फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Migratory birds started returning to their homeland from Dudhwa park

Lakhimpur Kheri: गर्मी शुरू होते ही अपने वतन लौटने लगे प्रवासी परिंदे, हजारों किमी की उड़ान भर आते हैं दुधवा

Thu, 16 Mar 2023 05:38 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 16 Mar 2023 05:38 PM IST
सार

सर्दी में दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल, बफरजोन मैलानी रेंज की नगरिया समेत जिले के लगभग सभी जलाशय प्रवासी परिंदों से गुलजार हो जाते हैं। गर्मी शुरू होते ही इनका वापसी शुरू हो जाती है। 

विज्ञापन
Migratory birds started returning to their homeland from Dudhwa park
दुधवा में प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के जलाशयों, झीलों समेत किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल और मैलानी रेंज की नगरिया झील में हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर आए प्रवासी परिंदे अब अपने वतन लौटने लगे हैं। इस बार गर्मी देर से शुरू होने के कारण प्रवासी परिंदों का लौटना मार्च के मध्य सप्ताह से शुरू हुआ है। हजारों पक्षियों के कई झुंड पिछले पांच-छह दिनों में उड़ान भर चुके हैं।

विज्ञापन


सर्दी के मौसम में ठंडे देशों का तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच जाता है। झीलों का पानी जमकर बर्फ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में पक्षियों के आवास और भोजन की समस्या पैदा होती है। ठंडे देशों में यह मौसम इनके प्रजनन के लिए भी अनुकूल नहीं रहता। तब यह भारत जैसे गर्म देशों में आ जाते हैं। तराई क्षेत्र में बड़ी संख्या में झीलें और तालाब हैं, जो इनके प्रवास स्थल बनते हैं। 
विज्ञापन


एक रिश्ता ऐसा भी: इरशाद ने 'दुर्गा' को पाला, फुटबॉल की शौकीन, खेलने के लिए महावत को चारपाई से उठा देती है
विज्ञापन
विज्ञापन


किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल, दुधवा के भादी-ताल इनकी पसंदीदा है। यहां इन्हें अनुकूल प्राकृतिक आवास, प्रजनन का अनुकूल वातावरण मिलता है। जिन दिनों यह विदेशी पक्षी यहां प्रवास करते हैं उन दिनों यहां पक्षी प्रेमियों, सैलानियों और नेचर फोटोग्राफरों का भी जमावाड़ा रहता है। जो कई-कई दिनों तक यहां रूककर पक्षियों की गतिविधियों का अध्ययन करते हैं।

प्रवासी पक्षियों से गुलजार रहते हैं जलाशय

सर्दी में दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल, बफरजोन मैलानी रेंज की नगरिया समेत जिले के लगभग सभी जलाशय प्रवासी परिंदों से गुलजार हो जाते हैं। यहां हर साल मध्य एशिया और यूरोप के ठंडे देशों से विभिन्न प्रजातियों के पक्षी हजारों किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर तराई के जलाशयों में आते हैं। यह पक्षी ठंडे देशों से यह पक्षी नवंबर से आना शुरू होते हैं और चार माह यहां प्रवास करने के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह तक अपने वतन लौट जाते हैं।

10 हजार किलोमीटर का सफर कर दुधवा पहुंचते हैं प्रवासी पक्षी

प्रवासी परिंदे 10 हजार किलोमीटर का सफर तय करके साइबेरिया पहुंचते हैं। वहां से ये लद्दाख, भूटान,अरूणांचल प्रदेश औ कश्मीर होते हुए तराई के जलाशयों में पहुंचते हैं। यूक्रेन के प्रवासी परिंदे भी चीन, तिब्बत और लद्दाख होते हुए यहां पहुंचते हैं। गुर्चिया बत्तख, ब्राहमानी डक, मून हेन, ग्रे लेग गूज, टस्टेड डक समेत कई प्रजातियों के पक्षी हजारों की संख्या में यहां आते हैं।

गर्मी की दस्तक के साथ ही ठंडे देशों आने वाले प्रवासी परिंदो की वापसी शुरू हो गई है। अब तक बड़ी संख्या में प्रवासी परिंदे वापस जा चुके हैं, जो बचे हैं वे वापसी की उड़ान भरने की तैयार में हैं। टाइगर रिजर्व के जलाशयों में तीन माह प्रवास के दौरान प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं।
- बी प्रभाकर, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक / एफडी,दुधवा टाइगर रिजर्व।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed