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... अब खतौनी भी मिल सकेगी लाइव
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:29 PM IST
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- फोटो : amar ujala
-फर्जीवाड़े से मिलेगा छुटकारा, कोई भी कभी कर सकता है जांच
अब खतौनी लाइव हो गई है और इसे कभी भी कोई न्यू अपडेट के साथ खुद ही वेबसाइट से निकाला जा सकता है। इसकी शुरुआत पहले चरण में लखीमपुर और पलिया तहसीलों से की गई है। लाइव होने के बाद फर्जीवाड़े का खतरा खत्म हो गया है और कोई भी इसकी न्यू अपडेट के साथ वेबसाइट पर जांच सकता है। हालांकि इसमें साइन नहीं होंगे लेकिन यह उन लोगों के लिए कारगर होगी जिनको इसे किसी प्रयोजन के लिए कहीं लगाना होता है।
गौरतलब है खतौनी को पहले ही ऑन लाइन किया जा चुका है। इसमें यह खतौनी भी कोई भी यूपी भूलेख.इन एनआईसी.इन से निकाल सकता था लेकिन यह खतौनी अपडेट नहीं होती थी और करीब तीन माह पुराने डेटा से लोड होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा लोगों को यूपी भूलेख.जीओबी.इन नाम की वेबसाइट से न्यू अपडेटेड खतौनी मिल जाएगी। इसमें साइन नहीं होंगे लेकिन इसका उपयोग वे लोग कर सकेंगे जो किसी प्रयोजन के लिए इसका उपयोग करना चाहते हैं। साथ ही जमीन की जांच करने वाले भी इसका खूब फायदा उठा सकेंगे। इतना ही नहीं खतौनी के लाइव होने से इसके फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और कहीं भी कभी भी कोई वेबसाइट से इसे जांच कर सकेगा। प्रभारी लावण्य कुमार के अनुसार फिलहाल इसकी शुरुआत लखीमपुर और पलिया तहसील से सोमवार को कर दी गई है। जल्द ही इसे सभी तहसीलों में शुरू कर दिया जाएगा।
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अब खतौनी लाइव हो गई है और इसे कभी भी कोई न्यू अपडेट के साथ खुद ही वेबसाइट से निकाला जा सकता है। इसकी शुरुआत पहले चरण में लखीमपुर और पलिया तहसीलों से की गई है। लाइव होने के बाद फर्जीवाड़े का खतरा खत्म हो गया है और कोई भी इसकी न्यू अपडेट के साथ वेबसाइट पर जांच सकता है। हालांकि इसमें साइन नहीं होंगे लेकिन यह उन लोगों के लिए कारगर होगी जिनको इसे किसी प्रयोजन के लिए कहीं लगाना होता है।
गौरतलब है खतौनी को पहले ही ऑन लाइन किया जा चुका है। इसमें यह खतौनी भी कोई भी यूपी भूलेख.इन एनआईसी.इन से निकाल सकता था लेकिन यह खतौनी अपडेट नहीं होती थी और करीब तीन माह पुराने डेटा से लोड होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा लोगों को यूपी भूलेख.जीओबी.इन नाम की वेबसाइट से न्यू अपडेटेड खतौनी मिल जाएगी। इसमें साइन नहीं होंगे लेकिन इसका उपयोग वे लोग कर सकेंगे जो किसी प्रयोजन के लिए इसका उपयोग करना चाहते हैं। साथ ही जमीन की जांच करने वाले भी इसका खूब फायदा उठा सकेंगे। इतना ही नहीं खतौनी के लाइव होने से इसके फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और कहीं भी कभी भी कोई वेबसाइट से इसे जांच कर सकेगा। प्रभारी लावण्य कुमार के अनुसार फिलहाल इसकी शुरुआत लखीमपुर और पलिया तहसील से सोमवार को कर दी गई है। जल्द ही इसे सभी तहसीलों में शुरू कर दिया जाएगा।
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