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मझगईं में हर तरफ शोक, रुक नहीं रहे घरवालों के आंसू
अमर उजाला ब्यूरो मझगईं।
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:15 PM IST
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हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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- रामनरेश के घरवालों पर टूटे दो-दो पहाड़
पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर हुए हादसे में मझगईं निवासी दो लोगों और मैलानी के बांकेगंज निवासी एक युवक की मौत से कस्बे में शोक छा गया। घरवालों के आंसू रुक नहीं रहे हैं। इसमें रामनरेश के घरवालों पर दामाद श्यामू की भी मौत से दो-दो पहाड़ टूट पड़े हैं।
हादसे में काल के गाल में समाए कस्बा निवासी 21 वर्षीय युवक रामनरेश दो भाई और एक बहन थे। एक भाई मानसिक मंदित है और बूढ़ी मां है। दर्जी गिरी कर वह अपना और घर का खर्च चलाने के साथ मानसिक मंदित भाई का इलाज करा रहा था। खेवनहार बेटे की मौत से मां सदमे में है। इस परिवार पर एक नहीं दो-दो गम के पहाड़ टूटे हैं। इस हादसे में उनका बांकेगंज निवासी दामाद श्यामू भी मौत का शिकार हो गया है। मृतक अटल कुमार की मां निर्मला देवी आंगनबाड़ी वर्कर हैं और पिता अशोक कुमार पूर्व प्रधान हैं। बेटे की मौत से उनका कलेजा ही फटा जा रहा है और सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। वह दोनों कलेजे के टुकडे़ के शव के साथ ही गए हुए हैं, घर पर ताला लगा हुआ है। इन परिवारों के साथ आस पड़ोसी और कस्बे के लोग भी गमगीन हैं और कस्बे में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
...हे भगवान शिवा को बचा ले
हादसे में जख्मी हुए 15 वर्षीय शिवा के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। पति कि मौत के बाद मां सीमा देवी बेटे शिवा और छोटे बेटे के साथ जिंदगी गुजार रही थीं। हादसे का समाचार मिलते ही उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है, वह जख्मी बेटे की जान बचाने की प्रार्थना भगवान से कर रहीं हैं।
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समय पर हो जाती जानकारी तो बच सकती थी जान
हादसे के बाद सभी घायल तीन घंटे हाईवे पर पडे़ रहे और इसकी खबर तीन घंटे बाद लोगों को लग पाई। लोगों मानना है कि अगर समय से पता लग जाता तो इनको बचाया भी जा सकता था। बताया जा रहा है कि हादसे में ज्यादा खून बहने और ठंड में तीन घंटे पड़े रहने से मौतें हुईं हैं।
गम के साथ लोगों को सबक भी दे रहा है यह हादसा
तीन नहीं एक बाइक पर चार सवारियां उड़ा रहीं थीं ट्रैफिक नियमों की धज्जियां
मृतक और जख्मी किसी के पास भी नहीं था हेलमेट
पलियाकलां। पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर हुआ यह दर्दनाक हादसा जहां गम दे गया है वहीं एक सबक भी। नियमों के विपरीत बाइक पर चार सवारियां थीं, शायद यही हादसे की वजह भी रही हो। चालक के पास हेलमेट भी नहीं था। हादसे में यह बात तो सामने आ ही गई है कि इसमें बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई। अर्से से सुरक्षित सफर के लिए लोगों को ट्रिपल राइडिंग न करने, हेलमेट लगाने की सलाह दी जाती है और इसके लिए समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन लोग इसके बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं हैं। इसी का जीता जागता नमूना पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर तिकोना फार्म के पास भी नजर आया। यहां एक बाइक पर तीन नहीं चार लोग सवार थे और यह हेलमेट भी नहीं लगाए हुए थे। जो कि ट्रैफिक नियमों की धज्जियां है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ यह तो पता नहीं लेकिन हो सकता है कि नियमों की उड़ रही यह धज्जियां ही इस हादसे में सहायक साबित हुईं हों। अगर सवारियां नियमों के अनुसार होतीं तो दो लोग इसमें सुरक्षित होते और हो सकता है कि यह हादसा होता ही नहीं। फिलहाल यह हादसा गम के साथ लोगों को सबक भी दे रहा है।
पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर हुए हादसे में मझगईं निवासी दो लोगों और मैलानी के बांकेगंज निवासी एक युवक की मौत से कस्बे में शोक छा गया। घरवालों के आंसू रुक नहीं रहे हैं। इसमें रामनरेश के घरवालों पर दामाद श्यामू की भी मौत से दो-दो पहाड़ टूट पड़े हैं।
हादसे में काल के गाल में समाए कस्बा निवासी 21 वर्षीय युवक रामनरेश दो भाई और एक बहन थे। एक भाई मानसिक मंदित है और बूढ़ी मां है। दर्जी गिरी कर वह अपना और घर का खर्च चलाने के साथ मानसिक मंदित भाई का इलाज करा रहा था। खेवनहार बेटे की मौत से मां सदमे में है। इस परिवार पर एक नहीं दो-दो गम के पहाड़ टूटे हैं। इस हादसे में उनका बांकेगंज निवासी दामाद श्यामू भी मौत का शिकार हो गया है। मृतक अटल कुमार की मां निर्मला देवी आंगनबाड़ी वर्कर हैं और पिता अशोक कुमार पूर्व प्रधान हैं। बेटे की मौत से उनका कलेजा ही फटा जा रहा है और सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। वह दोनों कलेजे के टुकडे़ के शव के साथ ही गए हुए हैं, घर पर ताला लगा हुआ है। इन परिवारों के साथ आस पड़ोसी और कस्बे के लोग भी गमगीन हैं और कस्बे में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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...हे भगवान शिवा को बचा ले
हादसे में जख्मी हुए 15 वर्षीय शिवा के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। पति कि मौत के बाद मां सीमा देवी बेटे शिवा और छोटे बेटे के साथ जिंदगी गुजार रही थीं। हादसे का समाचार मिलते ही उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है, वह जख्मी बेटे की जान बचाने की प्रार्थना भगवान से कर रहीं हैं।
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समय पर हो जाती जानकारी तो बच सकती थी जान
हादसे के बाद सभी घायल तीन घंटे हाईवे पर पडे़ रहे और इसकी खबर तीन घंटे बाद लोगों को लग पाई। लोगों मानना है कि अगर समय से पता लग जाता तो इनको बचाया भी जा सकता था। बताया जा रहा है कि हादसे में ज्यादा खून बहने और ठंड में तीन घंटे पड़े रहने से मौतें हुईं हैं।
गम के साथ लोगों को सबक भी दे रहा है यह हादसा
तीन नहीं एक बाइक पर चार सवारियां उड़ा रहीं थीं ट्रैफिक नियमों की धज्जियां
मृतक और जख्मी किसी के पास भी नहीं था हेलमेट
पलियाकलां। पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर हुआ यह दर्दनाक हादसा जहां गम दे गया है वहीं एक सबक भी। नियमों के विपरीत बाइक पर चार सवारियां थीं, शायद यही हादसे की वजह भी रही हो। चालक के पास हेलमेट भी नहीं था। हादसे में यह बात तो सामने आ ही गई है कि इसमें बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई। अर्से से सुरक्षित सफर के लिए लोगों को ट्रिपल राइडिंग न करने, हेलमेट लगाने की सलाह दी जाती है और इसके लिए समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन लोग इसके बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं हैं। इसी का जीता जागता नमूना पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर तिकोना फार्म के पास भी नजर आया। यहां एक बाइक पर तीन नहीं चार लोग सवार थे और यह हेलमेट भी नहीं लगाए हुए थे। जो कि ट्रैफिक नियमों की धज्जियां है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ यह तो पता नहीं लेकिन हो सकता है कि नियमों की उड़ रही यह धज्जियां ही इस हादसे में सहायक साबित हुईं हों। अगर सवारियां नियमों के अनुसार होतीं तो दो लोग इसमें सुरक्षित होते और हो सकता है कि यह हादसा होता ही नहीं। फिलहाल यह हादसा गम के साथ लोगों को सबक भी दे रहा है।