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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Lack of awareness The fire is spreading

जागरूकता के अभाव में फैल रही है आग

Thu, 23 Apr 2015 06:36 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Thu, 23 Apr 2015 06:36 PM IST
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बेमौसम बारिश/ओलावृष्टि की मार से आहत किसान अभी उबरे भी नहीं पाए थे, कि अब आग आफत बनकर टूट रही है। जिले में रोज ही कई गांव अग्निकांड का शिकार हो रहे हैं, जिसमें सैकड़ों परिवार अपना सब कुछ खोने के साथ बेघर हो रहे हैं। इस दैवीय आपदा को रोकने में प्रशासन और फायर ब्रिगेड के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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अग्निकांडों से सबसे ज्यादा गरीब, मजदूर, किसान परिवार प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि छप्परनुमा कच्चे मकान जल्द ही आग की चपेट में आ जाते हैं। कुछ दिनों में हुई आग लगने की घटनाओें में प्रमुख रूप से लोगों की लापरवाही सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति की गलती से पूरे गांव जलकर राख हो रहे हैं। वहीं फायर ब्रिगेड स्टेशन संसाधनों से लैस है, लेकिन मैन पावर की कमी से खुद ही जूझ रहे है। ऐसे में अग्निकांड पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। लिहाजा प्रशासन ने गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है, जिससे लोगों को आग से महफूज रहने के उपाय बताए जाएंगे। इस दिशा में पंचायत राज विभाग गांवों में खुली बैठकें करवाने का कार्यक्रम तैयार कर रहा है, जिसमें अप्रैल के अंतिम सप्ताह से लेकर मई के प्रथम सप्ताह के बीच गांवों में बैठकें कराई जाएंगी। कृषि विभाग भी अग्निकांड से फसलों को बचाने के संबंध में किसानों को जागरूक करेगा।
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69 के सापेक्ष सिर्फ 16 फायरमैन
आग को बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला फायर बिग्रेड मैन पावर की कमी से जूझ रहा है, जिससे अग्निकांड पर काबू पाने में मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर लखीमपुर फायर स्टेशन में 21, निघासन, धौरहरा और गोला में 16-16 फायरमैन के पद स्वीकृत हैं, लेकिन सभी स्टेशनों में कुल मिलाकर 16 फायरमैन ही हैं। जबकि पलिया में सीजनल स्टेशन बनाया गया हैै। फायरमैन की जगह अप्रशिक्षित होमगार्डों से काम चलाया जा रहा है। जिला अग्निशमन अधिकारी पीआर सरोज ने बताया कि गाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन पर्याप्त संख्या में फायरमैन नहीं है। इससे राहत-बचाव कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है।
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ऐसे करें बचाव के उपाय
-चूल्हे के ऊपर छप्पर में मिट्टी का लेप लगाएं
-जलती ढिबरी/लालटेन में केरोसिन न डालें
-गैस पाइप चेक करें औैर रेगुलेटर बंद रखें
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ऐसे होते हैं अग्निकांड
-जलती या गर्म राख घूरे पर डालने से
-धूम्रपान करके बीड़ी/सिगरेट इधर-उधर फेंकने से
-बच्चों से खाना बनवाने से  
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कोट..
गांवों में होंगी बैंठकें
गांवों में अग्निकांड के ज्यादा मामले देखते हुए खुली बैठकें कराने का निर्णय किया गया हैै, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। करीब एक सप्ताह तक अलग-अलग गांवों में बैठकें  कराई जाएंगी।
-योगेंद्र कटियार, डीपीआरओ
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