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मनोज कुमार ने कायम की ईमानदारी की मिसाल
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sun, 29 May 2016 12:10 AM IST
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मानवता
- फोटो : अमर उजाला
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रिक्शा चालक ने लौटाया 50 हजार के कैश से भरा बैग
बस पकड़ने के चक्कर में एक यात्री 50 हजार की नकदी और सामान से भरा बैग रिक्शे पर ही भूल गया। इस पर रिक्शा चालक मनोज कुमार ने बैग संभालकर रखा और यात्री के लौटने पर उसे वापस कर दिया। मनोज की इस इमानदारी का हर कोई कायल है।
दोपहर को पीलीभीत जिले के टंडोला पूरनपुर निवासी गुरविंदर सिंह अपनी मां सुखविंदर कौर के साथ लखीमपुर अपने मामा के यहां जा रहे थे। जब वह खुटार रोड प्राइवेट बस स्टाप पर बस से उतरे तो उन्होंने लखीमपुर के लिए बस लेने के लिए एक रिक्शा चालक को बुलाया और उस पर बैठकर वे दोनों सिनेमा चौराहा पर आए। वहां वे दोनों जल्दबाजी में अपना बैग रिक्शे पर छोड़कर बस में बैठ कर चले गए। जब उन्हें रास्ते में बैग की याद आई तो वह परेशान हो गए। दोनों पुन: गोला आए और कोतवाली आकर पुलिस को पूरी बात बताई तो सिपाही रामखेलावन और होमगार्ड देवेंद्र उन दोनों के साथ रिक्शा चालक को ढूंढने निकले।
सिनेमा चौराहे पर यात्रियों ने रिक्शा चालक को पहचान कर उससे बैग मांगा तो उसने अपने घर ले जाकर संभालकर रखे गए बैग को पुलिस के सामने यात्रियों को सौंप दिया। यात्री गुरविंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी मां के साथ पचास हजार रुपये बैग में लेकर अपने मामा को देने जा रहा था। बैग में रुपयों सहित उसका सारा सामान सुरक्षित मिल गया है।
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मनोज ने कहा, उसे मेहनत पर भरोसा
गोला गोकर्णनाथ। त्रिलोकगिरि निवासी रिक्शा चालक मनोज कुमार ने बताया कि रिक्शे पर बैग देखकर उसने काफी दूरी तक बस का पीछा किया। न मिलने पर बैग उसने घर पर रख दिया। उसे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा है। उसका मानना है कि मेहनत और ईमानदारी से कमाया गया धन परिवार की उन्नति में सहायक होता है।
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बस पकड़ने के चक्कर में एक यात्री 50 हजार की नकदी और सामान से भरा बैग रिक्शे पर ही भूल गया। इस पर रिक्शा चालक मनोज कुमार ने बैग संभालकर रखा और यात्री के लौटने पर उसे वापस कर दिया। मनोज की इस इमानदारी का हर कोई कायल है।
दोपहर को पीलीभीत जिले के टंडोला पूरनपुर निवासी गुरविंदर सिंह अपनी मां सुखविंदर कौर के साथ लखीमपुर अपने मामा के यहां जा रहे थे। जब वह खुटार रोड प्राइवेट बस स्टाप पर बस से उतरे तो उन्होंने लखीमपुर के लिए बस लेने के लिए एक रिक्शा चालक को बुलाया और उस पर बैठकर वे दोनों सिनेमा चौराहा पर आए। वहां वे दोनों जल्दबाजी में अपना बैग रिक्शे पर छोड़कर बस में बैठ कर चले गए। जब उन्हें रास्ते में बैग की याद आई तो वह परेशान हो गए। दोनों पुन: गोला आए और कोतवाली आकर पुलिस को पूरी बात बताई तो सिपाही रामखेलावन और होमगार्ड देवेंद्र उन दोनों के साथ रिक्शा चालक को ढूंढने निकले।
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सिनेमा चौराहे पर यात्रियों ने रिक्शा चालक को पहचान कर उससे बैग मांगा तो उसने अपने घर ले जाकर संभालकर रखे गए बैग को पुलिस के सामने यात्रियों को सौंप दिया। यात्री गुरविंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी मां के साथ पचास हजार रुपये बैग में लेकर अपने मामा को देने जा रहा था। बैग में रुपयों सहित उसका सारा सामान सुरक्षित मिल गया है।
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मनोज ने कहा, उसे मेहनत पर भरोसा
गोला गोकर्णनाथ। त्रिलोकगिरि निवासी रिक्शा चालक मनोज कुमार ने बताया कि रिक्शे पर बैग देखकर उसने काफी दूरी तक बस का पीछा किया। न मिलने पर बैग उसने घर पर रख दिया। उसे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा है। उसका मानना है कि मेहनत और ईमानदारी से कमाया गया धन परिवार की उन्नति में सहायक होता है।