{"_id":"6166b48d8ebc3ec1c9599154","slug":"lakhimpur-kheri-violence-bail-application-of-ashish-mishra-rejected-by-the-cjm-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर खीरी हिंसा: नहीं चली निर्दोष होने की दलील आशीष की जमानत अर्जी खारिज, क्राइम ब्रांच कल ले जा सकती है घटना स्थल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर खीरी हिंसा: नहीं चली निर्दोष होने की दलील आशीष की जमानत अर्जी खारिज, क्राइम ब्रांच कल ले जा सकती है घटना स्थल पर
Wed, 13 Oct 2021 03:57 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 13 Oct 2021 03:57 PM IST
सार
तीन अक्टूबर को लखीमपुर हिंसक झड़प में चार किसान, एक स्थानीय पत्रकार और एक भाजपा कार्यकर्ता सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। आशीष मिश्र इस मामले में मुख्य आरोपी है।
विज्ञापन
आशीष मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तिकुनिया कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू की कोर्ट ने बुधवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी। उधर, सह अभियुक्त आशीष पांडे की भी अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आशीष मिश्र से पहले आशीष पांडे और लवकुश को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
भाजपा से निघासन विधानसभा क्षेत्र की दावेदारी करने वाले आशीष मिश्र मोनू की ओर से तिकुनिया कांड में झूठा फंसाए जाने की दलील उनके अधिवक्ता अवधेश सिंह ने दी तो आशीष पांडेय की ओर से रामाशीष मिश्रा ने जमानत अर्जी पेश की। उन्होंने सीजेएम चिंताराम की अदालत में बताया कि उसका घटनाक्रम से कोई मतलब नहीं है, उसे गलत फंसाया जा रहा है। इसी तरह दूसरे अभियुक्त आशीष पांडेय ने भी खुद को निर्दोष बताया। सीजेएम चिंताराम ने अभियोजन पक्ष के विरोध के बाद दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
विज्ञापन
बुधवार को भी पुलिस ने क्राइम ब्रांच दफ्तर में ही आशीष मिश्र मोनू से पूछताछ की। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर आशीष मिश्र को ले जाने की प्लानिंग में बदलाव करते हुए अब बृहस्पतिवार को घटनास्थल यानी तिकुनिया की ओर जाने की बात कही है। डीआईजी/विवेचक उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि दो दिनों तक आशीष मिश्रा से क्राइम ब्रांच के दफ्तर में ही पूछताछ की गई है। तीसरे दिन रिमांड की अवधि समाप्त होने से पहले साक्ष्य जुटाने के लिए आशीष मिश्रा को घटनास्थल पर ले जाएंगे।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला
तीन अक्टूबर को लखीमपुर हिंसक झड़प में चार किसान, एक स्थानीय पत्रकार और एक भाजपा कार्यकर्ता सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। आशीष मिश्र इस मामले में मुख्य आरोपी है। आरोप है कि जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया था वह आशीष मिश्र ही चला रहा था। मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने बाद पुलिस ने आशीष मिश्र को पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया लेकिन वह पहले दिन (शुक्रवार) को क्राइम ब्रांच के ऑफिस नहीं पहुंचा। इसके बाद एक और समय जारी किया गया तब जाकर अगले दिन शनिवार को पेश हुआ और करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी दी कि आशीष मिश्र जांच में सहयोग नहीं कर रहे। इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया जाता है।