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दूध और देसी घी वितरण की योजना पहले महीने ही धड़ाम

Thu, 25 Feb 2021 11:36 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 11:36 PM IST
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Milk and desi ghee distribution plans in the first month
लखीमपुर खीरी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्रियों के पोषाहार वितरण की व्यवस्था में फेरबदल किया गया है। शासन ने पोषाहार पदार्थों की आपूर्ति की जिम्मेदारी नैफेड को सौंपी है, जो आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ब्लॉक स्थित परियोजना कार्यालयों पर करेगा। वहीं एक माह पहले जनवरी में शुरू हुई देसी घी और दूध पाउडर वितरण योजना को बंद कर दिया गया है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण मिटाने की मुहिम दशकों से चलाई जा रही है, लेकिन आज भी इनमें योजनाएं कुछ महीनों बाद ही ही दम तोड़ रही हैं। जनपद में ड्राई राशन वितरण व्यवस्था अक्तूबर 2020 में शुरू हुई थी, जिसमें प्रतिमाह लाभार्थियों को गेहूं, चावल और दाल का वितरण किया जाना है।
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हालात इसके उलट रहे, जिससे नवंबर 2020 में एक बार ड्राई राशन का वितरण स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर कराया गया, जिसके बाद ड्राई राशन की आपूर्ति दोबारा नहीं की जा सकी। जो एक माह का राशन मिला भी, तो उसकी मात्रा कम होने से 10 प्रतिशत लाभार्थी वंचित रह गए हैं। तीन से छह वर्ष उम्र के बच्चों को दाल और देसी घी की आपूर्ति नहीं की गई है। नवंबर 2020 में देसी घी और दूध पाउडर का वितरण कराया जाना था, लेकिन इसकी आपूर्ति जनवरी 2021 में की गई। इसका वितरण जनवरी से फरवरी के पहले पखवाड़े तक हुआ, लेकिन इसमें भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई।
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करीब 300 केंद्रों पर देसी घी और दूध पाउडर नहीं बांटे जाने की शिकायतें विभाग को मिली हैं। इस तरह छह माह में केवल एक बार ड्राई राशन, देसी घी और दूध की आपूर्ति की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि निदेशालय ने अब नई व्यवस्था के तहत सहकारी संस्था नैफेड से सामग्री आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत दलिया (गेहूं), चावल (फोर्टिफाइड), चना दाल और फोर्टिफाइड सरसों या सोयाबीन तेल का वितरण लाभार्थियों को किया जाएगा। नैफेड को फरवरी में ही खाद्य सामग्री की आपूर्ति करनी थी, लेकिन अभी तक आपूर्ति न किए जाने से लाभार्थियों को इस माह में खाद्य सामग्री नहीं मिल पाएगी।

पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या
1. सात माह से तीन वर्ष तक कुपोषित बच्चे - 230871
2. तीन से छह वर्ष तक - 177179
3. अतिकुपोषित बच्चे - 19118
4. गर्भवती व धात्री महिलाएं - 105282
5. किशोरी बालिका - 9162

लाभार्थियों को नहीं मिल पाया घी और दूध
भीखमपुर। कस्बे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के यहां हुए घी और दूध के वितरण में सभी बच्चों को न मिलने से लोगों में निराशा दिखी। तीन से छह वर्ष के 57 बच्चों में 31 को दूध वितरण और सात माह से तीन वर्ष के 67 बच्चों में 49 बच्चों का दूध, घी दिया गया। गर्भवती धात्री, किशोरी 30 में 26 को दूध घी बांटा गया। जिन बच्चों को घी और दूध नही मिल पाया वह निराश होकर चले गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विमला देवी ने बताया कि जितना खाद्यान्न था वह बांटा गया।

रोशननगर। ब्लाक बांकेगंज की ग्राम पंचायत रोशननगर में गर्भवती, धात्री और सात माह से तीन वर्ष तक के बच्चो को घी, दाल वितरण किया। प्रेरणा रोशन समूह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश पांडे, कमरुनिशा को दूध पाउडर नहीं मिला उनमें रोष है। संवाद
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