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Lakhimpur Kheri News: विदेशों से आई खजूर की 18 से अधिक किस्में
Thu, 19 Feb 2026 12:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:03 AM IST
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बाजार में दुकान पर रखी तरह-तरह की खजूर। संवाद
लखीमपुर खीरी। रमजान माह के आगमन से पहले शहर के बाजारों में खजूर की रौनक चरम पर है। विदेशों से आई 18 से अधिक किस्मों की खजूर से दुकानें सजी हुई हैं। रोजा इफ्तार में खजूर का विशेष महत्व होने के कारण इसकी मांग में तेजी आ गई है।
फल व्यापारियों के अनुसार, इस बार सऊदी अरब, दुबई, ईरान और इराक से खजूर की विभिन्न वेराइटी आई हैं। इनमें मेडजोल, अजवा (स्माल व जंबो), कलमी, अंबर, मबरूम, सुखरी, रब्बी, कीमिया, फर्द, डिग्लेटनूर, सगई, सफावी और मरियम जैसी प्रीमियम किस्में शामिल हैं।
दुकानदारों का कहना है कि कीमिया, सुखरी और कलमी की सबसे अधिक मांग है। ग्राहक स्वाद और गुणवत्ता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में खजूर 120 रुपये से लेकर 1600 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
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व्यापारियों फहीम, असगर, बादल साहनी, अनुज गुप्ता और बादशाह के अनुसार सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 5 से 6 किलो खजूर की बिक्री होती है, वहीं रमजान के दौरान यह बढ़कर 15 से 20 किलो तक पहुंच जाती है।
त्योहार की आहट के साथ बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है और खजूर की बहार से कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं।
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कौन सी खजूर कितने में
खजूर की किस्म
कीमत (प्रति किलो रुपये में)
अजवा (स्माल) 600–800
अजवा (जंबो) 1000–1400
मेडजोल 900–1400
कलमी 600–800
कीमिया 250–400
सुखरी 500–600
अंबर 800–1100
मबरूम 900–1100
फर्द 250–400
डिग्लेटनूर 400–500
(कीमतें गुणवत्ता और आकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं)
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फलों के दामों में भी बढ़ोतरी
रमजान में बढ़ती खरीदारी के चलते फलों के दामों में 20 से 50 रुपये प्रति किलो तक की तेजी दर्ज की जा रही है। कुछ दिन पहले 60 रुपये किलो में बिकने वाला अमरूद अब 120 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह सेब, केला और अंगूर के दामों में भी उछाल देखा जा रहा है। फल कारोबारी जावेद और दिलशाद का कहना है कि रमजान उनके लिए साल का सबसे व्यस्त और लाभकारी समय होता है। इस एक महीने में खजूर और फलों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है, जिससे कारोबार में अच्छा इजाफा होता है।
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ईरान तनाव का असर, सूखे मेवे महंगे
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब स्थानीय सूखे मेवा बाजार पर भी नजर आने लगा है। ईरान से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट और मखाना के दामों में 40 से 80 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों में कुछ किस्मों में 100 से 200 रुपये तक का उछाल आया है। खपरैल बाजार के कारोबारी मो. सलीम, बादशाह और शशांक गुप्ता ने बताया कि ईरान में जारी तनाव के चलते अंजीर, खजूर और पिस्ता की खेप समय पर नहीं पहुंच पा रही है। कई व्यापारियों ने फिलहाल नया माल मंगाना रोक दिया है, जिससे बाजार में सप्लाई घट गई है। सर्दी के मौसम और सहालग के चलते शगुन के लिए ड्राई फ्रूट्स की टोकरी की खरीदारी जारी है, जिससे बाजार कुछ हद तक संभला हुआ है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
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फल व्यापारियों के अनुसार, इस बार सऊदी अरब, दुबई, ईरान और इराक से खजूर की विभिन्न वेराइटी आई हैं। इनमें मेडजोल, अजवा (स्माल व जंबो), कलमी, अंबर, मबरूम, सुखरी, रब्बी, कीमिया, फर्द, डिग्लेटनूर, सगई, सफावी और मरियम जैसी प्रीमियम किस्में शामिल हैं।
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दुकानदारों का कहना है कि कीमिया, सुखरी और कलमी की सबसे अधिक मांग है। ग्राहक स्वाद और गुणवत्ता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में खजूर 120 रुपये से लेकर 1600 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
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व्यापारियों फहीम, असगर, बादल साहनी, अनुज गुप्ता और बादशाह के अनुसार सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 5 से 6 किलो खजूर की बिक्री होती है, वहीं रमजान के दौरान यह बढ़कर 15 से 20 किलो तक पहुंच जाती है।
त्योहार की आहट के साथ बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है और खजूर की बहार से कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं।
कौन सी खजूर कितने में
खजूर की किस्म
कीमत (प्रति किलो रुपये में)
अजवा (स्माल) 600–800
अजवा (जंबो) 1000–1400
मेडजोल 900–1400
कलमी 600–800
कीमिया 250–400
सुखरी 500–600
अंबर 800–1100
मबरूम 900–1100
फर्द 250–400
डिग्लेटनूर 400–500
(कीमतें गुणवत्ता और आकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं)
फलों के दामों में भी बढ़ोतरी
रमजान में बढ़ती खरीदारी के चलते फलों के दामों में 20 से 50 रुपये प्रति किलो तक की तेजी दर्ज की जा रही है। कुछ दिन पहले 60 रुपये किलो में बिकने वाला अमरूद अब 120 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह सेब, केला और अंगूर के दामों में भी उछाल देखा जा रहा है। फल कारोबारी जावेद और दिलशाद का कहना है कि रमजान उनके लिए साल का सबसे व्यस्त और लाभकारी समय होता है। इस एक महीने में खजूर और फलों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है, जिससे कारोबार में अच्छा इजाफा होता है।
ईरान तनाव का असर, सूखे मेवे महंगे
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब स्थानीय सूखे मेवा बाजार पर भी नजर आने लगा है। ईरान से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट और मखाना के दामों में 40 से 80 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों में कुछ किस्मों में 100 से 200 रुपये तक का उछाल आया है। खपरैल बाजार के कारोबारी मो. सलीम, बादशाह और शशांक गुप्ता ने बताया कि ईरान में जारी तनाव के चलते अंजीर, खजूर और पिस्ता की खेप समय पर नहीं पहुंच पा रही है। कई व्यापारियों ने फिलहाल नया माल मंगाना रोक दिया है, जिससे बाजार में सप्लाई घट गई है। सर्दी के मौसम और सहालग के चलते शगुन के लिए ड्राई फ्रूट्स की टोकरी की खरीदारी जारी है, जिससे बाजार कुछ हद तक संभला हुआ है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।

बाजार में दुकान पर रखी तरह-तरह की खजूर। संवाद