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खीरी से यूनानी चिकित्सा के समाकलन की शुरुआत

Wed, 01 Jun 2016 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 01 Jun 2016 10:42 PM IST
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Kheri beginning of integration of the Greek aid
ayush - फोटो : amar ujala
कैंसर, मधुमेह, ह्दय रोग आदि की रोकथाम का राष्ट्रीय कार्यक्रम
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जिले की 17 सीएचसी पर योजना लागू, मिलेगा इलाज
केंद्रीय मंत्री येस्सो नाईक ने फीता काटकर किया उद्घाटन

जिले में कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग एवं आघात की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) की शुरुआत आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपाद येस्सो नाईक तथा सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री शिवप्रताप यादव ने जिले से की। कार्यक्रम में कैंसर, आघात और मधुमेह की चिकित्सा में यूनानी चिकित्सा पद्धति की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। जिले में यह योजना सभी 17 सीएचसी पर लागू की गई है, जिससे जनता को इलाज में काफी सहूलियत होगी।
केंद्र सरकार की ओर से एनपीसीडीसीएस राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बुधवार को देश के छह राज्यों में शुरू किया गया। प्रदेश में इस कार्यक्रम की शुरुआत लखीमपुर जिले से हुई है। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीपाद येस्सो नाईक ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह योजना जिले के  सभी 17  सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर बुधवार से ही शुरू होगी और जल्द ही यह योजना देश के सभी 600 जिलों में शुरू होगी। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर  रहे प्रदेश सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ.एसपी यादव ने बताया कि पहले लोग अंधविश्वास और टोना टोटका से इलाज किया करते थे, उस दौरान बुकरात ने इस चिकित्सा पद्धति को शुरू किया था। कार्यक्रम के संयोजक एवं  केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान लखनऊ के उप निदेशक डॉ.वसीम अहमद ने कहा कि आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति हमारी थी लेकिन हमने इसका प्रयोग करना बंद कर दिया। सांसद अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि कि जिले में पीने के लिए स्वच्छ पानी की दिक्कत है। लोगों को आर्सेनिक  युक्त पानी पीना  पड़ रहा है जो रोगों का कारण है। इस लिए आयुष मंत्रालय की ओर से शुरू किए जा रहे इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत जिले से की जा रही हैं, जिससे सभी को इसका लाभ मिल सके। इस मौके पर अश्रीपाद येस्सो नाईक ने आयुष क्लीनिक का फीता काटकर उद्घाटन किया। संचालन लखनऊ के खुनखुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्रोफेसर रेशमा परवीन ने किया।
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इनकी रही मौजूदगी
इस मौके पर  सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय स्वास्थ्य  एवं  परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक डॉ.जगदीश कुमार, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग से विशेष सचिव मानवेंन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार कार्यक्रम के नोडल अफसर डॉ.स्वास्ती चरण  सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं भाजपा नेता उमेश कुमार मिश्रा, रमेश कुमार मिश्रा, योगेश वर्मा, अंबरीश सहित कई लोग मौजूद रहे।
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बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम
नोडल अफसर डा.स्वास्तीचरण  ने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति भारतीय है। यह पद्धति बीमारी को जड़ से खत्म करती है लेकिन  एलोपैथ सिर्फ तत्काल राहत देती है, इसलिए सभी को यूनानी चिकित्सा पद्धति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूनानी, होम्योपैथिक, आयुर्वेद और योग को मिलाकर आयुष मंत्रालय का गठन किया गया है, जिससे भारतीय चिकित्सा पद्धति  को प्रोत्साहित किया जा सके। इसलिए पूरे देश में इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
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