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एनसीआर में 100 मेहमानों में शादी, सहालग कारोबारियों की धड़कनें बढ़ीं
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लखीमपुर खीरी। वैवाहिक समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की बाध्यता से सहालग कारोबारी पहले से ही परेशान थे। अब उनके दिल्ली सहित एनसीआर में सौ लोगों के शामिल होने के नियम की जानकारी लगने से होश ही उड़ गए। उधर, शादी के कार्ड बांट चुके वर वधू पक्ष के लोग भी परेशान हो हैं। रविवार को यह सब अधिकारियों से लेकर अपने जानने वालों को फोन कर इसकी पुष्टि करने में लगे रहे। मगर, जब उन्हें जानकारी हुई कि यह नियम दिल्ली से जुड़े शहरों में लागू है तब जाकर राहत की सांस ली।
शासन ने कोरोना काल में अनलॉक के दौरान होने वाले समारोहों में दो सौ लोगों के शामिल होने का आदेश जारी किया। इससे वैवाहिक कारोबारियों से लेकर वर वधू पक्ष तक के लोग परेशान थे। जिन घरों में शादियां थी, उन्हें इस बात की चिंता थी कि किन मेहमानों को बुलाएं और किस किस को छोड़े। उधर, कारोबारियों को चिंता थी कि सीमित संख्या में मेहमानों को क्या खिलाएं और क्या बचाएं। फिलहाल होटल और मैरिज लॉन से जुडे़ कारोबारी शासन से पांच सौ की संख्या निर्धारित करने की निरंतर मांग कर रहे थे। इस बीच वैवाहिक समारोह में सौ लोगों के शामिल होने की सूचना लगते ही कारोबारियों के साथ वर वधू पक्ष के लोगों की धड़कने बढ़ गई। कारोबारियों को इस बात की चिंता हो गई कि व्यवसाय को लेकर पहले की संख्या कम थी, ऐसे में अब सौ लोगों की संख्या होने में कैसे क्या होगा। जबकि वर वधू पक्ष वाले इस बात को लेकर चिंतित थे कि शादी के कार्ड बंट चुके हैं। यदि संख्या सौ हुई तो शादी में आने वालों में से किसको जाने के लिए कहेंगे। ऐसे में सौ लोगों के शामिल होने वाली सूचना सही है या गलत, इसको लेकर दिन भर कारोबारियों के साथ वर वधू वाले अधिकारियों से लेकर लखनऊ में बैठे रिश्तेदारों को फोन कर इसकी पुष्टि करते रहे। जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि यह नियम सिर्फ दिल्ली से जुड़े शहरों में लागू है तब जाकर राहत की सांस ली।
.....
वैवाहिक समारोह में अचानक सौ लोगों के शामिल होने की सूचना लगते असमंजस की स्थिति बन गई। बुकिंग के अनुसार तैयारियां लगभग पूरी कर ली थी। मगर, जब जानकारी हुई कि यह नियम एनसीआर के लिए है तब जाकर जान में जान आई।
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-योगेश जोशी जिला उपाध्यक्ष, उत्सव लॉन एसोसिएशन लखीमपुर खीरी
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शासन ने कोरोना काल में अनलॉक के दौरान होने वाले समारोहों में दो सौ लोगों के शामिल होने का आदेश जारी किया। इससे वैवाहिक कारोबारियों से लेकर वर वधू पक्ष तक के लोग परेशान थे। जिन घरों में शादियां थी, उन्हें इस बात की चिंता थी कि किन मेहमानों को बुलाएं और किस किस को छोड़े। उधर, कारोबारियों को चिंता थी कि सीमित संख्या में मेहमानों को क्या खिलाएं और क्या बचाएं। फिलहाल होटल और मैरिज लॉन से जुडे़ कारोबारी शासन से पांच सौ की संख्या निर्धारित करने की निरंतर मांग कर रहे थे। इस बीच वैवाहिक समारोह में सौ लोगों के शामिल होने की सूचना लगते ही कारोबारियों के साथ वर वधू पक्ष के लोगों की धड़कने बढ़ गई। कारोबारियों को इस बात की चिंता हो गई कि व्यवसाय को लेकर पहले की संख्या कम थी, ऐसे में अब सौ लोगों की संख्या होने में कैसे क्या होगा। जबकि वर वधू पक्ष वाले इस बात को लेकर चिंतित थे कि शादी के कार्ड बंट चुके हैं। यदि संख्या सौ हुई तो शादी में आने वालों में से किसको जाने के लिए कहेंगे। ऐसे में सौ लोगों के शामिल होने वाली सूचना सही है या गलत, इसको लेकर दिन भर कारोबारियों के साथ वर वधू वाले अधिकारियों से लेकर लखनऊ में बैठे रिश्तेदारों को फोन कर इसकी पुष्टि करते रहे। जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि यह नियम सिर्फ दिल्ली से जुड़े शहरों में लागू है तब जाकर राहत की सांस ली।
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वैवाहिक समारोह में अचानक सौ लोगों के शामिल होने की सूचना लगते असमंजस की स्थिति बन गई। बुकिंग के अनुसार तैयारियां लगभग पूरी कर ली थी। मगर, जब जानकारी हुई कि यह नियम एनसीआर के लिए है तब जाकर जान में जान आई।
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-योगेश जोशी जिला उपाध्यक्ष, उत्सव लॉन एसोसिएशन लखीमपुर खीरी