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जीवन की आचार संहिता है श्रीराम चरित मानस
मोहम्मदी।
Updated Wed, 16 Dec 2015 10:04 PM IST
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स्थानीय स्वामी रामाश्रम इंटर कॉलेज के परिसर में श्रीराम चरित मानस कथा और श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के छठे दिन मानस मर्मज्ञ डॉ. मानस आश्रित (रायबरेली) ने कहा कि श्रीराम चरित मानस मानव जीवन की आचार संहिता है। मानव जीवन की कोई भी ऐसी समस्या नहीं है जिसका समाधान श्रीराम चरित मानस में न हो। बस आवश्यकता है शास्त्र परपंरा के अनुरूप ग्रंथ के अध्ययन और उसके अनुशीलन की।
काहु न कोऊ सुख दुख कर दाता, निज कृत कर्म भोगि सब भ्राता।।
उन्होंने कहा कि साधारण मानव की बात नहीं स्वयं परमात्मा प्रभु राम भी जिसके पुत्र बन कर आये, जिसकी गोद में खेले, ऐसे महाराज दशरथ को भी कर्म फल भोगना पड़ा। दशरथ के हाथों जाने अनजाने साधक श्रवण कुमार का वध हो गया, उसके बाद अंधे माता-पिता ने दशरथ को श्राप दे दिया और उसी श्राप के परिणाम स्वरूप उनको भी पुत्र राम के वियोग में अपने प्राणों का परित्याग करना पड़ा। इसके अलावा कुमारी अरुणिमा शास्त्री और भागवत महापुराण प्रवचनकर्ता रामशरण शास्त्री ने भी भगवान कृष्ण की माधुर्य लीला का वर्णन करते हुए कृष्ण रुक्मणी विवाह का सुंदर प्रसंग सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर ठाकुर सरनाम सिंह, लालचंद्र कनौजिया, मिथिलेश वाजपेयी, कृष्ण कुमार सिंह, अरविंद नाथ वाजपेयी, कुमोदनी सिंह हरिश्चंद्र सिंह आदि तमाम भक्तगण मौजूद रहे।
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काहु न कोऊ सुख दुख कर दाता, निज कृत कर्म भोगि सब भ्राता।।
उन्होंने कहा कि साधारण मानव की बात नहीं स्वयं परमात्मा प्रभु राम भी जिसके पुत्र बन कर आये, जिसकी गोद में खेले, ऐसे महाराज दशरथ को भी कर्म फल भोगना पड़ा। दशरथ के हाथों जाने अनजाने साधक श्रवण कुमार का वध हो गया, उसके बाद अंधे माता-पिता ने दशरथ को श्राप दे दिया और उसी श्राप के परिणाम स्वरूप उनको भी पुत्र राम के वियोग में अपने प्राणों का परित्याग करना पड़ा। इसके अलावा कुमारी अरुणिमा शास्त्री और भागवत महापुराण प्रवचनकर्ता रामशरण शास्त्री ने भी भगवान कृष्ण की माधुर्य लीला का वर्णन करते हुए कृष्ण रुक्मणी विवाह का सुंदर प्रसंग सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर ठाकुर सरनाम सिंह, लालचंद्र कनौजिया, मिथिलेश वाजपेयी, कृष्ण कुमार सिंह, अरविंद नाथ वाजपेयी, कुमोदनी सिंह हरिश्चंद्र सिंह आदि तमाम भक्तगण मौजूद रहे।
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