{"_id":"623f601d8c8df8591d314a01","slug":"kovid-vaccination-speed-is-not-getting-due-due-to-lack-of-awareness-lakhimpur-news-bly479366869","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड टीकाकरण : जागरूकता के अभाव में नहीं मिल रही रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड टीकाकरण : जागरूकता के अभाव में नहीं मिल रही रफ्तार
विज्ञापन
सेठएमआर जयपुरिया में छात्र को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी।
16 मार्च से जिले में हो रहा है टीकाकरण, अब तक 1908 बच्चों का ही हो सका है वैक्सीनेशन
लखीमपुर खीरी। कोरोना से जंग जीतने के लिए भले ही शासन स्तर से हर संभव कोशिश जारी हो, लेकिन जिले में इसको लेकर उदासीनता बरती जा रही है। शायद यही वजह है कि एक सप्ताह बाद भी जिले में टीकाकरण केंद्रों की संख्या तक नहीं बढ़ी। स्कूल संचालकों के अनुसार अभी तक स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए न तो संपर्क किया और न ही कोई बैठक ही। इसी वजह से जिले में अब तक एक प्रतिशत किशोर किशोरियों के ही वैक्सीन लग सकी है।
स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंट लाइन वर्कर, बुजुर्ग एवं युवाओं का टीकाकरण होने के बाद शासन ने 12 से 15 साल तक के बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए सुरक्षा कवच देने की शुरूआत की। इसके लिए 1,70,000 का लक्ष्य निर्धारित हुआ। मगर, जिम्मेदारों ने बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए न तो स्कूल संचालकों से संपर्क किया और न ही उन्हें इसके बारे में जानकारी दी। इसी वजह से एक सप्ताह में मात्र 1908 बच्चों के ही वैक्सीन लगी सकी, जो निर्धारित लक्ष्य का सिर्फ एक प्रतिशत है।
न की बैठक और न ही दी जानकारी
12 से 15 साल तक के बच्चों को टीकाकरण कराने के लिए न तो जिम्मेदारों ने स्कूल संचालकों संग बैठक की और न ही उन्हें इस संबंध में कोई सूचना ही भेजी, जबकि तमाम विद्यालयों का प्रबंधतंत्र टीकाकरण शिविर लगवाने के लिए इच्छुक है। इनका कहना है कि बच्चों का वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी को आगे जाना चाहिए। यदि समय रहते इसकी सूचना मिल गई होती तो कैंप लगवाकर अधिकतर बच्चों का टीकाकरण हो गया होता।
विज्ञापन
शनिवार को यहां हुआ टीकाकरण
1. जिला अस्पताल
2. महिला अस्पताल
3. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र नौरंगाबाद
4. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र निर्मल नगर
5. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र गोटैया बाग
6. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र गोला
7. सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल
8. समस्त सीएचसी
बच्चों का टीकाकरण शुरू होने की जानकारी तो है, लेकिन बच्चों का वैक्सीनेशन करवाने के लिए किसी ने संपर्क नहीं किया। हम तो अपने यहां टीकाकरण केंद्र लगवाने के लिए इच्छुक हैं। जल्द ही संपर्क कर शिविर लगवाकर बच्चों का वैक्सीनेशन करवाएंगे।
- जसमीत सिंह अजमानी, प्रबंधक अजमानी इंटरनेशनल स्कूल
12 से 15 साल तक के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू होना अच्छी बात है। इससे कोरोना का हराने में आसानी रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिविर आदि के लिए संपर्क तो नहीं किया है। अपने विद्यालय में शिविर लगवाने के लिए संपर्क कर बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएंगे।
- शैलेंद्र कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य हरिमाया इंटरनेशनल स्कूल
16 मार्च से जिले में 12 से 15 साल तक के किशोर-किशोरियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए जिला एवं महिला अस्पताल, सभी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सहित समस्त सीएचसी पर टीकाकरण हो रहा है। यदि स्कूल प्रबंधन अपने यहां शिविर लगवाना चाहते हैं तो इसके लिए जिला प्रतिरक्षण कार्यालय पर संपर्क कर सकते हैं।
- डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। कोरोना से जंग जीतने के लिए भले ही शासन स्तर से हर संभव कोशिश जारी हो, लेकिन जिले में इसको लेकर उदासीनता बरती जा रही है। शायद यही वजह है कि एक सप्ताह बाद भी जिले में टीकाकरण केंद्रों की संख्या तक नहीं बढ़ी। स्कूल संचालकों के अनुसार अभी तक स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए न तो संपर्क किया और न ही कोई बैठक ही। इसी वजह से जिले में अब तक एक प्रतिशत किशोर किशोरियों के ही वैक्सीन लग सकी है।
स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंट लाइन वर्कर, बुजुर्ग एवं युवाओं का टीकाकरण होने के बाद शासन ने 12 से 15 साल तक के बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए सुरक्षा कवच देने की शुरूआत की। इसके लिए 1,70,000 का लक्ष्य निर्धारित हुआ। मगर, जिम्मेदारों ने बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए न तो स्कूल संचालकों से संपर्क किया और न ही उन्हें इसके बारे में जानकारी दी। इसी वजह से एक सप्ताह में मात्र 1908 बच्चों के ही वैक्सीन लगी सकी, जो निर्धारित लक्ष्य का सिर्फ एक प्रतिशत है।
विज्ञापन
न की बैठक और न ही दी जानकारी
12 से 15 साल तक के बच्चों को टीकाकरण कराने के लिए न तो जिम्मेदारों ने स्कूल संचालकों संग बैठक की और न ही उन्हें इस संबंध में कोई सूचना ही भेजी, जबकि तमाम विद्यालयों का प्रबंधतंत्र टीकाकरण शिविर लगवाने के लिए इच्छुक है। इनका कहना है कि बच्चों का वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी को आगे जाना चाहिए। यदि समय रहते इसकी सूचना मिल गई होती तो कैंप लगवाकर अधिकतर बच्चों का टीकाकरण हो गया होता।
विज्ञापन
शनिवार को यहां हुआ टीकाकरण
1. जिला अस्पताल
2. महिला अस्पताल
3. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र नौरंगाबाद
4. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र निर्मल नगर
5. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र गोटैया बाग
6. नगरीय स्वास्थ्य केंद्र गोला
7. सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल
8. समस्त सीएचसी
बच्चों का टीकाकरण शुरू होने की जानकारी तो है, लेकिन बच्चों का वैक्सीनेशन करवाने के लिए किसी ने संपर्क नहीं किया। हम तो अपने यहां टीकाकरण केंद्र लगवाने के लिए इच्छुक हैं। जल्द ही संपर्क कर शिविर लगवाकर बच्चों का वैक्सीनेशन करवाएंगे।
- जसमीत सिंह अजमानी, प्रबंधक अजमानी इंटरनेशनल स्कूल
12 से 15 साल तक के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू होना अच्छी बात है। इससे कोरोना का हराने में आसानी रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिविर आदि के लिए संपर्क तो नहीं किया है। अपने विद्यालय में शिविर लगवाने के लिए संपर्क कर बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएंगे।
- शैलेंद्र कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य हरिमाया इंटरनेशनल स्कूल
16 मार्च से जिले में 12 से 15 साल तक के किशोर-किशोरियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए जिला एवं महिला अस्पताल, सभी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सहित समस्त सीएचसी पर टीकाकरण हो रहा है। यदि स्कूल प्रबंधन अपने यहां शिविर लगवाना चाहते हैं तो इसके लिए जिला प्रतिरक्षण कार्यालय पर संपर्क कर सकते हैं।
- डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी