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ग्राम पंचायतों में लाखों का गोलमाल
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लखीमपुर खीरी। लखीमपुर ब्लॉक की 109 ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट कराए जाने के बाद सोशल आडिट ब्लॉक सभा हुई, जिसमें मनरेगा में लाखों के गोलमाल का मामला सामने आया है। ऑडिट टीम ने अधिकारियों के सामने रिपोर्ट रखी, जिस पर प्रधानों और सचिवों ने हंगामा किया। सभा में मनरेगा योजना में 40 ग्राम पंचायतों में 85 साइन बोर्ड के घोटाले का मामला गूंजा। तो बनवारीपुर में बिना तालाब खुदाए दो तालाबों के नाम पर छह लाख रुपये हड़पे जाने का मामला उठाया गया।
ब्लॉक सभागार में जिला विकास अधिकारी अरविंद कुमार की अध्यक्षता में सोशल ऑडिट ब्लाक सभा की गई। इसमें लखीमपुर ब्लॉक की 109 ग्राम पंचायतों में से 107 ग्राम पंचायतों में कराए गए सोशल आडिट की रपिोर्ट प्रस्तुत करके चर्चा की गई। ऑडिट टीम ने बताया कि 40 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से 85 साइन बोर्ड के लिए प्रति बोर्ड 4484 रुपये के हिसाब से भुगतान एक फर्म के नाम बीडीओ ने किया, लेकिन गांवों में बोर्ड नहीं लगे हैं। ग्राम पंचायत मीरपुर में कैथा तालाब को दोबारा श्री तालाब का नाम देकर तीन लाख रुपये का गबन किया गया। अधिकांश ग्राम पंचायतों के अभिलेख अपूर्ण मिले हैैं। मस्टर रोल पर हस्ताक्षर और अंगूठा निशान फर्ज मिले हैं। इन सवालों पर प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक जवाब नहीं दे सके। डीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट को संकलित कर निदेशालय भेजी जाएगी, जिसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में मिली अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सभा में बीडीओ प्रीती तिवारी, दिनेश वर्मा मौजूद रहे।
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ब्लॉक सभागार में जिला विकास अधिकारी अरविंद कुमार की अध्यक्षता में सोशल ऑडिट ब्लाक सभा की गई। इसमें लखीमपुर ब्लॉक की 109 ग्राम पंचायतों में से 107 ग्राम पंचायतों में कराए गए सोशल आडिट की रपिोर्ट प्रस्तुत करके चर्चा की गई। ऑडिट टीम ने बताया कि 40 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से 85 साइन बोर्ड के लिए प्रति बोर्ड 4484 रुपये के हिसाब से भुगतान एक फर्म के नाम बीडीओ ने किया, लेकिन गांवों में बोर्ड नहीं लगे हैं। ग्राम पंचायत मीरपुर में कैथा तालाब को दोबारा श्री तालाब का नाम देकर तीन लाख रुपये का गबन किया गया। अधिकांश ग्राम पंचायतों के अभिलेख अपूर्ण मिले हैैं। मस्टर रोल पर हस्ताक्षर और अंगूठा निशान फर्ज मिले हैं। इन सवालों पर प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक जवाब नहीं दे सके। डीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट को संकलित कर निदेशालय भेजी जाएगी, जिसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में मिली अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सभा में बीडीओ प्रीती तिवारी, दिनेश वर्मा मौजूद रहे।
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