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Lakhimpur Kheri News: बाढ़ के बाद गांवों में मच्छरों का हमला
Sun, 04 Oct 2026 11:21 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:21 PM IST
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धौरहरा क्षेत्र के ओझापुरवा गांव में भरा पानी। संवाद
लखीमपुर खीरी। बाढ़ का पानी घटने के साथ ही प्रभावित गांवों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जलभराव और गंदगी के बीच ग्रामीणों में बुखार और त्वचा संबंधी संक्रमण की शिकायतें सामने आने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में अब तक मच्छररोधी दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। स्वास्थ्य शिविर भी नहीं लगाए गए हैं।
धौरहरा क्षेत्र के ईसानगर के ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, बंशीबेली, बनटुकरा, मिलिक, हरदी समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन मच्छररोधी दवा का छिड़काव नहीं कराया गया।
निघासन क्षेत्र के मंझलीपुरवा, बुद्धापुरवा, तमोलिनपुरवा, चंदनपुरवा, गौढ़ीपुरवा समेत सैकड़ों गांवों में भी जलभराव और गंदगी की स्थिति है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां वायरल बुखार, त्वचा संबंधी संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों की शिकायतें सामने आने लगी हैं।
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निघासन क्षेत्र के बुद्धापुरवा निवासी आरती देवी, काजल देवी और मंझलीपुरवा निवासी फूलमती, रामबहादुर, मीना देवी, जबकि संतराम पुरवा निवासी जयप्रकाश और सरस्वती देवी ने बताया कि उन्हें तीन दिन से बुखार आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के कारण शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके बावजूद कई बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए हैं। मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी नहीं होने से संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
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कई बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए हैं। मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
इतवारी निवासी ठुठवा
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तीन दिनों से बुखार आ रहा है। जलभराव के कारण गांव में मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है। खासकर शाम होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। इसके बाद भी छिड़काव नहीं कराया जा रहा है।
रामप्यारी, निवासी ओझापुरवा
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बाढ़ प्रभावित हरदी, सरसवा, डिहुआ आदि गांवों में शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जांच कर दवाएं वितरित की गई हैं। अन्य प्रभावित गांवों में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर रखी जा रही है।
डॉ. रवि सिंह, सीएचसी अधीक्षक, धौरहरा
बाढ़ प्रभावित सेमरापुरवा, जीतपुरवा, बैलहा, जनकपुर, बरसोला कलां समेत अन्य गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जांच की और दवाएं वितरित की हैं।
डॉ. कुलदीप कुमार, सीएचसी अधीक्षक, निघासन
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धौरहरा क्षेत्र के ईसानगर के ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, बंशीबेली, बनटुकरा, मिलिक, हरदी समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन मच्छररोधी दवा का छिड़काव नहीं कराया गया।
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निघासन क्षेत्र के मंझलीपुरवा, बुद्धापुरवा, तमोलिनपुरवा, चंदनपुरवा, गौढ़ीपुरवा समेत सैकड़ों गांवों में भी जलभराव और गंदगी की स्थिति है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां वायरल बुखार, त्वचा संबंधी संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों की शिकायतें सामने आने लगी हैं।
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निघासन क्षेत्र के बुद्धापुरवा निवासी आरती देवी, काजल देवी और मंझलीपुरवा निवासी फूलमती, रामबहादुर, मीना देवी, जबकि संतराम पुरवा निवासी जयप्रकाश और सरस्वती देवी ने बताया कि उन्हें तीन दिन से बुखार आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के कारण शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके बावजूद कई बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए हैं। मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी नहीं होने से संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
कई बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए हैं। मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
इतवारी निवासी ठुठवा
तीन दिनों से बुखार आ रहा है। जलभराव के कारण गांव में मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है। खासकर शाम होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। इसके बाद भी छिड़काव नहीं कराया जा रहा है।
रामप्यारी, निवासी ओझापुरवा
बाढ़ प्रभावित हरदी, सरसवा, डिहुआ आदि गांवों में शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जांच कर दवाएं वितरित की गई हैं। अन्य प्रभावित गांवों में भी स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर रखी जा रही है।
डॉ. रवि सिंह, सीएचसी अधीक्षक, धौरहरा
बाढ़ प्रभावित सेमरापुरवा, जीतपुरवा, बैलहा, जनकपुर, बरसोला कलां समेत अन्य गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जांच की और दवाएं वितरित की हैं।
डॉ. कुलदीप कुमार, सीएचसी अधीक्षक, निघासन

धौरहरा क्षेत्र के ओझापुरवा गांव में भरा पानी। संवाद

धौरहरा क्षेत्र के ओझापुरवा गांव में भरा पानी। संवाद