{"_id":"689b793df176f8788407dee4","slug":"irshad-the-mahout-of-dudhwa-was-awarded-the-gaj-gaurav-award-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1008-153144-2025-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: गज गौरव पुरस्कार से नवाजे गए दुधवा के महावत इरशाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: गज गौरव पुरस्कार से नवाजे गए दुधवा के महावत इरशाद
Tue, 12 Aug 2025 10:56 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 12 Aug 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
कोयंबटूर में गज गौरव पुरस्कार से नवाजे गए दुधवा के महावत इरशाद अली। स्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा के राजकीय हाथियों की बेहतर देखभाल के लिए विश्व हाथी दिवस पर मंगलवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कोयंबटूर में आयोजित समारोह में दुधवा के महावत इरशाद अली को गज गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डाॅ. एच राजामोहन मौजूद रहे।
दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर बेस कैंप के अलावा कैमय्या और गुलरा में कुल 20 राजकीय हाथी रह रहे हैं। इसमें सलूकापुर बेस कैंप में पल रहे 11 हाथियों की बेहतर देखभाल, रखरखाव के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले महावत इरशाद ने कड़ी मेहनत की। इरशाद ने बिजनौर जिले के अमानगढ़ जंगल में मिली दो अनाथ गज दुर्गा और गौरी को वहां से लाकर परिवार की तरह उनकी देखभाल की।
उन्होंने दोनों अनाथ हाथियों को बोतल से दूध पिलाकर उनकी बेहतर देखभाल की। दोनों इरशाद से मिले प्यार और दुलार के चलते दोनों उनसे इस तरह घुल मिली कि उनके साथ सोना और खेलना दोनों की दिनचर्या बन गई। वरिष्ठ वनाधिकारियों से सम्मान पाकर इरशाद खुशी से झूम उठे।
विज्ञापन
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि राजकीय हाथियों के प्रति महावत इरशाद के लगाव और बेहतर देखभाल के लिए वन मंत्रालय की ओर से गज गौरव पुरस्कार के लिए चयन किया।
...
विज्ञापन
दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर बेस कैंप के अलावा कैमय्या और गुलरा में कुल 20 राजकीय हाथी रह रहे हैं। इसमें सलूकापुर बेस कैंप में पल रहे 11 हाथियों की बेहतर देखभाल, रखरखाव के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले महावत इरशाद ने कड़ी मेहनत की। इरशाद ने बिजनौर जिले के अमानगढ़ जंगल में मिली दो अनाथ गज दुर्गा और गौरी को वहां से लाकर परिवार की तरह उनकी देखभाल की।
विज्ञापन
उन्होंने दोनों अनाथ हाथियों को बोतल से दूध पिलाकर उनकी बेहतर देखभाल की। दोनों इरशाद से मिले प्यार और दुलार के चलते दोनों उनसे इस तरह घुल मिली कि उनके साथ सोना और खेलना दोनों की दिनचर्या बन गई। वरिष्ठ वनाधिकारियों से सम्मान पाकर इरशाद खुशी से झूम उठे।
विज्ञापन
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि राजकीय हाथियों के प्रति महावत इरशाद के लगाव और बेहतर देखभाल के लिए वन मंत्रालय की ओर से गज गौरव पुरस्कार के लिए चयन किया।
...