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लखपेड़ा में होली, हिंदू और मुस्लिम एकता की मिसाल
मोहम्मदी
Updated Wed, 04 Mar 2015 04:54 PM IST
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कस्बे के अल्पसंख्यक बाहुल्य मोहल्ले पूर्वी लखपेड़ा में सदियों से होली जलाई जा रही है जोकि हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल है। मोहल्ले में मात्र चार घर हिंदुओं के हैं बावजूद इसके मुस्लिम समुदाय के सहयोग से यहां वर्षों से होलिका दहन होता आ रहा है जिसे कस्बे की बड़ी होली कहा जाता है। अच्छन के घर के पास होली जलती हैं इसमें पूरा मोहल्ला सहयोग करता है।
पूर्व वार्ड सदस्य मोहम्मद हनीफ कहते हैं कि इस त्योहार में मुस्लिम समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, लकड़ी भी मिलकर डालते हैं, पिछली बार दो क्विंटल लकड़ी उन्होंने दी थी। इस बार भी दो क्विंटल लकड़ी दी है। मोहल्ले में वैनी, विजय, मूलचंद्र और पप्पू के घर है। सुबह दोनों धर्मों के लोग होली के पास एकत्र होते हैं। यहां तक कि अच्छन, इंतजार, इदरीश अपने घरों को आग से बचाने के लिए छतों पर पानी स्टोर कर लेते हैं।
मोहम्मद ताहिर कहते हैं कि ये नगर की सबसे बड़ी होली कही जाती है। हम लोग होली पर फूल भी डालते हैं। होलिका दहन के बाद उसमें आलू भूनकर पूरा लुत्फ उठाते हैं। वार्ड सदस्य आशिया बेगम का कहना है कि पालिका की ओर से सभी होली में इस बार लकड़ी डाली जाएगी।
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नगर में मोहल्ला भीतर मोहम्मदी, गुलौली रोड, कहरौला, शुक्लापुर, देवीस्थान मंदिर के पास, शंकरपुर, इस्लामाबाद, बबौरी, छोटी देवी मंदिर के पास, बाजारगंज सहित 16 स्थानों पर होली जलाई जा रही है।
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पूर्व वार्ड सदस्य मोहम्मद हनीफ कहते हैं कि इस त्योहार में मुस्लिम समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, लकड़ी भी मिलकर डालते हैं, पिछली बार दो क्विंटल लकड़ी उन्होंने दी थी। इस बार भी दो क्विंटल लकड़ी दी है। मोहल्ले में वैनी, विजय, मूलचंद्र और पप्पू के घर है। सुबह दोनों धर्मों के लोग होली के पास एकत्र होते हैं। यहां तक कि अच्छन, इंतजार, इदरीश अपने घरों को आग से बचाने के लिए छतों पर पानी स्टोर कर लेते हैं।
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मोहम्मद ताहिर कहते हैं कि ये नगर की सबसे बड़ी होली कही जाती है। हम लोग होली पर फूल भी डालते हैं। होलिका दहन के बाद उसमें आलू भूनकर पूरा लुत्फ उठाते हैं। वार्ड सदस्य आशिया बेगम का कहना है कि पालिका की ओर से सभी होली में इस बार लकड़ी डाली जाएगी।
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नगर में मोहल्ला भीतर मोहम्मदी, गुलौली रोड, कहरौला, शुक्लापुर, देवीस्थान मंदिर के पास, शंकरपुर, इस्लामाबाद, बबौरी, छोटी देवी मंदिर के पास, बाजारगंज सहित 16 स्थानों पर होली जलाई जा रही है।