{"_id":"195b768cef5bf42fc74a1c556a6e5fbc","slug":"khanbar-the-furore-over-gttuli-in-kheda-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खंभारखेड़ा में घटतोली को लेकर हुआ हंगामा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खंभारखेड़ा में घटतोली को लेकर हुआ हंगामा
महेवागंज।
Updated Sun, 10 Jan 2016 06:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खंभारखेड़ा मिल गेट पर रविवार को घटतोली को लेकर किसानों ने दूसरे दिन भी हंगामा काटा और तोल ठप करा दी। सूचना पर गन्ना विभाग से जांच टीम भी मिल पहुंची। अधिकारियों ने जांच में अंतर मिलने की बात कही और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कहकर किसानों को शांत कराया गया। घटतौली के मामलों से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, तो वहीं गन्ना अब कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन रहा है।
सदर कोतवाली के सफीपुर-बुढनापुर निवासी किसान आलोक वर्मा रविवार को खंभारखेड़ा मिल में गन्ना बेचने गया था। मिल कांटे के वजन में फर्क आता देख उसने लिपिक से शिकायत की और बाहर धर्मकांटे पर कराई तोल की पर्ची दिखाई। बाहरी तौल को मानने से इंकार करने पर मिल कर्मी और किसान मे कहासुनी हो गई।
मामला घटतोली से जोड़ते हुए वहां मौजूद अन्य किसान भी भड़क गए और तोल ठप कराते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने इसकी सूचना जिला गन्ना अधिकारी को भी दी। डीसीओ ने केन डेवलपमेंट निरीक्षक अमित पांडेय को मौके पर भेजा। बताते हैं जांच में पांच किलो का अंतर आया। जांच अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीसीओ को भेजने की बात कही है। उधर, मिल अधिकारियों ने मनौव्वल कर किसानों को शांत किया। वहीं खंभारखेड़ा मिल के एचआर विक्रम भोगल ने बताया कि कंप्यूटराइज्ड और मैनुअल कांटे में मामूली अंतर माना जा सकता है। कई क्विंटल के अंतर की बात निराधार है। मामले को कुछ लोग तूल दे रहे है।
विज्ञापन
------
दूसरे दिन भी किसानों ने घटतोली की शिकायत की थी, जिस पर कर्मचारी को भेजकर जांच कराई गई है। मिल कांटे में पांच किलो का अंतर मिला है, जिसकी रिपोर्ट शुगर केन इंस्पेक्टर को भेजी जा रही है।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
सदर कोतवाली के सफीपुर-बुढनापुर निवासी किसान आलोक वर्मा रविवार को खंभारखेड़ा मिल में गन्ना बेचने गया था। मिल कांटे के वजन में फर्क आता देख उसने लिपिक से शिकायत की और बाहर धर्मकांटे पर कराई तोल की पर्ची दिखाई। बाहरी तौल को मानने से इंकार करने पर मिल कर्मी और किसान मे कहासुनी हो गई।
विज्ञापन
मामला घटतोली से जोड़ते हुए वहां मौजूद अन्य किसान भी भड़क गए और तोल ठप कराते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने इसकी सूचना जिला गन्ना अधिकारी को भी दी। डीसीओ ने केन डेवलपमेंट निरीक्षक अमित पांडेय को मौके पर भेजा। बताते हैं जांच में पांच किलो का अंतर आया। जांच अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीसीओ को भेजने की बात कही है। उधर, मिल अधिकारियों ने मनौव्वल कर किसानों को शांत किया। वहीं खंभारखेड़ा मिल के एचआर विक्रम भोगल ने बताया कि कंप्यूटराइज्ड और मैनुअल कांटे में मामूली अंतर माना जा सकता है। कई क्विंटल के अंतर की बात निराधार है। मामले को कुछ लोग तूल दे रहे है।
विज्ञापन
------
दूसरे दिन भी किसानों ने घटतोली की शिकायत की थी, जिस पर कर्मचारी को भेजकर जांच कराई गई है। मिल कांटे में पांच किलो का अंतर मिला है, जिसकी रिपोर्ट शुगर केन इंस्पेक्टर को भेजी जा रही है।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी