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Lakhimpur Kheri News: भोले के दर्शन पाने को पेट के बल चलकर जा रहा कांवड़िया
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पेट के बल गोला जाता कांवरिया
मोहम्मदी। न कोई मनौती न कोई मांग बस भोलेनाथ की भक्ति का जोश। फर्रुखाबाद के ढाईघाट से गंगाजल की कांवड़ लेकर एक शिवभक्त पेट के बल लेट कर गोला गोकर्णनाथ भगवान शंकर का जलाभिषेक करने जा रहा है। यह भक्त अमावस्या को गंगाजल लेकर गोला के लिए रवाना हुआ।
शाहजहांपुर जिले के दलेलपुर पठा निवासी 17 वर्षीय सुधीर कुमार के साथ उनके गांव के सात लोग चल रहे हैं। कांवड़ियों के जत्थे में सुधीर का एक सगा भाई आनंद भी है। सुधीर पेट के बल से लेट कर भोले शंकर को मनाने के लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह आठ किलोमीटर की दूरी रोज तय करते हैं। दोपहर और शाम को पूड़ी सब्जी खाते हैं। जिस दिन दाल चावल खाते है, उस दिन नहीं चलते हैं। साथ में एक ट्रैक्टर ट्रॉली भी चल रही है। जिस पर सामान और राशन पानी भरा हुआ है। सुधीर के दो साथी सोख्ते का गद्दा बिछाते हुए चलते हैं। तीन लोग उनके पीछे ईश्वर से प्रार्थना करते हुए चल रहे हैं। संवाद
सुधीर ने बताया कि रास्ते में कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई है लोग जगह-जगह स्वागत कर रहे हैं। वह जब मोहम्मदी पहुंचे तो वहां देखने वालों का तांता लग गया।
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शाहजहांपुर जिले के दलेलपुर पठा निवासी 17 वर्षीय सुधीर कुमार के साथ उनके गांव के सात लोग चल रहे हैं। कांवड़ियों के जत्थे में सुधीर का एक सगा भाई आनंद भी है। सुधीर पेट के बल से लेट कर भोले शंकर को मनाने के लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह आठ किलोमीटर की दूरी रोज तय करते हैं। दोपहर और शाम को पूड़ी सब्जी खाते हैं। जिस दिन दाल चावल खाते है, उस दिन नहीं चलते हैं। साथ में एक ट्रैक्टर ट्रॉली भी चल रही है। जिस पर सामान और राशन पानी भरा हुआ है। सुधीर के दो साथी सोख्ते का गद्दा बिछाते हुए चलते हैं। तीन लोग उनके पीछे ईश्वर से प्रार्थना करते हुए चल रहे हैं। संवाद
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सुधीर ने बताया कि रास्ते में कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई है लोग जगह-जगह स्वागत कर रहे हैं। वह जब मोहम्मदी पहुंचे तो वहां देखने वालों का तांता लग गया।