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चार हजार से ज्यादा लोगों को नहीं मिल सकेगा व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना का लाभ
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लखीमपुर खीरी। राज्य सरकार ने पिछले चार दशक से चली आ रही व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना पर रोक लगा दी है। जिले के चार हजार से ज्यादा लोग अब इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। बेटियों की शादी के लिये गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को 20 हजार रुपये की धनराशि मिलती थी। लेकिन, इस साल इसके लिये शासन से बजट भी नहीं आया। जबकि, सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 79 लाख का बजट है। इसके तहत 150 विवाह कराए जा चुके हैं।
सरकार ने सामूहिक विवाह योजना पर बल देते हुए व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना को खत्म करने का फैसला लिया है। समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तरफ से हर साल व्यक्तिगत शादी अनुदान के लिये पात्र लोग ऑनलाइन आवेदन करते थे। मानक भी तय किए गए थे। गांवों में 46,080 रुपये व शहरों में 56560 रुपये सालाना आय वाले परिवार को इस योजना के तहत बेटियों की शादी के लिये 20 हजार रुपये का अनुदान मिलता था। इस साल भी इन तीनों विभागों को मिलाकर चार हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किए थे लेकिन इस साल न तो इन्हें योजना का कोई लाभ मिला और न ही अब आगे मिल सकेगा। सरकार ने भी इसे बंद करने का एलान किया है। इसके अलावा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था को भी हटाने के लिये कहा है।
व्यक्तिगत की बजाय सामूहिक विवाह योजना पर ज्यादा बल
लखीमपुर खीरी। सरकार की तरफ से किए गए नए एलान को लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर पांडेय ने बताया कि यद्यपि इससे जुड़ा कोई सर्कुलर उनके पास नहीं आया है, लेकिन सामूहिक विवाह योजना पर सरकार ज्यादा बल दे रही है। बताया कि व्यक्तिगत शादी योजना के तहत सामान्य और एससी के लिये समाज कल्याण, तो पिछड़ा वर्ग के लिये पिछड़ा वर्ग कल्याण व अल्पसंख्यक बेटियों के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बेटियों की शादी के लिये 20 हजार रुपये का अनुदान देते थे। इस साल समाज कल्याण में 1000, पिछड़ा वर्ग में 2446 व 1450 आवेदन आए, लेकिन इसके लिये शासन से कोई बजट नहीं मिला है। जबकि, सामूहिक विवाह के लिये 79 लाख का बजट है, जिसके तहत 150 विवाह कराये गए हैं।
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दिव्यांग कल्याण योजना में व्यक्तिगत अनुदान जारी
लखीमपुर खीरी। पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण निगम और दिव्यांग जनसशक्तिकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे वीरपाल ने बताया कि पिछड़ा वर्ग में 2446 और अल्पसंख्यक कल्याण में 1450 लोगों के आवेदन आए, लेकिन इस बार बजट न होने से किसी को लाभ नहीं मिला। जबकि, दिव्यांग बेटी व बेटे की शादी के लिये व्यक्तिगत अनुदान जारी है। उन्होंने बताया कि इस साल दो दिव्यांगों की शादियां हुई हैं। इसमें अगर लड़की दिव्यांग है और लड़का सही है तो 20 हजार रुपये, अगर लड़की सही है और लड़का दिव्यांग है तो 15 हजार रुपये और यदि लड़का और लड़की दोनों दिव्यांग हैं तो शादी के लिये 35 हजार की धनराशि मिलती है। कहा कि इसके लिये सब रजिस्ट्रार के यहां शादी को रजिस्टर कराना पड़ता है।
‘सामूहिक विवाह योजना पर सरकार का बल देना अच्छी पहल है। सभी वर्गों का एक साथ विवाह हो जाता है, जिससे उत्सव का माहौल और सामाजिकता बनी रहती है, वहीं सामूहिक विवाह में मिलने वाली धनराशि भी ज्यादा है, जो कि 51 हजार रुपये है। हर ब्लॉक पर इसका रजिस्टर मेनटेन कराया गया है। ब्लॉक स्तर से आवेदन आते हैं, और उसी ब्लॉक में समारोह पूर्वक सामूहिक विवाह किया जाता है। इस साल 79 लाख का बजट है और 150 लोगों के सामूहिक विवाह हुए हैं।’ - सुधांशु शेखर पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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सरकार ने सामूहिक विवाह योजना पर बल देते हुए व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना को खत्म करने का फैसला लिया है। समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तरफ से हर साल व्यक्तिगत शादी अनुदान के लिये पात्र लोग ऑनलाइन आवेदन करते थे। मानक भी तय किए गए थे। गांवों में 46,080 रुपये व शहरों में 56560 रुपये सालाना आय वाले परिवार को इस योजना के तहत बेटियों की शादी के लिये 20 हजार रुपये का अनुदान मिलता था। इस साल भी इन तीनों विभागों को मिलाकर चार हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किए थे लेकिन इस साल न तो इन्हें योजना का कोई लाभ मिला और न ही अब आगे मिल सकेगा। सरकार ने भी इसे बंद करने का एलान किया है। इसके अलावा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था को भी हटाने के लिये कहा है।
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व्यक्तिगत की बजाय सामूहिक विवाह योजना पर ज्यादा बल
लखीमपुर खीरी। सरकार की तरफ से किए गए नए एलान को लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर पांडेय ने बताया कि यद्यपि इससे जुड़ा कोई सर्कुलर उनके पास नहीं आया है, लेकिन सामूहिक विवाह योजना पर सरकार ज्यादा बल दे रही है। बताया कि व्यक्तिगत शादी योजना के तहत सामान्य और एससी के लिये समाज कल्याण, तो पिछड़ा वर्ग के लिये पिछड़ा वर्ग कल्याण व अल्पसंख्यक बेटियों के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग बेटियों की शादी के लिये 20 हजार रुपये का अनुदान देते थे। इस साल समाज कल्याण में 1000, पिछड़ा वर्ग में 2446 व 1450 आवेदन आए, लेकिन इसके लिये शासन से कोई बजट नहीं मिला है। जबकि, सामूहिक विवाह के लिये 79 लाख का बजट है, जिसके तहत 150 विवाह कराये गए हैं।
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दिव्यांग कल्याण योजना में व्यक्तिगत अनुदान जारी
लखीमपुर खीरी। पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण निगम और दिव्यांग जनसशक्तिकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे वीरपाल ने बताया कि पिछड़ा वर्ग में 2446 और अल्पसंख्यक कल्याण में 1450 लोगों के आवेदन आए, लेकिन इस बार बजट न होने से किसी को लाभ नहीं मिला। जबकि, दिव्यांग बेटी व बेटे की शादी के लिये व्यक्तिगत अनुदान जारी है। उन्होंने बताया कि इस साल दो दिव्यांगों की शादियां हुई हैं। इसमें अगर लड़की दिव्यांग है और लड़का सही है तो 20 हजार रुपये, अगर लड़की सही है और लड़का दिव्यांग है तो 15 हजार रुपये और यदि लड़का और लड़की दोनों दिव्यांग हैं तो शादी के लिये 35 हजार की धनराशि मिलती है। कहा कि इसके लिये सब रजिस्ट्रार के यहां शादी को रजिस्टर कराना पड़ता है।
‘सामूहिक विवाह योजना पर सरकार का बल देना अच्छी पहल है। सभी वर्गों का एक साथ विवाह हो जाता है, जिससे उत्सव का माहौल और सामाजिकता बनी रहती है, वहीं सामूहिक विवाह में मिलने वाली धनराशि भी ज्यादा है, जो कि 51 हजार रुपये है। हर ब्लॉक पर इसका रजिस्टर मेनटेन कराया गया है। ब्लॉक स्तर से आवेदन आते हैं, और उसी ब्लॉक में समारोह पूर्वक सामूहिक विवाह किया जाता है। इस साल 79 लाख का बजट है और 150 लोगों के सामूहिक विवाह हुए हैं।’ - सुधांशु शेखर पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी