{"_id":"66a6b723632090fa7c0f74b6","slug":"mystery-of-electricians-death-not-solved-even-after-ten-days-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-125818-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: दस दिन बाद भी नहीं सुलझी बिजली मिस्त्री की मौत की गुत्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: दस दिन बाद भी नहीं सुलझी बिजली मिस्त्री की मौत की गुत्थी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। खमरिया पंडित के बिजली मिस्त्री प्रखर की मौत की गुत्थी दस दिन बाद भी अनसुलझी है। घटना के खुलासे को पुलिस ने एक संदिग्ध को नौ दिनों से कोतवाली धौरहरा में बिठा रखा। पुलिस पूछताछ ही करती रही, लेकिन जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
प्रखर मिश्रा की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत के मामले में षडयंत्र कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए चार लोगों में मोनू दीक्षित, शिवम पटेल, मनोज दीक्षित व राजदीप सिंघानिया एसबीआई बैंक खमरिया में मैनेजर को नामजद किया था। सभी की गिरफ्तारी को परिजनों ने पीलीभीत-बहराइच हाईवे पर बवाल कर उसे जाम कर दिया था। घटना के बाद से बैंक मैनेजर सहित दो अन्य आरोपी फरार हैं।
सूत्र बताते हैं कि एक संदिग्ध को 19 जुलाई को हिरासत में ले लिया था। परिजन घटना के सही खुलासे को लेकर एसपी गणेश प्रसाद साहा से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बता दें कि बिजली मिस्त्री प्रखर मिश्रा का शव छत से बरामद हुआ था। छत पर जाने को कोई जीना आदि नहीं है। चारों ओर सात से आठ फुट की दीवारें हैं। परिजनों का कहना था कि आखिर उसका शव घर की छत पर कैसे पहुंच गया। पुलिस भी इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में लगी है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
घटना को लेकर अभी तक कोई भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं। किसी भी आरोपी को कोतवाली में नहीं बिठाया गया है। पूछताछ के लिए जरूर कुछ लोगों को लाया गया था। जांच की जा रही है।
प्रीतमपाल सिंह, सीओ धौरहरा
विज्ञापन
प्रखर मिश्रा की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत के मामले में षडयंत्र कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए चार लोगों में मोनू दीक्षित, शिवम पटेल, मनोज दीक्षित व राजदीप सिंघानिया एसबीआई बैंक खमरिया में मैनेजर को नामजद किया था। सभी की गिरफ्तारी को परिजनों ने पीलीभीत-बहराइच हाईवे पर बवाल कर उसे जाम कर दिया था। घटना के बाद से बैंक मैनेजर सहित दो अन्य आरोपी फरार हैं।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि एक संदिग्ध को 19 जुलाई को हिरासत में ले लिया था। परिजन घटना के सही खुलासे को लेकर एसपी गणेश प्रसाद साहा से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बता दें कि बिजली मिस्त्री प्रखर मिश्रा का शव छत से बरामद हुआ था। छत पर जाने को कोई जीना आदि नहीं है। चारों ओर सात से आठ फुट की दीवारें हैं। परिजनों का कहना था कि आखिर उसका शव घर की छत पर कैसे पहुंच गया। पुलिस भी इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में लगी है।
विज्ञापन
घटना को लेकर अभी तक कोई भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं। किसी भी आरोपी को कोतवाली में नहीं बिठाया गया है। पूछताछ के लिए जरूर कुछ लोगों को लाया गया था। जांच की जा रही है।
प्रीतमपाल सिंह, सीओ धौरहरा