{"_id":"6a0b4aa2102aa398570522be","slug":"kalicharan-was-not-found-even-after-three-months-villagers-took-to-the-streets-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-175423-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: तीन माह बाद भी नहीं मिला कालीचरण, सड़क पर उतरे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: तीन माह बाद भी नहीं मिला कालीचरण, सड़क पर उतरे ग्रामीण
Mon, 18 May 2026 10:51 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 18 May 2026 10:51 PM IST
विज्ञापन
मैगलगंज। संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए कालीचरण यादव की तलाश न होने से नाराज परिजन और ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। बड़ी संख्या में लोग औरंगाबाद चौराहे से मैगलगंज ओवरब्रिज पर धरना-प्रदर्शन के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें ओवरब्रिज से करीब 500 मीटर पहले ही रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा। प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण पैदल मैगलगंज की ओर बढ़ने लगे। मौके पर क्षेत्राधिकारी मितौली यादुवेंद्र कुमार, मैगलगंज थाना पुलिस, कई थानों की फोर्स, पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
औरंगाबाद चौकी क्षेत्र के गांव फरिया पिपरिया निवासी कालीचरण यादव 12 फरवरी की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस के आश्वासनों से नाराज परिजन और ग्रामीण आखिरकार प्रदर्शन पर उतर आए। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने मैगलगंज-औरंगाबाद मार्ग पर आधी सड़क घेरकर धरना शुरू कर दिया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि तीन माह बाद भी कालीचरण का पता न चलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग की।
बाद में सीओ मितौली यादुवेंद्र कुमार ने परिजनों से वार्ता कर मंगलवार को एसपी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
कालीचरण के पुत्र आकाश ने कहा कि यदि एसपी से मुलाकात के बाद भी परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा। प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण पैदल मैगलगंज की ओर बढ़ने लगे। मौके पर क्षेत्राधिकारी मितौली यादुवेंद्र कुमार, मैगलगंज थाना पुलिस, कई थानों की फोर्स, पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
विज्ञापन
औरंगाबाद चौकी क्षेत्र के गांव फरिया पिपरिया निवासी कालीचरण यादव 12 फरवरी की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस के आश्वासनों से नाराज परिजन और ग्रामीण आखिरकार प्रदर्शन पर उतर आए। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने मैगलगंज-औरंगाबाद मार्ग पर आधी सड़क घेरकर धरना शुरू कर दिया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि तीन माह बाद भी कालीचरण का पता न चलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग की।
बाद में सीओ मितौली यादुवेंद्र कुमार ने परिजनों से वार्ता कर मंगलवार को एसपी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
कालीचरण के पुत्र आकाश ने कहा कि यदि एसपी से मुलाकात के बाद भी परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।