शारदा का कहर: लखीमपुर खीरी के अहिराना गांव में एक और घर नदी में समाया, कटान से 30 परिवार हो चुके बेघर
लखीमपुर खीरी के अहिराना गांव में शारदा नदी का कटान जारी है। गांव के 75 घरों से 30 घर नदी में समा चुके हैं। बेघर हुए परिवार खुले आसमान के नीचे जिंदगी काटने को मजबूर हैं। उधर, ग्राम पंचायत रुरासुल्तानपुर में भी शारदा नदी कहर बरपा रही है।
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लखीमपुर खीरी के अहिराना गांव में शनिवार को एक और घर नदी में समा गया। गांव के घनश्याम का घर नदी के कटान से ढह गया। 15 दिनों में दो दर्जन से ज्यादा घर नदी में समा चुके हैं। आठ घर और तीन दिन पहले नदी में समा चुके प्राथमिक स्कूल के दो अतिरिक्त कक्ष गिरने की कगार पर हैं।
शारदा नदी के कटान से परेशान ग्रामीण खून पसीने से तैयार आशियाने से सामान बटोर कर गांव छोड़ रहे हैं। बारिश में घर-गृहस्थी का सामान निकालने और बचाने में मुश्किलें आ रही हैं। जबकि, सुनील, विनय कुमार, राधे श्याम, सुदर्शन, रामलाल, जगदीश और मंजू देवी के घर से नदी अब चंद कदम ही दूर है। नदी को करीब देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची है।
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ग्रामीणों को खाए जा रही चिंता
शनिवार को बारिश के बीच पीड़ितों को घरेलू सामान को सुरक्षित ठिकाने लगाने और महिलाओं को खाना बनाने में दुश्वारियां उठानी पड़ीं। कटान पीड़ित विनय कुमार ने बताया कि घर किसी भी समय कट सकता है। अगर एक और दरार फ़टी तो करीब आठ घर नदी में गिर जायेंगे। घर गृहस्थी का सामान ट्रॉली में भरते समय भीग रहा है। गांव में बचे लोगों की धड़कनें लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को चिंता सताई जा रही है कि अब कहां रहेंगे, कैसे परिवार को पालेंगे।
75 घरों में 30 घर समा चुके नदी में
इस वर्ष अहिराना गांव में करीब 75 घर थे। नदी 30 घर निगल चुकी है। पिछले वर्ष से अब तक करीब 38 पीड़ित मौलापुरवा में बसाये जा चुके हैं। इतने ही पीड़ित जगह जमीन की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। मौलापुरवा मे बसाये गये लोगो के लिए रास्ते की समस्या नई मुश्किल है। पीड़ितों का कहना है कि रास्ता संकरा होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली से सामान ढोने में दिक्कत हो रही है।
रुरासुल्तानपुर में भी हो रहा कटान
तहसील गोला की ग्राम पंचायत रुरासुल्तानपुर में भी शारदा नदी का कटान जारी है। बीते 24 घंटे में यहां दो घर और नदी में समा चुके हैं। उधर, डीएम के आदेश के बावजूद बेघर हुए ग्रामीणों के लिये राजस्व कर्मचारी तनसुखपुरवा में कोई जमीन खाली नहीं करा सके।