{"_id":"54b295c76ebdf2749555ca62306d1f2b","slug":"kheri-had-special-package-of-state-budget-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश के बजट में खीरी को मिला विशेष पैकेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश के बजट में खीरी को मिला विशेष पैकेज
लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार के बजट में किसानों और गांवों का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें जिले को भी एक विशेष पैकेज मिला है। हालांकि इससे जिले के लोगों को कुछ खास फायदा तो नहीं होने वाला, लेकिन दुधवा और नेपाल बार्डर के आसपास रहने वालों का विकास होगा। जबकि जिले के विशेषज्ञों ने कहा कि बजट पूरी तरह आने वाले विधानसभा चुनाव से रंगा नजर आ रहा है। हालांकि कुछ ने इसे विकासशील भी बताया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के विकास और रखरखाव के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दुधवा के सुधार में काफी हद तक मदद मिलेगी। इसके साथ ही नेपाल बार्डर पर सड़क निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि जिले को अलग से ऐसा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है, जिस पर लोग खुश हो सकें।
अर्थशास्त्री और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ इस बजट को चुनावी बजट मानते हैं। जब इस बाबत विशेषज्ञों से बात की गई तो उन्होंने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विज्ञापन
बजट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा
इस साल उत्तर प्रदेश के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर दिया गया है। गांवों और किसानों के विकास के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बिजली आपूर्ति में सुधार का संकल्प लोगों को खुश करने वाला है।
- डॉ. जेएन सिंह, प्राध्यापक, युवराजदत्त महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी।
उद्यमशीलता और उच्च शिक्षा के लिए निराशाजनक
बजट में प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए कुछ खास नहीं किया गया है उच्च शिक्षा के लिए भी बहुत कम बजट रखा गया है। यह दोनों ही बातें सभी के लिए विशेषकर युवाओं के लिए बेहद निराशाजनक है। बजट पूरी तरह ग्रामोन्मुखी है।
डॉ. एससी मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान, वाईडी कालेज, लखीमपुर खीरी।
प्रदेश सरकार का बजट चुनावी बजट
उत्तर प्रदेश सरकार का बजट पूरी तरह चुनावी बजट है। चुनावी वर्ष में किसानों और ग्रामीणों को लुभाने का प्रयास किया गया है। औद्योगिक विकास के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, इससे प्रदेश में रोजगार सृजन की संभावनाएं कम हुई हैं।
डॉ. डीएन मालपानी, वाणिज्य प्रवक्ता-युवराजदम्म महाविद्यालय, लखीमपुर
लोक लुभावन नहीं पर विकासोन्मुखी है बजट
बजट को लोक लुभावन तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन विकासोन्मुखी है। बजट में प्रदेश के विकास के लिए जो प्रावधान किए गए हैं। उनके दीर्घकालिक लाभ होने हैं। युवाओं की शिक्षा से लेकर उनके लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
डॉ. ज्योति पंत, विभागाध्यक्ष-अर्थशास्त्र विभाग, वाईडी कालेज
00
सत्ता पक्ष ने बजट को सराहा, विपक्ष ने की आलोचना
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के बजट-2016 की समाजवादी पार्टी ने सराहना की है तो विपक्षी दलों ने इसे चुनावी बजट बताते हुए आलोचना की है। बसपा, कांग्रेस और भाजपा ने बजट को जनता को गुमराह करने वाला बताया है। इस बजट से विकास की रफ्तार धीमी होगी।
00
बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल का कहना है कि बजट में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। विशेषकर किसानों के उत्थान के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। बजट से प्रदेश में विकास की रफ्तार और तेज होगी। बिजली व्यवस्था में सुधार सराहनीय कदम है।
00
चुनाव को नजर में रखकर बना बजट
बसपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा कि बजट आने वाले विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। बजट में खीरी जिले के विकास के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। कानून व्यवस्था में सुधार की कोई योजना नहीं है।
00
प्रदेश के औद्योगिक विकास का नहीं रखा ध्यान
भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी का कहना है कि बजट में औद्योगिक विकास के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित नहीं हो पाएंगे। उच्च शिक्षा के विकास के लिए बहुत कम धनराशि का प्रावधान किया गया है।
00
विकास की रफ्तार तेज करने का प्रयास नहीं दिखा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट पूरी तरह चुनावी बजट है। इसमें किसानों को लुभाने का प्रयास किया गया है। प्रदेश में विकास की रफ्तार को तेज करने का कोई प्रयास नहीं दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
दुधवा टाइगर रिजर्व के विकास और रखरखाव के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दुधवा के सुधार में काफी हद तक मदद मिलेगी। इसके साथ ही नेपाल बार्डर पर सड़क निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि जिले को अलग से ऐसा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है, जिस पर लोग खुश हो सकें।
विज्ञापन
अर्थशास्त्री और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ इस बजट को चुनावी बजट मानते हैं। जब इस बाबत विशेषज्ञों से बात की गई तो उन्होंने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विज्ञापन
बजट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा
इस साल उत्तर प्रदेश के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर दिया गया है। गांवों और किसानों के विकास के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बिजली आपूर्ति में सुधार का संकल्प लोगों को खुश करने वाला है।
- डॉ. जेएन सिंह, प्राध्यापक, युवराजदत्त महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी।
उद्यमशीलता और उच्च शिक्षा के लिए निराशाजनक
बजट में प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए कुछ खास नहीं किया गया है उच्च शिक्षा के लिए भी बहुत कम बजट रखा गया है। यह दोनों ही बातें सभी के लिए विशेषकर युवाओं के लिए बेहद निराशाजनक है। बजट पूरी तरह ग्रामोन्मुखी है।
डॉ. एससी मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान, वाईडी कालेज, लखीमपुर खीरी।
प्रदेश सरकार का बजट चुनावी बजट
उत्तर प्रदेश सरकार का बजट पूरी तरह चुनावी बजट है। चुनावी वर्ष में किसानों और ग्रामीणों को लुभाने का प्रयास किया गया है। औद्योगिक विकास के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, इससे प्रदेश में रोजगार सृजन की संभावनाएं कम हुई हैं।
डॉ. डीएन मालपानी, वाणिज्य प्रवक्ता-युवराजदम्म महाविद्यालय, लखीमपुर
लोक लुभावन नहीं पर विकासोन्मुखी है बजट
बजट को लोक लुभावन तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन विकासोन्मुखी है। बजट में प्रदेश के विकास के लिए जो प्रावधान किए गए हैं। उनके दीर्घकालिक लाभ होने हैं। युवाओं की शिक्षा से लेकर उनके लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
डॉ. ज्योति पंत, विभागाध्यक्ष-अर्थशास्त्र विभाग, वाईडी कालेज
00
सत्ता पक्ष ने बजट को सराहा, विपक्ष ने की आलोचना
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के बजट-2016 की समाजवादी पार्टी ने सराहना की है तो विपक्षी दलों ने इसे चुनावी बजट बताते हुए आलोचना की है। बसपा, कांग्रेस और भाजपा ने बजट को जनता को गुमराह करने वाला बताया है। इस बजट से विकास की रफ्तार धीमी होगी।
00
बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल का कहना है कि बजट में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। विशेषकर किसानों के उत्थान के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। बजट से प्रदेश में विकास की रफ्तार और तेज होगी। बिजली व्यवस्था में सुधार सराहनीय कदम है।
00
चुनाव को नजर में रखकर बना बजट
बसपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा कि बजट आने वाले विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। बजट में खीरी जिले के विकास के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। कानून व्यवस्था में सुधार की कोई योजना नहीं है।
00
प्रदेश के औद्योगिक विकास का नहीं रखा ध्यान
भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी का कहना है कि बजट में औद्योगिक विकास के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित नहीं हो पाएंगे। उच्च शिक्षा के विकास के लिए बहुत कम धनराशि का प्रावधान किया गया है।
00
विकास की रफ्तार तेज करने का प्रयास नहीं दिखा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट पूरी तरह चुनावी बजट है। इसमें किसानों को लुभाने का प्रयास किया गया है। प्रदेश में विकास की रफ्तार को तेज करने का कोई प्रयास नहीं दिखाई दे रहा है।