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आखिर 21 दिन बाद नेपाल लौट गए उत्पाती हाथी

Sat, 02 Nov 2019 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2019 01:50 AM IST
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बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से नौ अक्तूबर को आया 30 उत्पाती हाथियों का झुंड आखिरकार नेपाल लौट गया। ये जंगली हाथी जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से 21 दिन बाद वापस गए हैं। इससे यह बात एक बार फिर साबित हुई है कि जंगली हाथी अपने कॉरीडोर का ही इस्तेमाल करते हैं। लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के कई गांवों में उत्पात मचाने वाले इन हाथियों के नेपाल लौटने से वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही जंगल से जुड़े गांव के लोगों ने राहत महसूस की है।
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नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से निकलकर 30 हाथियों के झुंड ने सात अक्तूबर को भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। ये हाथी सुमेरनगर, टाटरगंज, लग्गा-बग्गा और ट्रांस शारदा होते हुए पीलीभीत के हरीपुर रेंज में पहुंचे थे। वहां से चलकर अगले दिन नौ अक्तूबर को किशनपुर सेंक्चुरी में आ गए थे। तब से ये हाथी दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा और बफरजोन जंगल में डेरा डाले रहे। इस प्रवास के दौरान इन उत्पाती हाथियों ने जटपुरा, पहाड़नगर, अर्जुनपुर, खरेहटा, गदनियां समेत दर्जनों गांवों के पास जाकर उत्पात मचाया। इसी बीच इन हाथियों का एक झुंड दक्षिण खीरी वन प्रभाग के सहजनियां बीट के गंगापुर और मुकंदापुर गांव तक भी पहुंच गया था।
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खास बात यह रही कि इन हाथियों ने फसलों को तो बर्बाद किया, लेकिन किसी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचाया। बुधवार रात नौ बजे सभी उत्पाती हाथी किशनपुर सेंक्चुरी की सुल्तानपुर बीट जा पहुंचे, जहां इन हाथियों से बिछुड़ा आठ हाथियों का दल भी इनसे आ मिला। इसके बाद ये हाथी बफरजोन की महराजनगर, सुमेरनगर, टाटरगंज, लग्गा-बग्गा, ट्रांस शारदा होते हुए शारदा नदी पार कर शुक्रवार दोपहर नेपाल वापस चले गए। वापसी के पूरे रास्ते को वन अधिकारियों ने चेक किया।
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उत्पाती हाथियों की वापसी से वन विभाग ने ली राहत की सांस
हाथियों की नेपाल वापसी से वन विभाग ने राहत की सांस ली है। डीटीआर में अपने प्रवास के दौरान इन हाथियों ने वन विभाग को खूब छकाया। लगातार चकमा देकर खेतों में उत्पात मचाते रहे। आखिरकार निगरानी के लिए पश्चिम बंगाल से एलीफेंट मैनेजमेंट टीम के 24 एक्सपर्ट ट्रैकर्स भी बुलाए गए। लेकिन वे भी इन हाथियों का मिजाज नहीं भांप सके।

दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में हाथी जिस कॉरीडोर से आए थे उसी से सभी 30 हाथी एक ही झुंड में शामिल होकर शुक्रवार दोपहर शारदा नदी पार कर नेपाल वापस चले गए हैं। फिलहाल इनकी जल्द वापसी की आशंका नहीं हैं। -डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर फर जोन
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