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मंडी के आढ़तियों ने भी बंद की धान खरीद
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:44 PM IST
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धान खरीद: जुगाड़ के आगे ऑनलाइन फीडिंग भी फेल
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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नई करेंसी उपलब्ध न होने से बिगड़ी अर्थव्यवस्था
मंगलवार तक आढ़तियों को करेंसी उपलब्ध होने की उम्मीद
500 और हजार के नोट बंद होने के बाद नई करेंसी की उपलब्धता न होने से राजापुर मंडी में आढ़तियों ने भी धान खरीद बंद कर दी है। करेंसी की कमी से जूझ रहे आढ़तियों के सामने किसानों को भुगतान करने की समस्या आड़े आ रही है। क्रय केंद्रों से मायूस किसान अब आढ़तियों के पास भी धान बेचने में असमर्थ हो गया है। आढ़तियों के संगठन मंत्री अमरीश गुप्ता ने मंगलवार को बैठक करने के बाद ही खरीद की बावत निर्णय लेने की बात कही है।
जिले में सरकारी धान क्रय केंद्रों पर पहले से ही किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे थे, जो मजबूरन मंडी में धान बेच रहे थे। अब वह भी कुछ दिनों के लिए बंद हो गई है। नकद भुगतान पाने की उम्मीद में किसानों को भुगतान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। बृहस्पतिवार को कई मंडी आढ़तियों को बैंक से रिलीफ नहीं मिली, जिसके बाद संगठन ने कुछ दिनों तक धान खरीद बंद करने का फैसला लिया है। मंडी सचिव उमेश कुमार यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, लेकिन अभी लिखित तौर पर सूचना नहीं मिली है। जिन व्यापारियों के पास भुगतान की व्यवस्था होगी, वह धान खरीद कर सकते हैं। क्योंकि मंडी खुली रहेगी। महामंत्री अमरीश गुप्ता ने कहा कि किसानों को भुगतान करने के लिए नई करेंसी उपलब्ध नहीं हो सकी है और न ही 100 के नोट उपलब्ध हो पा रहे हैं। धन निकासी के लिए जो सरकार ने गाइड लाइन जारी की है, उससे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीद शुरू करने के लिए मंगलवार को बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
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मंगलवार तक आढ़तियों को करेंसी उपलब्ध होने की उम्मीद
500 और हजार के नोट बंद होने के बाद नई करेंसी की उपलब्धता न होने से राजापुर मंडी में आढ़तियों ने भी धान खरीद बंद कर दी है। करेंसी की कमी से जूझ रहे आढ़तियों के सामने किसानों को भुगतान करने की समस्या आड़े आ रही है। क्रय केंद्रों से मायूस किसान अब आढ़तियों के पास भी धान बेचने में असमर्थ हो गया है। आढ़तियों के संगठन मंत्री अमरीश गुप्ता ने मंगलवार को बैठक करने के बाद ही खरीद की बावत निर्णय लेने की बात कही है।
जिले में सरकारी धान क्रय केंद्रों पर पहले से ही किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे थे, जो मजबूरन मंडी में धान बेच रहे थे। अब वह भी कुछ दिनों के लिए बंद हो गई है। नकद भुगतान पाने की उम्मीद में किसानों को भुगतान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। बृहस्पतिवार को कई मंडी आढ़तियों को बैंक से रिलीफ नहीं मिली, जिसके बाद संगठन ने कुछ दिनों तक धान खरीद बंद करने का फैसला लिया है। मंडी सचिव उमेश कुमार यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, लेकिन अभी लिखित तौर पर सूचना नहीं मिली है। जिन व्यापारियों के पास भुगतान की व्यवस्था होगी, वह धान खरीद कर सकते हैं। क्योंकि मंडी खुली रहेगी। महामंत्री अमरीश गुप्ता ने कहा कि किसानों को भुगतान करने के लिए नई करेंसी उपलब्ध नहीं हो सकी है और न ही 100 के नोट उपलब्ध हो पा रहे हैं। धन निकासी के लिए जो सरकार ने गाइड लाइन जारी की है, उससे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीद शुरू करने के लिए मंगलवार को बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
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