{"_id":"1d7925aed489e8176fa07e9c6e0e080b","slug":"kartik-purnima-holy-dip-in-the-river-made-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में लगाई डुबकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में लगाई डुबकी
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 25 Nov 2015 06:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में डुबकी लगाकर भगवान शिव, विष्णु और मां गंगा की पूजा अर्चना की। जिले में सबसे बड़ा मेला ईसानगर क्षेत्र ठुठवा में सरजू नदी के किनारे लगा। मेले में कलात्मक हुक्के और लकड़ी की वस्तुएं आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान किया। महिलाओं ने तुलसी और सालिग्राम की पूजा की। लखीमपुर में श्रद्धालुओं ने उल्ल और कंडवा नदियों में स्नान कर भगवान शिव की पूजा की। लिलौटीनाथ मंदिर, और सेठघाट पर दिन भर मेला लगा रहा।
गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर शिव का किया जलाभिषेक
गोला गोकर्णनाथ। कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गोकर्ण तीर्थ, नदी, सरोवरों में स्नान कर देवालयों में आराध्य का पूजन अर्चन किया और कथा सुनकर पुण्य कमाया। नगर के पौराणिक शिव मंदिर के निकट गोकर्ण तीर्थ में श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममुर्हूत में स्नान कर कथा सुनकर शिव मंदिर में दर्शन करने के बाद प्रसाद वितरित किया। साथ ही घरों में लोगों ने हरिप्रिया मां तुलसी और सालिग्राम का विधिवत पूजन किया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की कठिना, गोमती नदियों में भी स्नान कर पूजन अर्चन किया। इस मौके पर गोमती के सिरसा घाट, पन्नघाट पर मेला लगा।
शारदा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
पलियाकलां। कार्तिक पूर्णिमा पर इलाके के हजारों लोगों ने शारदा नदी में डुबकी लगाई और यहां के शिवालय पर पूजन अर्चन की। भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर शारदा तट पर मेला भी लगा। क्षेत्र के भीरा, मझगईं, त्रिलोकपुर, नौगवां, बेला, बसंतापुर, गौरीफंटा, चंदनचौकी, संपूर्णानगर, खजुरिया समेत क्षेत्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने शारदा नदी में डुबकी लगाई। श्रीकुल परिवार सेवा समिति ने रामायण पाठ के साथ ही भंडारे का आयोजन किया।
विज्ञापन
मनोगंगा जलकुंड में डुबकी लगाकर की शिव आराधना
उचौलिया। कार्तिक पूर्णिमा पर क्षेत्र के प्राचीन तीर्थ स्थल मनोगंगा पर विशाल मेला लगा। मनोगंगा के जलकुंड में दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया और शिव मंदिर और बाबा बल्दीदास की समाधि पर प्रसाद चढ़ाया। इस मौके पर उचौलिया से मनोगंगा जाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस मौके पर मेले में आए लोगों ने खरीदारी की। लोगों ने बच्चों के मुंडन, अन्नप्राशन कराए।
गांजर के ठुठवा मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
खमरिया। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर ईसानगर क्षेत्र के ठुठवा नामक स्थान पर सरजू (घाघरा) नदी के तट पर विशाल मेला लगा। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरजू नदी में स्नान करने के बाद भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना की और गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन दान किया। मेले में लकड़ी से बनी कलात्मक वस्तुओं के अलावा हुक्का, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, शृंगार सामग्री, कृषि उपकरण की दुकानों के साथ-साथ खेल तमाशे आदि लगे हुए थे। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने मेले में अपने स्टाल भी लगाए। यह मेला करीब पांच दिन तक जारी रहेगा। यह मेला 200 वर्ष से भी अधिक से होता आ रहा है।
बांकेश्वर महादेव मंदिर में हुआ शिव का जलाभिषेक
बांकेगंज। कस्बे में कार्तिक पूर्णिमा श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस मौके पर बांकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक के बाद विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। पुरोहित कुसुम शास्त्री ने भगवान शिव का भव्य शृंगार किया। श्रद्धालुओं ने अपने ईष्ट के चरणों में माथा टेककर मंगल कामना की। शाम को भगवान महादेव की महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ।
पुल पर लगा जाम
पलिया कलां। कार्तिक पूर्णिमा पर भीड़ के चलते शारदा नदी पुल पर जाम लगा रहा । पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बड़ी मशक्कत के बाद जाम खुला और वाहन सवारों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर शिव का किया जलाभिषेक
गोला गोकर्णनाथ। कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गोकर्ण तीर्थ, नदी, सरोवरों में स्नान कर देवालयों में आराध्य का पूजन अर्चन किया और कथा सुनकर पुण्य कमाया। नगर के पौराणिक शिव मंदिर के निकट गोकर्ण तीर्थ में श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममुर्हूत में स्नान कर कथा सुनकर शिव मंदिर में दर्शन करने के बाद प्रसाद वितरित किया। साथ ही घरों में लोगों ने हरिप्रिया मां तुलसी और सालिग्राम का विधिवत पूजन किया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की कठिना, गोमती नदियों में भी स्नान कर पूजन अर्चन किया। इस मौके पर गोमती के सिरसा घाट, पन्नघाट पर मेला लगा।
विज्ञापन
शारदा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
पलियाकलां। कार्तिक पूर्णिमा पर इलाके के हजारों लोगों ने शारदा नदी में डुबकी लगाई और यहां के शिवालय पर पूजन अर्चन की। भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर शारदा तट पर मेला भी लगा। क्षेत्र के भीरा, मझगईं, त्रिलोकपुर, नौगवां, बेला, बसंतापुर, गौरीफंटा, चंदनचौकी, संपूर्णानगर, खजुरिया समेत क्षेत्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने शारदा नदी में डुबकी लगाई। श्रीकुल परिवार सेवा समिति ने रामायण पाठ के साथ ही भंडारे का आयोजन किया।
विज्ञापन
मनोगंगा जलकुंड में डुबकी लगाकर की शिव आराधना
उचौलिया। कार्तिक पूर्णिमा पर क्षेत्र के प्राचीन तीर्थ स्थल मनोगंगा पर विशाल मेला लगा। मनोगंगा के जलकुंड में दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया और शिव मंदिर और बाबा बल्दीदास की समाधि पर प्रसाद चढ़ाया। इस मौके पर उचौलिया से मनोगंगा जाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस मौके पर मेले में आए लोगों ने खरीदारी की। लोगों ने बच्चों के मुंडन, अन्नप्राशन कराए।
गांजर के ठुठवा मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
खमरिया। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर ईसानगर क्षेत्र के ठुठवा नामक स्थान पर सरजू (घाघरा) नदी के तट पर विशाल मेला लगा। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरजू नदी में स्नान करने के बाद भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना की और गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन दान किया। मेले में लकड़ी से बनी कलात्मक वस्तुओं के अलावा हुक्का, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, शृंगार सामग्री, कृषि उपकरण की दुकानों के साथ-साथ खेल तमाशे आदि लगे हुए थे। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने मेले में अपने स्टाल भी लगाए। यह मेला करीब पांच दिन तक जारी रहेगा। यह मेला 200 वर्ष से भी अधिक से होता आ रहा है।
बांकेश्वर महादेव मंदिर में हुआ शिव का जलाभिषेक
बांकेगंज। कस्बे में कार्तिक पूर्णिमा श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस मौके पर बांकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक के बाद विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। पुरोहित कुसुम शास्त्री ने भगवान शिव का भव्य शृंगार किया। श्रद्धालुओं ने अपने ईष्ट के चरणों में माथा टेककर मंगल कामना की। शाम को भगवान महादेव की महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ।
पुल पर लगा जाम
पलिया कलां। कार्तिक पूर्णिमा पर भीड़ के चलते शारदा नदी पुल पर जाम लगा रहा । पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बड़ी मशक्कत के बाद जाम खुला और वाहन सवारों ने राहत की सांस ली।