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मंझरा पूरब: ढाई महीने में बाघों ने ली चार लोगों की जान

Sat, 10 Jun 2023 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:03 AM IST
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Manjhara East: Tigers killed four people in two and a half months
तिकुनिया। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की उत्तर निघासन रेंज के मझरापूरब इलाके में डेरा जमाए बाघ ढाई माह के अंदर चार लोगों की जान ले चुके हैं। अभी तक यह पता नहीं लगाया जा सका है कि एक ही बाघ हमला कर रहा है या कई बाघ इलाके में सक्रिय हैं। ताबड़तोड़ हो रहीं घटनाओं और वन विभाग की लचर कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में रोष है। दहशत के कारण किसानों की खेती बाड़ी चौपट हो रही है।
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पिछले साल करीब छह लोगों की जान लेने के बाद वन विभाग ने जुलाई माह में एक बाघ और एक बाघिन को पिंजरे में कैद किया था। जांच में बाघ को निर्दोष पाया गया तो उसे फिर जंगल में छोड़ दिया गया, जबकि बाघिन के कैनाइन दांत टूटे पाए गए। जिससे अनुमान लगाया गया कि आसान शिकार के लिए वह इंसानों पर हमला कर रही थी। इसके बाद उसे लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया गया। इसके बाद करीब नौ महीने तक राहत रही। मार्च के अंत में एक बार फिर बाघ हमलों का सिलसिला शुरू हो गया।
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कब-कब हुए हमले
27 मार्च 2023-खैरटिया निवासी कश्मीर सिंह पर बाघ ने हमला बोलकर गंभीर घायल कर दिया।
08 अप्रैल 2023- नेपाली नागरिक पवन को बाघ ने घायल किया।
13 अप्रैल 2023-मंझरा पूरब निवासी कुलवंत सिंह को गन्ना छीलते समय बाघ ने घायल किया।
23 मई 2023-को ढखेरवा निवासी महबूब आलम को बाघ ने घायल किया।
23 मई 2023 को मक्खन सिंह निवासी मंझरा पूरब पूरब को घायल किया।
31 मार्च 2023 को बाबापुरवा निवासी प्रीतम सिंह को बाघ ने मौत के घाट उतारा।
18 अप्रैल 2023 को खैरटिया निवासी हरमेश सिंह को बाघ ने निवाला बनाया।
23 अप्रैल 2023 को सहनखेड़ा निवासी आकाश दिवाकर को निवाला बनाया।
08 जून 2023 को मंझरा पूरब के औधहिया गांव निवासी शिवकुमार को बाघ ने हमला कर मार डाला।

दो वर्षों में 37 लोग बन चुके हैं बाघ का शिकार
तिकुनिया। मंझरा पूरब जंगल के बाघ बीते दो वर्षों में 37 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन के बाद अभी तक केवल एक बाघिन को पकड़कर वन विभाग ने चिड़ियाघर में भेजा है। मंझरा पूरब गांव के पूर्व प्रधान जसवंत यादव बताते हैं बाघों को रोकने का वन विभाग ने कोई पुख्ता इंतजाम कभी नहीं किया। केवल आश्वासन और मुआवजे से ही काम चलाया गया। इसके चलते अब तक मंझरा पूरब, दलराजपुर, खैरटिया बाबापुरवा के 37 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
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सभी मृतक आश्रितों को मिला मुआवजा
अप्रैल 2023 में बाघ हमले में मारे गए मृतक आश्रितों को छोड़कर इससे पहले के सभी मृतक आश्रितों को वन विभाग की ओर से मुआवजा मुहैया कराया जा चुका है। कुछ आश्रितों को तहसील की ओर से जमीन के पट्टे भी दिए गए हैँ। ग्राम पंचायत मंझरा पूरब के प्रधान रामपाल बताते हैं कि जिन लोगों को बाघ ने घायल किया, उनको कोई मुआवजा नहीं दिया गया है लेकिन मृतकों के आश्रितों को मुआवजा दिया जा चुका है।
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