लखीमपुर खीरी: आधी रात को जन्मे कन्हाई, घर-घर बजी बधाई, धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पुलिस लाइन मंदिर में मुख्य कार्यक्रम हुआ, जहां मूर्तियों को सजाया गया। सदर कोतवाली, जिला कारागार, मुड़िया महंत और इस्कॉन मंदिरों में भी जन्मोत्सव मना।
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लखीमपुर खीरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर से लेकर कस्बों तक मंदिरों में विशेष सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर दिनभर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहा। रात में कान्हा के जन्म के साथ मंदिरों में जयकारे गूंज उठे।
पुलिस लाइन स्थित मंदिर में जन्माष्टमी का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। भगवान श्रीकृष्ण और राधा की मूर्तियों को पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र और आभूषणों से सजाया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। एसपी डॉ. ख्याति गर्ग सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सदर कोतवाली में भी मनाई गई जन्माष्टमी
सदर कोतवाली परिसर में भी जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कोतवाली को फूलों और रंग-बिरंगी बिजली की रोशनी से सजाया गया। यहां भक्तों ने भजन-कीर्तन और आरती के साथ कान्हा के जन्म का उत्सव मनाया।
जिला कारागार के मंदिर में भी हुआ कार्यक्रम
जिला कारागार के मंदिर में भी कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन हुआ। वहीं शहर के मुड़िया महंत मंदिर, रामनवमी मंदिर और हरे कृष्णा इस्कॉन मंदिर में आरती, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए। मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया।
मुड़िया महंत मंदिर के महंत पंकज कृष्ण शास्त्री और इस्कॉन मंदिर के संचालक सुनील मुकुंद दास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का पर्व है। मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।