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गैंगस्टर के मामले में वांछित थे पलिया के रईस और आसिफ
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लखीमपुर खीरी। लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में दो महीने पहले जेल से छूटे पलियाकलां निवासी रईस और आसिफ अपने घरों पर रह रहे थे। दोनों गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित चल रहे थे। बृहस्पतिवार की रात नाका (लखनऊ) पुलिस दोनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की 18 अक्तूबर 2019 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एटीएस लखनऊ को पलियाकलां के मोहल्ला रंगरेजान निवासी आसिफ और मोहल्ला पठान निवासी रईस अहमद का हत्यारोपियों से कनेक्शन मिला था। एटीएस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि दोनों युवकों की बरेली के नावेद से दोस्ती थी। नावेद के कहने पर रईस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी गुजरात निवासी अशफाक और मोइनुद्दीन की मदद की थी। दस हजार रुपये, सिम और मोबाइल फोन मुहैया कराया था। इस मदद में उसका साथी आसिफ भी साथ रहा था। दोनों की मदद से ही मुख्य हत्य आरोपी नेपाल भाग गए थे। 26 अक्तूबर को एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रईस का भीरा-पलिया मार्ग पर मोबाइल सर्विस सेंटर था। दो महीने पहले दोनों जमानत पर रिहा हुए थे और घर पर रह रहे थे। उधर नाका (लखनऊ) पुलिस ने हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी, जिसमें दोनों वांछित थे। बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी पहुंची पुलिस टीम ने दोनों को घरों पर छापा मारकर गिरफ्तार कर ले गई।
पलिया निवासी रईस और आसिफ कमलेश हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए थे। दो महीने पहले जमानत पर छूटे थे। नाका थाने से गैंगस्टर के मामले में वांछित चल रहे थे। दोनों को लखनऊ पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।
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-पूनम, एसपी
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हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की 18 अक्तूबर 2019 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एटीएस लखनऊ को पलियाकलां के मोहल्ला रंगरेजान निवासी आसिफ और मोहल्ला पठान निवासी रईस अहमद का हत्यारोपियों से कनेक्शन मिला था। एटीएस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि दोनों युवकों की बरेली के नावेद से दोस्ती थी। नावेद के कहने पर रईस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी गुजरात निवासी अशफाक और मोइनुद्दीन की मदद की थी। दस हजार रुपये, सिम और मोबाइल फोन मुहैया कराया था। इस मदद में उसका साथी आसिफ भी साथ रहा था। दोनों की मदद से ही मुख्य हत्य आरोपी नेपाल भाग गए थे। 26 अक्तूबर को एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रईस का भीरा-पलिया मार्ग पर मोबाइल सर्विस सेंटर था। दो महीने पहले दोनों जमानत पर रिहा हुए थे और घर पर रह रहे थे। उधर नाका (लखनऊ) पुलिस ने हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी, जिसमें दोनों वांछित थे। बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी पहुंची पुलिस टीम ने दोनों को घरों पर छापा मारकर गिरफ्तार कर ले गई।
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पलिया निवासी रईस और आसिफ कमलेश हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए थे। दो महीने पहले जमानत पर छूटे थे। नाका थाने से गैंगस्टर के मामले में वांछित चल रहे थे। दोनों को लखनऊ पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।
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-पूनम, एसपी