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सांसद के प्रयास से दिव्यांगों को बंधी उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 16 May 2016 11:01 PM IST
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दिव्यांक
- फोटो : अमर उजाला
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मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए 120, कृत्रिम अंग के लिए 45 का हुआ परीक्षण
कानपुर और दिल्ली की टीम ने किया परीक्षण
सांसद अजय मिश्र टेनी के प्रयास से खीरी संसदीय क्षेत्र के 120 दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और 45 को कृत्रिम अंग लगने की उम्मीद बंधी है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ऐडिप योजना के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम कानपुर की टीम सोमवार को शहर के मौजी नसीरुद्दीन भवन के हाल में लगे शिविर में पहुंची और पहले से चयनित किए गए दिव्यांगों को परीक्षण किया। परीक्षण के बाद दिव्यांगों के चेहरे खिले नजर आए। शिविर में दिल्ली से आई टीम ने भी औपचारिकताएं पूरी कीं। शिविर में एलिम्को के पुनर्वास विशेषज्ञों ने कंप्यूराइज्ड फोटोग्राफी और चिकित्सीय परीक्षण किया। शिविर में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के चिकित्सकों की टीम में डॉ.आशीष सिंह, डॉ.अजय सिंह, डॉ.सुमित तोमर, डॉ.पवन सिंह आदि मौजूद रहे। शिविर में सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र त्रिपाठी, जीतू, संजय मिश्रा, अंबरीष सिंह, सुमित जायसवाल, मुदित अग्रवाल और सुरेंद्र कश्यप सहित तमाम लोग शामिल थे।
सांसद जी, अगली बार रैंप जरूर बनवा देना
मौजी नसीरुद्दीन भवन हाल में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सोमवार को सांसद के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा कृत्रिम अंग के लिए परीक्षण शिविर का आयोजन इस हाल में किया गया, लेकिन दिव्यांगों का शिविर होने के बाद भी कोई रैंप नहीं बनवाया गया, जिससे तमाम दिव्यांग हाल तक नहीं पहुंच पाए और बाकी घिसट घिसटकर किसी तरह सीढ़ियों पर चढ़कर गए। दिव्यांग संतोष कुमार, गुड्डू आदि ने कहा कि सांसद जी अगली बार कैंप लगे तो रैंप जरूर बनवा देना।
दिव्यांगों के चेहरे खिले
गांव कैमहरा निवासी 20 वर्षीय गुड्डू और ब्लाक नकहा के गांव बेड़नापुर निवासी 36 वर्षीय हरजेन्द्र सिंह ने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए पहले ही आवेदन किया था। शिविर में बुलावे पर आए थे। यहां सूची में भी उनका नाम था। परीक्षण हो गया है। उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने की पूरी उम्मीद है।
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मायूस होकर लौटा अनूप
जनपद पीलीभीत के पूरनपुर अंतर्गत कुर्रैया खुर्द निवासी अनूप कुमार के दोनों पैर निर्जीव हो गए हैं, जिससे वह चलने फिरने से असमर्थ पड़ा रहता है। अखबारों में शिविर की खबर सुनकर परिवार वालों के साथ किसी तरह यहां पहुंचा, लेकिन संसदीय क्षेत्र के इस शिविर में चयनित दिव्यांगों का ही परीक्षण किया गया। सांसद ने अनूप की बात सुनी और उसका नाम पता नोट करके मदद का आश्वासन भी दिया, लेकिन उसे मायूस होकर लौटना पड़ा।
एक महीने के भीतर लग जाएंगे कृत्रिम अंग
सांसद अजय मिश्र टेनी ने कहा है कि कृत्रिम अंगों के लिए 45 लोगों का परीक्षण किया गया है। सभी को एक महीने के भीतर कृत्रिम अंग दे दिए जाएंगे। इतना ही समय मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने में लगेगा। सांसद ने कहा कि एक कार्यक्रम में ही दिव्यांगों को यह दोनों सौगात दी जाएंगी।
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कानपुर और दिल्ली की टीम ने किया परीक्षण
सांसद अजय मिश्र टेनी के प्रयास से खीरी संसदीय क्षेत्र के 120 दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और 45 को कृत्रिम अंग लगने की उम्मीद बंधी है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ऐडिप योजना के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम कानपुर की टीम सोमवार को शहर के मौजी नसीरुद्दीन भवन के हाल में लगे शिविर में पहुंची और पहले से चयनित किए गए दिव्यांगों को परीक्षण किया। परीक्षण के बाद दिव्यांगों के चेहरे खिले नजर आए। शिविर में दिल्ली से आई टीम ने भी औपचारिकताएं पूरी कीं। शिविर में एलिम्को के पुनर्वास विशेषज्ञों ने कंप्यूराइज्ड फोटोग्राफी और चिकित्सीय परीक्षण किया। शिविर में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के चिकित्सकों की टीम में डॉ.आशीष सिंह, डॉ.अजय सिंह, डॉ.सुमित तोमर, डॉ.पवन सिंह आदि मौजूद रहे। शिविर में सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र त्रिपाठी, जीतू, संजय मिश्रा, अंबरीष सिंह, सुमित जायसवाल, मुदित अग्रवाल और सुरेंद्र कश्यप सहित तमाम लोग शामिल थे।
सांसद जी, अगली बार रैंप जरूर बनवा देना
मौजी नसीरुद्दीन भवन हाल में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सोमवार को सांसद के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा कृत्रिम अंग के लिए परीक्षण शिविर का आयोजन इस हाल में किया गया, लेकिन दिव्यांगों का शिविर होने के बाद भी कोई रैंप नहीं बनवाया गया, जिससे तमाम दिव्यांग हाल तक नहीं पहुंच पाए और बाकी घिसट घिसटकर किसी तरह सीढ़ियों पर चढ़कर गए। दिव्यांग संतोष कुमार, गुड्डू आदि ने कहा कि सांसद जी अगली बार कैंप लगे तो रैंप जरूर बनवा देना।
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दिव्यांगों के चेहरे खिले
गांव कैमहरा निवासी 20 वर्षीय गुड्डू और ब्लाक नकहा के गांव बेड़नापुर निवासी 36 वर्षीय हरजेन्द्र सिंह ने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए पहले ही आवेदन किया था। शिविर में बुलावे पर आए थे। यहां सूची में भी उनका नाम था। परीक्षण हो गया है। उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने की पूरी उम्मीद है।
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मायूस होकर लौटा अनूप
जनपद पीलीभीत के पूरनपुर अंतर्गत कुर्रैया खुर्द निवासी अनूप कुमार के दोनों पैर निर्जीव हो गए हैं, जिससे वह चलने फिरने से असमर्थ पड़ा रहता है। अखबारों में शिविर की खबर सुनकर परिवार वालों के साथ किसी तरह यहां पहुंचा, लेकिन संसदीय क्षेत्र के इस शिविर में चयनित दिव्यांगों का ही परीक्षण किया गया। सांसद ने अनूप की बात सुनी और उसका नाम पता नोट करके मदद का आश्वासन भी दिया, लेकिन उसे मायूस होकर लौटना पड़ा।
एक महीने के भीतर लग जाएंगे कृत्रिम अंग
सांसद अजय मिश्र टेनी ने कहा है कि कृत्रिम अंगों के लिए 45 लोगों का परीक्षण किया गया है। सभी को एक महीने के भीतर कृत्रिम अंग दे दिए जाएंगे। इतना ही समय मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने में लगेगा। सांसद ने कहा कि एक कार्यक्रम में ही दिव्यांगों को यह दोनों सौगात दी जाएंगी।