तिकुनिया हिंसा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई आशीष मिश्र की पेशी, 10 मई को अगली सुनवाई, जानिए क्यों तय नहीं हो सके आरोप?
आरोपी आशीष मिश्र मोनू व अन्य पर मंगलवार को भी आरोप तय नहीं हो पाए। डिस्चार्ज एप्लिकेशन पर सरकारी वकील आपत्ति पेश नहीं कर पाए। मामले में अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
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लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्र मोनू व अन्य पर मंगलवार को भी आरोप तय नहीं हो पाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी अभियुक्त पेश हुए। उधर, डिस्चार्ज एप्लिकेशन पर सरकारी वकील आपत्ति पेश नहीं कर पाए। मामले में अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू के आत्मसमर्पण के बाद जिला अदालत में सुनवाई जोर पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई थी। कानूनी दांव-पेंच को लेकर मंगलवार को भी डिस्चार्ज एप्लीकेशन का निस्तारण नहीं हो सका। 14 आरोपियों में केवल आशीष मिश्र मोनू की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन देते हुए कहा गया था कि उसके खिलाफ कार्रवाई का कोई आधार नहीं है। अदालती पत्रावली में ऐसे कोई सबूत नहीं हैं, जिनके आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके।
आशीष मिश्र की डिस्चार्ज एप्लीकेशन के खिलाफ आपत्ति दाखिल करने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता ने पिछली पेशी पर समय मांगा था। सूत्र बताते हैं एसआईटी और पुलिस की ओर से कुछ बिंदुओं पर डिस्चार्ज एप्लीकेशन के उठाए गए सवालों पर अभियोजन पक्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
तिकुनिया हिंसा मामले में संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, घायलों को मुआवजा देने और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के खिलाफ धारा 120-बी के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने डीएम और एसपी से मुलाकात की। चढूनी ने बताया कि अगर मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 12 मई को लखीमपुर खीरी में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।