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लखीमपुर डिपो ने दिवाली पर कमाए 80.86 लाख
अमर उजाला ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:40 PM IST
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लखीमपुर डिपो ने दिवाली
पर कमाए 80.86 लाख
पिछले साल डिपो की हुई थी 45.32 लाख रुपये की आय
लखीमपुर डिपो को दिवाली पर 80.86 लाख रुपये की आय हुई है, लेकिन ट्रेनों के बंद होने की स्थिति में एआरएम ने आय को लेकर जो उम्मीद लगा रखी थी वह पूरी नहीं हो सकी। हालांकि डग्गामार वाहनों की अधिकता होने के बावजूद डिपो ने पिछले साल से 35.54 लाख रुपये अधिक की आय की है।
परिवहन निगम ने दिवाली पर राजस्व बढ़ाए जाने के लिए चालक परिचालकों सहित डिपो कर्मियों के लिए 27 अक्तूबर से चार नवंबर तक प्रोत्साहन योजना शुरू की थी, जिससे ट्रेनों के बंद होने की स्थिति में अधिक से अधिक राजस्व बढ़ाया जा सके। वहीं ऐशबाग से मैलानी तक ट्रेनों का संचालन बंद होने के कारण लखीमपुर डिपो के एआरएम ने भी इस बार राजस्व पिछले साल से दो गुना होने की उम्मीद लगा रखी थी, लेकिन डग्गामार वाहनों की भरमार के कारण एआरएम के मंसूबों पर पानी फिर गया और मात्र 80.86 लाख की आय से ही संतोष करना पड़ा।
लखीमपुर खीरी डिपो के एआरएम वीके गोस्वामी का कहना है कि ट्रेनों के बंद होने की स्थित में पिछले साल से दो गुना आय होने की उम्मीद थी, लेकिन डग्गामार वाहनों की भरमार के कारण मनमुताबिक आय नहीं हो सकी।
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पर कमाए 80.86 लाख
पिछले साल डिपो की हुई थी 45.32 लाख रुपये की आय
लखीमपुर डिपो को दिवाली पर 80.86 लाख रुपये की आय हुई है, लेकिन ट्रेनों के बंद होने की स्थिति में एआरएम ने आय को लेकर जो उम्मीद लगा रखी थी वह पूरी नहीं हो सकी। हालांकि डग्गामार वाहनों की अधिकता होने के बावजूद डिपो ने पिछले साल से 35.54 लाख रुपये अधिक की आय की है।
परिवहन निगम ने दिवाली पर राजस्व बढ़ाए जाने के लिए चालक परिचालकों सहित डिपो कर्मियों के लिए 27 अक्तूबर से चार नवंबर तक प्रोत्साहन योजना शुरू की थी, जिससे ट्रेनों के बंद होने की स्थिति में अधिक से अधिक राजस्व बढ़ाया जा सके। वहीं ऐशबाग से मैलानी तक ट्रेनों का संचालन बंद होने के कारण लखीमपुर डिपो के एआरएम ने भी इस बार राजस्व पिछले साल से दो गुना होने की उम्मीद लगा रखी थी, लेकिन डग्गामार वाहनों की भरमार के कारण एआरएम के मंसूबों पर पानी फिर गया और मात्र 80.86 लाख की आय से ही संतोष करना पड़ा।
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लखीमपुर खीरी डिपो के एआरएम वीके गोस्वामी का कहना है कि ट्रेनों के बंद होने की स्थित में पिछले साल से दो गुना आय होने की उम्मीद थी, लेकिन डग्गामार वाहनों की भरमार के कारण मनमुताबिक आय नहीं हो सकी।
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