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Lakhimpur Kheri News: 23 साल बाद मिला इंसाफ, तीन को उम्रकैद की सजा
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लखीमपुर खीरी। 23 साल पहले मेड़बंदी के विवाद में ग्रामीण की हत्या करने के मामले में एडीजे सुभाष सिंह ने तीन हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रमारमन सैनी ने बताया कि मितौली थाना क्षेत्र के गांव मितौली में रहने वाले कालीचरण के खेत के पास ही गांव की भूरे शाह का खेत है। खेत में मेड़ बांधने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी के चलते 18 जुलाई 2001 की शाम 7:30 बजे कालीचरण ने अपने भाई लक्ष्मण और प्रसादी व अपने पुत्र गोधन के साथ मिलकर भूरे शाह पर हमला बोल दिया।
जब भाई फिदा हुसैन और भूरे की पत्नी कलसीमियां और पुत्र चंदा ने भूरे को बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी घातक चोटें पहुंचाईं। इस हमले में भूरे शाह की मौत हो गई और कई लोग मौके पर घायल हो गए थे। अदालती सुनवाई के दौरान कालीचरण की मौत हो गई तो 26 अगस्त 2022 को मृतक कालीचरण की फाइल बंद कर दी गई थी। गोधन, लक्ष्मण और प्रसादी के मामले की सुनवाई जारी थी।
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बुधवार को एडीजे सुभाष सिंह ने तीनों हत्या अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रमारमन सैनी ने बताया कि मितौली थाना क्षेत्र के गांव मितौली में रहने वाले कालीचरण के खेत के पास ही गांव की भूरे शाह का खेत है। खेत में मेड़ बांधने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी के चलते 18 जुलाई 2001 की शाम 7:30 बजे कालीचरण ने अपने भाई लक्ष्मण और प्रसादी व अपने पुत्र गोधन के साथ मिलकर भूरे शाह पर हमला बोल दिया।
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जब भाई फिदा हुसैन और भूरे की पत्नी कलसीमियां और पुत्र चंदा ने भूरे को बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी घातक चोटें पहुंचाईं। इस हमले में भूरे शाह की मौत हो गई और कई लोग मौके पर घायल हो गए थे। अदालती सुनवाई के दौरान कालीचरण की मौत हो गई तो 26 अगस्त 2022 को मृतक कालीचरण की फाइल बंद कर दी गई थी। गोधन, लक्ष्मण और प्रसादी के मामले की सुनवाई जारी थी।
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बुधवार को एडीजे सुभाष सिंह ने तीनों हत्या अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।