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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Medical team reaches bahraich from helicopter for again doing postmortem of deceased in Lakhimpur Violence

लखीमपुर खीरी: दोबारा पोस्टमार्टम के लिए हेलीकॉप्टर से बहराइच पहुंची मेडिकल टीम, पूरा गांव बना छावनी

Tue, 05 Oct 2021 10:23 PM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Published by: प्राची प्रियम Updated Tue, 05 Oct 2021 10:23 PM IST
सार

बीच में एक क्षण तो लगा कि मामला खत्म हो गया, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आखिर तक परिवार दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात पर अडिग रहा। एसपी से लेकर एडीजी तक जब परिवार को नहीं मना सके तो शासन को अवगत कराया गया। मामला और तूल न पकड़े, इसके लिए तत्काल लखनऊ से दोबारा पोस्टमार्टम करने के लिए मेडिकल टीम हेलीकॉप्टर से भेज दी गई। 

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विस्तार

लखीमपुर खीरी में हिंसा व तनाव खत्म करने में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने अहम भूमिका निभाई, लेकिन बहराइच जिले में जब मृत किसान के परिजन आक्रोशित हुए तो उनको मनाने के लिए एडीजी गोरखपुर से लेकर एसपी तक के प्रयास काम नहीं आए। आखिरकार शाम को दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात पर सहमति बनी और लखनऊ से मेडिकल टीम को पोस्टमार्टम के लिए बुलाया गया जो देर शाम हेलीकॉप्टर से बहराइच पहुंच गई। हालांकि, अभी तक पोस्टमार्टम शुरू नहीं कराया गया है।  
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लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान मटेरा थाना क्षेत्र के मोहरनिया गांव निवासी किसान गुरुविंदर सिंह की मौत हो गई थी। शव रविवार देर शाम आवास पहुंचा। सोमवार को अंतिम संस्कार होना तय हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को नहीं मिली जिससे परिजन नाराज हो गए और अंतिम संस्कार न करने का एलान कर दिया। 
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यह सुनते ही डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व एसपी सुजाता सिंह पहुंच गईं। कुछ देर बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। सभी का कहना है कि किसान की मौत सिर में गोली लगने से हुई है जबकि रिपोर्ट में इसका हवाला ही नहीं है। 
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यह सुन अधिकारियों में बेचैनी फैल गई और मान-मनौव्वल का प्रयास शुरू किया गया। एसपी नाकाम रहीं तो उन्होंने सूचना अपने आलाधिकारियों के साथ शासन को दी। शासन ने गोंडा से आईजी डॉ. राकेश सिंह व गोरखपुर से एडीजी अखिल कुमार को रवाना किया। दोपहर तक देवीपाटन मंडल के आईजी मृत किसान के आवास पहुंचे और उनको समझाने के लिए हर जतन कर डाला, लेकिन परिजन दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े रहे। 

तभी एडीजी पहुंचे और अंतिम संस्कार कराने के लिए मनाने लगे। बीच में एक क्षण तो लगा कि मामला खत्म हो गया, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आखिर तक परिवार दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात पर अडिग रहा। एसपी से लेकर एडीजी तक जब परिवार को नहीं मना सके तो शासन को अवगत कराया गया। मामला और तूल न पकड़े, इसके लिए तत्काल लखनऊ से दोबारा पोस्टमार्टम करने के लिए मेडिकल टीम हेलीकॉप्टर से भेज दी गई। 

पोस्टमार्टम हाउस जाने वाले रास्ते सील
मृत किसान के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाना है। ऐसे में पुलिस लाइंस परिसर और पोस्टमार्टम हाउस जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिए गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स का पहरा रहा। रास्तों को बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के आलावा किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। 

पूरा गांव बना छावनी
मटेरा थाने का मोहरनिया गांव पुलिस छावनी बना दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। राजनीतिक हलचल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के आवागमन ने गांव का पारा चढ़ा दिया है। राजनीति का केंद्र बना मोहरनिया गांव अब सभी के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है।
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