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लेखपालों ने घेरा एसडीएम आफिस
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:22 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर डीएम को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर जिले भर के लेखपालों ने शनिवार को पांचवें दिन भी अपनी हड़ताल जारी रखी। हड़ताली लेखपालों ने नसीरुद्दीन मौजी भवन प्रांगण में इकट्ठा होकर जोरदार धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। बाद में एसडीएम सदर कार्यालय का घेराव करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी छह सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
नसीरुदीन मौजी भवन में धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष राम कुमार दीक्षित ने कहा कि संगठन की एकता के बल पर अपने लक्ष्य में कामयाब होंगे। जिला मंत्री अतुल कुमार बाजपेयी ने लेखपालों से आंदोलन में शतप्रतिशत भागीदारी पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि राम कुमार मिश्र, द्वारिका प्रसाद, राकेश श्रीवास्तव ने सफलता मिलने तक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। धरना सभा को शैलेंद्र दीक्षित, वेद प्रकाश गुप्ता ने भी संबोधित किया।
लेखपालों की मांग है कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर की जाए। लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक और शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800 रुपया किया जाए। लेखपाल संवर्ग का कॉडर पहले की तरह जिलास्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाए। ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए लेखपालों को लैपटॉप तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। एक अप्रैल 2005 से पहले चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृति/मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन सुविधा दी जाए।
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धरना प्रदर्शन में दीपक वर्मा, अनिल श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह वर्मा, रामदत्त दीक्षित, दाताराम वर्मा, अरविंद मिश्रा, पंकज मिश्र, अनुज मिश्र, रामकृष्ण मिश्र, मुनीश शुक्ल, विनोद कुमार, सुरेश विश्वकर्मा, अजय कुमार, सर्वेश वर्मा रमाकांत वर्मा, लल्लूराम, रमाकांत मिश्र, आदित्य मिश्र, बांकेलाल, इंद्रभान मौर्या, स्वामीदयाल, शशि तोमर आदि लेखपाल शामिल रहे।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर जिले भर के लेखपालों ने शनिवार को पांचवें दिन भी अपनी हड़ताल जारी रखी। हड़ताली लेखपालों ने नसीरुद्दीन मौजी भवन प्रांगण में इकट्ठा होकर जोरदार धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। बाद में एसडीएम सदर कार्यालय का घेराव करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी छह सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
नसीरुदीन मौजी भवन में धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष राम कुमार दीक्षित ने कहा कि संगठन की एकता के बल पर अपने लक्ष्य में कामयाब होंगे। जिला मंत्री अतुल कुमार बाजपेयी ने लेखपालों से आंदोलन में शतप्रतिशत भागीदारी पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि राम कुमार मिश्र, द्वारिका प्रसाद, राकेश श्रीवास्तव ने सफलता मिलने तक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। धरना सभा को शैलेंद्र दीक्षित, वेद प्रकाश गुप्ता ने भी संबोधित किया।
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लेखपालों की मांग है कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर की जाए। लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक और शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800 रुपया किया जाए। लेखपाल संवर्ग का कॉडर पहले की तरह जिलास्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाए। ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए लेखपालों को लैपटॉप तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। एक अप्रैल 2005 से पहले चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृति/मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन सुविधा दी जाए।
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धरना प्रदर्शन में दीपक वर्मा, अनिल श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह वर्मा, रामदत्त दीक्षित, दाताराम वर्मा, अरविंद मिश्रा, पंकज मिश्र, अनुज मिश्र, रामकृष्ण मिश्र, मुनीश शुक्ल, विनोद कुमार, सुरेश विश्वकर्मा, अजय कुमार, सर्वेश वर्मा रमाकांत वर्मा, लल्लूराम, रमाकांत मिश्र, आदित्य मिश्र, बांकेलाल, इंद्रभान मौर्या, स्वामीदयाल, शशि तोमर आदि लेखपाल शामिल रहे।