Lakhimpur Kheri: छोटी काशी कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, प्रशासन ने मांगे दावे आपत्तियां
गोला गोकर्णनाथ में छोटी काशी कॉरिडोर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। अधिकारियों ने पक्षकारों के साथ बैठक कर उन्हें अधिग्रहण की जाने वाली भूमि का रकबा बताते हुए दावे, आपत्तियां, स्वामित्व संबंधी अभिलेख मांगे हैं।
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गोला गोकर्णनाथ में छोटी काशी कॉरिडोर निर्माण की सर्वे रिपोर्ट पर शासन-प्रशासन की मुहर लगने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो गई है। अधिकारियों ने पक्षकारों के साथ बैठक कर उन्हें अधिग्रहण की जाने वाली भूमि का रकबा बताते हुए दावे, आपत्तियां, स्वामित्व संबंधी अभिलेख मांगे हैं।
मंगलवार को तहसील सभागार में एसडीएम रत्नाकर मिश्रा की अध्यक्षता तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता, पर्यटन अधिकारी सूचित चौधरी की मौजूदगी में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जद में आने वाले 46 भवनों के पक्षकारों की बैठक हुई। इसमें तहसीलदार ने पक्षकारों को अधिग्रहण में ली जाने वाली भूमि का रकबा बताया।
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कुछ पक्षकारों ने आपत्तियां जताईं, जिस पर अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी पक्षकार को कोई दिक्कत है तो वह अपना दावा और आपत्ति एवं भूमि स्वामित्व संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करें। अभिलेखों की जांच करने के बाद अग्रम निर्णय लिया जाएगा।
शिव मंदिर और कॉरिडोर का नक्शा दिखाने की मांग
बैठक में मौजूद पक्षकारों ने शिव मंदिर और छोटी काशी कॉरिडोर का नक्शा दिखाने की मांग की। जिस पर एसडीएम ने कहा कि अगली बैठक में नक्शा दिखाया जाएगा।
सर्किल रेट से दोगुना मिलेगा मुआवजा
छोटी काशी कॉरिडोर परिक्षेत्र में मुख्य मार्ग के किनारे की भूमि का सर्किल रेट राजस्व विभाग द्वारा 16800 रुपया प्रति वर्ग मीटर और अंदर की भूमि का सर्किल रेट 9000 रुपए प्रति वर्ग मीटर निर्धारित है। भूमि अधिग्रहण में सर्किल रेट के गुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सूत्रों के अनुसार जो भवन सरकारी नजूल की जमीन पर बने हैं उन पक्षकारों को केवल भवन का मुआवजा मिलेगा।
6731 वर्ग मीटर भूमि की जाएगी अधिग्रहित
तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि धर्मशालाओं सहित 46 भवनों से 6731 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। पक्षकारों के साथ बैठक कर उन्हें अधिग्रहित भूमि का रखवा बता दिया गया है। यदि किसी को आपत्ति है तो वह अपना दावा और आपत्ति एवं भूमि स्वामित्व संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करें।