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फूलों की खेती से जीवन महका रहे नईम और सादिक

Mon, 13 Dec 2021 12:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 13 Dec 2021 12:51 AM IST
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Naeem and sadiq are enjoying life with floriculture
फूलों के खेत में नईम और सादिक - फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ। परंपरागत ढंग की खेती से ऊपर उठकर कुछ नया करने की धुन ने नईम और सादिक खां को ऐसी राह दिखाई कि खेती से न केवल उनका मुनाफा बढ़ा, बल्कि जीवन भी खुशियों से महक उठा। उनका कहना है कि धान, गेहूं, गन्ना से हटकर छोटे काश्तकारों के लिए फूलों की खेती बेहद मुफीद है।
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राजेंद्र नगर कॉलोनी निवासी नईम खां और सादिक खां भूतनाथ मंदिर के निकट पांच बीघा खेत ठेके पर लेकर तीन वर्षों से फूलों की खेती कर रहे हैं। खेत में उन्होंने गेंदा और गुलाब की पौध लगा रखी है। उनका कहना है कि शादी-ब्याह के सीजन में वह फूलों का ऑर्डर भी पूरा नहीं कर पाते हैं। सारा खर्च निकालकर 700 से 1000 रुपये की दैनिक आमदनी हो जाती है। प्रतिदिन खेत से ही 30 रुपये की दर से गेंदा और 100 रुपये प्रति किलो की दर से गुलाब की बिक्री हो जाती है।
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पौध एवं बीज वह लखनऊ एवं गाजियाबाद से लेते हैं। नियमित देखभाल से गुलाब का एक पौधा 10 वर्ष तक फूल देता रहता है। इसे वह रोजगार की तरह कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने गुलाब नगर में दो बीघा में गेंदा और डेढ़ बीघा में गुलाब लगा रखा है।
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फूलों की खेती के लिए एक बीघा जमीन भी पर्याप्त
फूलों की खेती के लिए एक, सवा बीघा जमीन भी पर्याप्त है। यदि जमीन अधिक है तो एक नर्सरी के तौर पर काम किया जा सकता है। फूलों की खेती का समय सितंबर से मार्च तक है, लेकिन अक्टूबर से फरवरी का समय के इसके लिए मुफीद है। फूलों की बुवाई सितंबर-अक्टूबर में की जाती है। गुलाब और गेंदा हर प्रकार की मिट्टी में लगाया जा सकता है। दोमट, मटियार भूमि अधिक उपयोगी है।

किसान यदि एक हेक्टेयर गेंदे की खेती करते हैं तो वार्षिक आमदनी एक से दो लाख रुपये तक बढ़ा सकते हैं। इतने ही क्षेत्र में गुलाब की खेती करते हैं तो आमदनी दोगुनी और गुलदाउदी की फसल से सात लाख रुपये आसानी से कमा सकते हैं। भारत की जलवायु हर प्रकार की फूल खेती के अनुकूल है। कम खेती वाले किसानों के लिए यह बहुत ही अधिक लाभदायक है और अच्छे आय का स्रोत है।
- विनीत सिंह भदौरिया, कृषि विशेषज्ञ
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