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Lakhimpur Kheri Ground Report: लखीमपुर खीरी में रोजगार, पर्यटन व विकास के क्या-क्या हुए काम, जानिए रिपोर्ट में

Tue, 14 Jul 2026 06:50 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: Akash Dubey Updated Tue, 14 Jul 2026 06:50 PM IST
सार

अमर उजाला ने जिले का दौरा कर सरकारी योजनाओं और विकास दावों की जमीनी हकीकत परखी। जाना कि मौजूदा सरकार के काम से पहले और अब के समय में क्या परिवर्तन आया है। देखें यह रिपोर्ट।

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Lakhimpur Kheri Ground Report: Find out about work done in district regarding employment tourism and developme
Lakhimpur Kheri Ground Report - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल बजने में अब एक साल वर्ष से भी कम का समय शेष है। इस बीच राजनीतिक दलों ने भी अपनी-अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में अमर उजाला की टीम ने जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए लखीमपुर खीरी जिले का दौरा किया। खिलाड़ियों के लिए भविष्य संवारने के लिए मूलभूत सुविधाओं, रोजगार के अवसरों को देखा गया। इस पड़ताल का उद्देश्य यह समझना था कि सरकारी योजनाओं का आम जनजीवन पर कितना असर पड़ा है और जिले में सरकार के विकास के दावों की असल तस्वीर क्या है?

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रोजगार और व्यवसाय को कितनी मिली मजबूती
इस सवाल का जवाब ढूंढते हुए अमर उजाला टीम की मुलाकात, व्यवसायी राहुल मिश्रा से हुई। उन्होंने बताया कि उनका यूपीवीसी डोर-विंडो का काम है। पूरा फैब्रिकेशन होता है, जिसमें स्लाइडिंग विंडो, ओपनेबल विंडो और दरवाजों का काम होता है। इसकी कीमत लगभग लकड़ी के बराबर ही रहती है। इसकी 5 साल की वारंटी है। विंडो आदि  की 20 साल की वारंटी है। ये सब कैसे सोचा? कैसे आपकी शुरुआत हुई? जवाब- पहले मैं इसी लाइन में नौकरी करता था। जॉब करते-करते क्योंकि हम लोगों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी थी नहीं कि अपना बिजनेस किया जाए। फिर सीएम युवा योजना के बारे में पता चला। इसके बाद मैं जिला उद्योग केंद्र गया। वहां पर मुझे पूर्णता जानकारी मिली कि ऐसे काम करना है। अधिकारियों को भी पूरा सहयोग मिला और मुझे योजना के तहत लोन मिल गया। 
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खेलों को कितनी मिली रफ्तार
इस सवाल के जवाब के लिए हमारी टीम स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंची। यहां हमारी मुलाकात कोच ओमप्रकाश पासवान से हुई। उन्होंने बताया कि हमारे यहां एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल इन सब खेल के कोचेस हैं। हर साल लखीमपुर जिले से इन सारे गेम्स में स्पोर्ट्स कॉलेज और हॉस्टल में बच्चे यहां से सेलेक्ट हो के जाते हैं। हमारे यहां बैडमिंटन, टीटी, स्विमिंग पूल और हॉकी, हैंडबॉल है। यहां अभी जो नया बना है वो सिंथेटिक बास्केटबॉल कोट और वॉलीबॉल कोट है। अभी कुछ दिन पहले यहां बाउंड्री सारी टूटी हुई थी। जिससे बहुत दिक्कतें आती थीं जो स्पोर्ट्स पर्सन नहीं थे वो भी आ जाते थे। अभी क्या है कि जब बजट आया है इसकी बाउंड्री तैयार हो गई है। जो सिंथेटिक बास्केटबॉल कोट बना हुआ है इसी वजह से बच्चों का और आकर्षण बढ़ा है। 


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शहर के विकास में कितना बदलाव
लखीमपुर खीरी और शहर के अंदर जो सबसे बड़ी समस्याएं हैं, उसमें से एक यहां का ट्रांसपोर्ट था। जाम से लोग जो हैं वह लगातार परेशान यहां पर रहते थे। इस समस्या से लोगों को कितनी निजात मिली है, इस सवाल का जवाब ढूंढते से टीम ने कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत की। स्थानीय अनूप शुक्ल ने बताया कि तीन ओवरबीज बनने से छाऊ चौराहा, एलआरपी चौराहा और राजापुर क्रॉसिंग पर जो जाम लगता था, वह समस्या बिल्कुल खत्म हो गई है। अब आवागमन में कोई दिक्कत नहीं होती। पहले ट्रेन जब तक नहीं आती थी, तब तक घंटों जाम में फंसना पड़ता था। स्थानीय मनोज राज ने बताया कि पहले सिंगल रोड थी तो बहुत सारी समस्याएं होती थीं और यह ब्रिज बन जाने से जाम की स्थिति है लगभग खत्म हो गई है। पहले लोग घंटों खड़े रहते थे, एंबुलेंस फंसती थी। ब्रिज बनने से यातायात बहुत सुगम हो गया और भीड़भाड़ खत्म हो गई है। शहर के ट्रैफिक पर भी फर्क पड़ा है। अब 70% टाइम बचने लगा है। जहां पर पहले 1 घंटा लगता था, वहां पर अब 20-25 मिनट का समय लग रहा है।

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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या हुए प्रयास
इस सवाल का जवाब जानने के लिए हम पौराणिक शिव मंदिर गोला गोकर्णनाथ पहुंचे। यहां हमारी बात स्थानीय दुकानदार राम अवतार शाह से हुई। उन्होंने बताया कि हमको यहां दुकान चलाते हुए करीब-करीब 50-55 साल हो गए हैं। यहां पर रहने की व्यवस्था मंदिर में जो बन रही है यह कभी नहीं थी। सीएम योगी ने एलान किया था। सीएम योगी बहुत बढ़िया काम करवा रहे हैं। पहले कभी ऐसा काम नहीं हुआ। अब यहां से दर्शनार्थी बहुत खुश होकर जाएगा। आने वाले समय में काफी जनता आएगी। व्यापार भी अच्छा होगा।

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