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खीरी : प्रभारी मंत्री के निरीक्षण से पहले अफसरों की मौजूदगी में बीमार बच्चे की मौत पर हंगामा
Mon, 13 Jun 2022 01:31 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
संवाद न्यूज एजेंसी, ओयल
संवाद न्यूज एजेंसी, ओयल
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 13 Jun 2022 01:31 PM IST
सार
बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने नर्स से मारपीट की और काउंटर के पीछे कमरे में रखे इंजेक्शन दवाएं भी उठाकर फेंक दीं। एनीमिक और डायरिया से पीड़ित अबीर को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया था।
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जमकर हंगामा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
एमसीएच विंग में एक बीमार बच्चे की मौत पर परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा किया। ड्यूटी पर मौजूद नर्स से भी मारपीट की। यही नहीं, परिजन ने नर्स काउंटर के पीछे कमरे में रखे इंजेक्शन, दवाएं, रजिस्टर आदि सामान उठाकर फेंक दिया। रविवार की सुबह प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही के निरीक्षण के कारण हंगामे के वक्त डीएम समेत सभी अफसर भी मौजूद थे। शनिवार की शाम देवकली निवासी फिरोज अपने नौ माह के बीमार बच्चे अबीर को लेकर अस्पताल आया था।
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डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया था। बच्चा पहले से एनीमिक और डायरिया से पीड़ित था। डॉक्टरों का कहना था कि रात में इलाज के दौरान बच्चे की नाजुक हालत देखते हुए रेफर किया गया था, लेकिन बच्चे के परिजन उसे लेकर नहीं गए और रात भर अस्पताल में ही रहे। रविवार की सुबह जब बच्चे की हालत एकाएक बिगड़ी तो डॉ. रामबिलास की मौजूदगी में नर्स शशिकला देवी ने बच्चे को पीसीएम इंजेक्शन लगा दिया।
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उसके कुछ ही देर के बाद करीब 10:30 बजे अबीर की मौत हो गई। नौ माह के बच्चे की मौत होने पर परिजन अपना आपा खो बैठे और स्टाफ नर्स शशिकला देवी से मारपीट कर डाली। यही नहीं, उन्होंने काउंटर के अंदर घुसकर सारी दवाएं और रजिस्टर उठाकर फेंक दिए। जैसे-तैसे पुलिस के आने पर उन्हें बाहर लाया गया। परिजन का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने से उनके बच्चे की मौत हो गई। जिस समय एमसीएच विंग में हंगामा हो रहा था, उस समय अस्पताल के बाहर डीएम से लेकर जिले के सभी उच्चाधिकारी मौजूद थे, जो हंगामे की वजह से बाहर निकल गए। कुछ देर बाद फिरोज के परिवारीजन कार से आए और सभी को अपने साथ ले गए।
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