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प्राथमिक स्कूल में घुसा मगरमच्छ, हड़कंप
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बेलरायां। जौरहा नदी से निकलकर मगरमच्छ पड़ोस के गांव में पहुंच गया। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह गांव के प्राथमिक स्कूल में पहुंच गया। वन विभाग की टीम ने स्कूल से मगरमच्छ को पकड़कर जौराहा नदी में छोड़ दिया।
जौरहा नदी से कुछ दूरी पर गांव ग्राम पंचायत मोतीपुर का मझरा गांव भौका है। शुक्रवार की सुबह नदी से निकलकर मगरमच्छ गांव भौका में पहुंच गया। ग्रामीणों की नजर जब उस पर पड़ी तो उनमें हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर मगरमच्छ पड़ोस के प्राथमिक विद्यालय में पहुंच गया। इससे वहां भीड़ जुट गई। सूचना पर उत्तर निघासन की बेलरायां रेंज की टीम मौके पर पहुंच। टीम में शामिल वनदरोगा मुसीर अहमद, वन रक्षक आरके सिंह और वाचर अनवर व मुन्ना ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। बाद में उसे इच्छानगर के वन ब्लॉक में बह रही जौराहा नदी में छोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ मवेशियों का शिकार करने की फिराक में था, लेकिन ग्रामीणों की सक्रियता और हलचल को देख मगरमच्छ पड़ोस के प्राथमिक विद्यालय में जाकर छुप गया। उत्तर निघासन की बेलरायां रेंज के वनक्षेत्राधिकारी दिनेश बडोला ने बताया कि जौराहा नदी मगरमच्छों का घरौंदा है। इससे सटे आसपास के ताल पोखरों में पानी भरा हुआ है। इन्हीं के जरिए मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं। उन्होंने बताया कि भौका से पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब पांच फुट के आसपास थी।जिसे सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
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जौरहा नदी से कुछ दूरी पर गांव ग्राम पंचायत मोतीपुर का मझरा गांव भौका है। शुक्रवार की सुबह नदी से निकलकर मगरमच्छ गांव भौका में पहुंच गया। ग्रामीणों की नजर जब उस पर पड़ी तो उनमें हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर मगरमच्छ पड़ोस के प्राथमिक विद्यालय में पहुंच गया। इससे वहां भीड़ जुट गई। सूचना पर उत्तर निघासन की बेलरायां रेंज की टीम मौके पर पहुंच। टीम में शामिल वनदरोगा मुसीर अहमद, वन रक्षक आरके सिंह और वाचर अनवर व मुन्ना ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। बाद में उसे इच्छानगर के वन ब्लॉक में बह रही जौराहा नदी में छोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ मवेशियों का शिकार करने की फिराक में था, लेकिन ग्रामीणों की सक्रियता और हलचल को देख मगरमच्छ पड़ोस के प्राथमिक विद्यालय में जाकर छुप गया। उत्तर निघासन की बेलरायां रेंज के वनक्षेत्राधिकारी दिनेश बडोला ने बताया कि जौराहा नदी मगरमच्छों का घरौंदा है। इससे सटे आसपास के ताल पोखरों में पानी भरा हुआ है। इन्हीं के जरिए मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं। उन्होंने बताया कि भौका से पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब पांच फुट के आसपास थी।जिसे सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
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