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कंधईपुर प्रकरण: एक महीने से परिवार लेकर यहां-वहां भटक रहे ग्रामीण
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कचहरी जाते कंधईपुर गांव के लोग
लखीमपुर खीरी। मैलानी के कंधईपुर गांव में हुआ बवाल शांत होने का नाम नहीं ले रहा। युवक की आत्महत्या के बाद एक माह से ज्यादा समय से घर छोड़कर बाहर गुजर-बसर कर रहे गांव के 20 से अधिक महिला-पुरुष अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। रोते हुए अपना दर्द बताया। उधर, एएसपी नैपाल सिंह का कहना है कि गांव में स्थिति अब सामान्य है।
अधिकारियों से गुहार लगाने पहुंचे आरख समाज के यशपाल, ज्ञानेंद्र, देवेंद्र, दुष्यंत कुमार, बृजेश कमार, द्रोपदी आदि ने बताया कि 10 मई को गांव के बृजेश ने उनके चचेरे बाबा के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद युवक के पक्ष के लोगों ने मारपीट कर हमें घर से भगा दिया और लूटपाट की। महीना भर से इधर-उधर भटक रहे हैं। 12 जून को गांव पहुंचे ही थे पासी समाज के लोगों ने हमला बोल दिया था, बीच बचाव में पुलिस को भी चोट आई थीं। तब से हम सब घर से भागे। आज तक गांव लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सके हैं। मामले में एएसपी नैपाल सिंह ने बताया कि गांव में कुछ लोग उकसाने पहुंचे थे, उनको भी शांत कर दिया गया है। गांव में अभी शांति व्यवस्था कायम है। मामले की जांच जारी है।
एसपी-डीएम मिले नहीं, सीओ ने सुनी फरियाद
कलक्ट्रेट में यहां से वहां भटकते कंधईपुर के पीड़ित डीएम-एसपी से नहीं मिल सके। सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों को गेट के करीब ही रोक लिया। आगे बढ़ने पर डीएम कार्यालय से पहले सीओ सदर संदीप सिंह ने उनकी फरियाद सुनीं। कहा कि आराम से घर जाइए, पुलिस आपकी मदद करेगी। एसआई को ग्रामीणों के साथ भेजा और बस पर बिठाने का निर्देश दिया।
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हमें सिर्फ आश्वासन, दूसरे पक्ष की मदद कर रहे विधायक
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। बोले कि हम लोग मिलने गए तो सिर्फ आश्वासन दिया। गांव में बवाल के बाद 14 जून को दूसरे पक्ष के लोगों के घर गए और आरख समाज की मदद करने वाले का स्थानांतरण कराने की बात कही।
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अधिकारियों से गुहार लगाने पहुंचे आरख समाज के यशपाल, ज्ञानेंद्र, देवेंद्र, दुष्यंत कुमार, बृजेश कमार, द्रोपदी आदि ने बताया कि 10 मई को गांव के बृजेश ने उनके चचेरे बाबा के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद युवक के पक्ष के लोगों ने मारपीट कर हमें घर से भगा दिया और लूटपाट की। महीना भर से इधर-उधर भटक रहे हैं। 12 जून को गांव पहुंचे ही थे पासी समाज के लोगों ने हमला बोल दिया था, बीच बचाव में पुलिस को भी चोट आई थीं। तब से हम सब घर से भागे। आज तक गांव लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सके हैं। मामले में एएसपी नैपाल सिंह ने बताया कि गांव में कुछ लोग उकसाने पहुंचे थे, उनको भी शांत कर दिया गया है। गांव में अभी शांति व्यवस्था कायम है। मामले की जांच जारी है।
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एसपी-डीएम मिले नहीं, सीओ ने सुनी फरियाद
कलक्ट्रेट में यहां से वहां भटकते कंधईपुर के पीड़ित डीएम-एसपी से नहीं मिल सके। सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों को गेट के करीब ही रोक लिया। आगे बढ़ने पर डीएम कार्यालय से पहले सीओ सदर संदीप सिंह ने उनकी फरियाद सुनीं। कहा कि आराम से घर जाइए, पुलिस आपकी मदद करेगी। एसआई को ग्रामीणों के साथ भेजा और बस पर बिठाने का निर्देश दिया।
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हमें सिर्फ आश्वासन, दूसरे पक्ष की मदद कर रहे विधायक
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। बोले कि हम लोग मिलने गए तो सिर्फ आश्वासन दिया। गांव में बवाल के बाद 14 जून को दूसरे पक्ष के लोगों के घर गए और आरख समाज की मदद करने वाले का स्थानांतरण कराने की बात कही।

कचहरी जाते कंधईपुर गांव के लोग