनुष्ठान हुआ। दूरदराज से आए शिव भक्त देर शाम तक काल सर्प दोष मुक्ति के लिए हवन-पूजन कराते रहे। बाबा देवश्वर नाथ मंदिर की सुमेर गिरि, राजेश गिरि, आचार्य प्रमोद देखरेख करते हैं। संवाद
पहली बार नाग पंचमी के दिन नहीं दिखे सपेरे
सावन के तीसरे सोमवार 28 जुलाई को नाग उपासना के लिए प्रसिद्ध देवकली तीर्थ पर सपेरों का मेला लगा था। श्रद्धालुओं को सर्प दर्शन के दौरान बाहर से आए दो श्रद्धालुओं के बच्चों की अंगुली में सांप ने डस लिया था। इस कारण मेले में अफरातफरी का माहौल बन गया था, दोनों बच्चों को सपेरों ने दवा दी और नजदीकी सीएचसी में भी इलाज के लिए भेजा गया। घटना के कारण 29 जुलाई को सपेरों को मेले से भगा दिया गया। पुजारी सुमेर गिरि ने बताया कि दोनों बच्चों की हालत ठीक है।
नाग पंचमी पर हुआ सामूहिक कालसर्प योग शांति महापूजन एवं रुद्राभिषेक
धौरहरा। तहसील क्षेत्र के कफारा स्थित प्राचीन श्री लीला नाथ सरोवर परिसर में सामूहिक पार्थिव रुद्राभिषेक एवं कालसर्प योग शांति पूजा का आयोजन किया गया। पूजा में 108 जोड़े शामिल हुए।
धौरहरा तहसील क्षेत्र के कफारा स्थित प्राचीन श्री लीलानाथ मंदिर सरोवर परिसर में सामूहिक 108 पार्थिव रुद्राभिषेक एवं कालसर्प योग शांति महापूजन का आयोजन ज्योतिषाचार्य पंडित हरीश अवस्थी ने किया। आयोजन में 108 जोड़े शामिल हुए। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीलीलानाथ शिव का जलाभिषेक किया। वहीं धौरहरा के नागेश्वर नाथ मंदिर, नारायणेश्वर नाथ मंदिर, जंगली नाथ मंदिर, सिद्धेश्वर नाथ मंदिर ईसानगर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। संवाद
सुखबसा में लगा नाग पंचमी मेला
पसगवां। ग्राम सुखबसा में मंगलवार को नाग पंचमी मेला लगा। आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मेला देखने पहुंचे। भक्तों ने नाग देवता की पूजा की। सुरक्षा की दृष्टि से मेला में पुलिस फोर्स तैनात रहा। संवाद
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नाग पंचमी के अवसर पर देवकली स्थित भगवान देवेश्वरनाथ महादेव का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कर काल सर्प दोष निवारण का अनुष्ठान किया गया। नाग पंचमी के इस अवसर पर जिले के कई मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। पर्व के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सर्पों के महत्व को लेकर भी लोगों में जागरूकता देखी गई।
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सर्प कुंड से मिट्टी निकालकर श्रद्धालु ले गए अपने घर
फरधान। पौराणिक तीर्थ स्थल देवकली में बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर पर मंगलवार को नाग पंचमी के मेले में भक्तों की भीड़ लगी रही। शिव भक्तों ने रुद्राभिषेक करके सर्प दोष मुक्ति के लिए हवन किया।
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आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया कि बाबा देवेश्वर नाथ शिव मंदिर में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की गई। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने सूर्य कुंड और सर्प कुंड में स्नान किया। वहां की मिट्टी अपने घरों में ले गए। वहीं नेपाली बाबा के आश्रम पर काल सर्प योग के निदान के लिए अनुष्ठान हुआ। दूरदराज से आए शिव भक्त देर शाम तक काल सर्प दोष मुक्ति के लिए हवन-पूजन कराते रहे। बाबा देवश्वर नाथ मंदिर की सुमेर गिरि, राजेश गिरि, आचार्य प्रमोद देखरेख करते हैं। संवाद
पहली बार नाग पंचमी के दिन नहीं दिखे सपेरे
सावन के तीसरे सोमवार 28 जुलाई को नाग उपासना के लिए प्रसिद्ध देवकली तीर्थ पर सपेरों का मेला लगा था। श्रद्धालुओं को सर्प दर्शन के दौरान बाहर से आए दो श्रद्धालुओं के बच्चों की अंगुली में सांप ने डस लिया था। इस कारण मेले में अफरातफरी का माहौल बन गया था, दोनों बच्चों को सपेरों ने दवा दी और नजदीकी सीएचसी में भी इलाज के लिए भेजा गया। घटना के कारण 29 जुलाई को सपेरों को मेले से भगा दिया गया। पुजारी सुमेर गिरि ने बताया कि दोनों बच्चों की हालत ठीक है।
नाग पंचमी पर हुआ सामूहिक कालसर्प योग शांति महापूजन एवं रुद्राभिषेक
धौरहरा। तहसील क्षेत्र के कफारा स्थित प्राचीन श्री लीला नाथ सरोवर परिसर में सामूहिक पार्थिव रुद्राभिषेक एवं कालसर्प योग शांति पूजा का आयोजन किया गया। पूजा में 108 जोड़े शामिल हुए।
धौरहरा तहसील क्षेत्र के कफारा स्थित प्राचीन श्री लीलानाथ मंदिर सरोवर परिसर में सामूहिक 108 पार्थिव रुद्राभिषेक एवं कालसर्प योग शांति महापूजन का आयोजन ज्योतिषाचार्य पंडित हरीश अवस्थी ने किया। आयोजन में 108 जोड़े शामिल हुए। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीलीलानाथ शिव का जलाभिषेक किया। वहीं धौरहरा के नागेश्वर नाथ मंदिर, नारायणेश्वर नाथ मंदिर, जंगली नाथ मंदिर, सिद्धेश्वर नाथ मंदिर ईसानगर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। संवाद
सुखबसा में लगा नाग पंचमी मेला
पसगवां। ग्राम सुखबसा में मंगलवार को नाग पंचमी मेला लगा। आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मेला देखने पहुंचे। भक्तों ने नाग देवता की पूजा की। सुरक्षा की दृष्टि से मेला में पुलिस फोर्स तैनात रहा। संवाद

सामूहिक रूद्राभिषेक,कालसर्प योग पूजन करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : मसान की होली खेलते श्रद्धालु।

सामूहिक रूद्राभिषेक,कालसर्प योग पूजन करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : मसान की होली खेलते श्रद्धालु।

सामूहिक रूद्राभिषेक,कालसर्प योग पूजन करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : मसान की होली खेलते श्रद्धालु।