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लखीमपुर खीरी: रमन कश्यप के परिजन से मिले आप नेता संजय सिंह, मृत पत्रकार के भाई बोले- पुलिस ने की नाइंसाफी
Wed, 06 Oct 2021 11:19 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, निघासन (लखीमपुर खीरी)
संवाद न्यूज एजेंसी, निघासन (लखीमपुर खीरी)
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 06 Oct 2021 11:19 PM IST
सार
पवन ने तिकुनिया कोतवाल को भाई की मौत का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि दोपहर तीन बजे की घटना है और उन्होंने छह बजे शव वाहन से भाई को मोर्चरी लखीमपुर भेज दिया।
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संजय सिंह
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
तिकुनिया बवाल में कस्बे के पत्रकार रमन कश्यप की मौत के बाद बुधवार की शाम आप नेता संजय सिंह और राघव चड्ढा ने उनके घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित परिजन ने आप नेताओं से अपनी व्यथा और पुलिस उत्पीड़न की कहानी कही।
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बुधवार की शाम छह बजे निघासन में पत्रकार रमन कश्यप के घर आप नेता जब पहुंचे तो रमन के पिता रामदुलारे ने उन्हें बताया कि मुआवजा तो मिला है, लेकिन अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।
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उन्होंने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि तिकुनिया कोतवाल उनसे इधर-उधर की बात करते हैं। भाई पवन कश्यप ने कहा कि तिकुनिया कोतवाल के व्यवहार से वह बहुत परेशान हैं। फोन वह उठाते नहीं हैं। अगर पुलिस उन्हें प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करा देती तो भाई रमन की जान बच जाती। इस पर संजय सिंह ने कहा कि प्रशासन कह रहा है कि पीड़ित परिजन का सरकार से समझौता हो गया है। इस पर भाई पवन ने बताया कि मांगों पर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। सिर्फ एसडीएम के कहने पर मुआवजा मिला है।
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पवन ने तिकुनिया कोतवाल को भाई की मौत का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि दोपहर तीन बजे की घटना है और उन्होंने छह बजे शव वाहन से भाई को मोर्चरी लखीमपुर भेज दिया। बताया कि वहां से 100 मीटर की दूरी पर पीएचसी थी, लेकिन सीएचसी निघासन के सामने से गुजर कर सीधे शव लखीमपुर भिजवा दिया। किसी डॉक्टर से परीक्षण नहीं कराया। अगर उन्हें प्राथमिक इलाज मिला होता तो वह बच सकते थे।
बताया कि रात 12 बजे फोन आता है कि एक डेडबॉडी मोर्चरी में लावारिस पड़ी है। आप देख लीजिये जाके। बताया कि रात तीन बजे जब वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो वहां भाई रमन के सिर से ताजा खून निकल रहा था, जिसे देखकर ऐसा लगता था कि अभी थोड़ी देर पहले ही उनकी मौत हुई है। उधर, एसडीएम ओपी गुप्ता ने कहा कि रमन की पीएम रिपोर्ट आ गई है, लेकिन परिजन को सौंपने की बात पर वह चुप्पी साध गए।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, उनके बेटे और गुर्गों ने करवाई हत्या: संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि होनहार पत्रकार की केंद्रीय गृह राज्यमंत्री टेनी, उनके बेटे और गुर्गों के जरिये हत्या करवाई गई है। ये नृशंस हत्या है। वहीं किसानों को भी कीड़े मकौड़े की तरह रौंद दिया जाता है। संजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के तहत कई जांच एजेंसियां आती हैं ऐसे में पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है।
कहा कि मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बेटे की गिरफ्तारी होनी चाहिए। लखीमपुर का मामला नहीं है, पूरे देश के साथ अन्याय है। इसके अलावा संजय सिंह ने धौरहरा जाकर मृतक किसान नक्षत्र सिंह से मिलने और उनकी मदद करने की भी बात कही।