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Lakhimpur Kheri News: कागजों में दफन हो गई कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जांच
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लखीमपुर खीरी। नगर की साफ सफाई व्यवस्था सही करने के लिए नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च करके कूड़ा उठाने के लिए वाहन खरीदे थे। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यह वाहन खड़े-खड़े ही कंडम हो गए हैं। कुछ महीने पहले की जांच के आदेश दिए गए, लेकिन यह आदेश कागजों से बाहर ही नहीं निकला।
नगर पालिका ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और गीला व सूखा कूड़ा एकत्र करने के लिए ठेलियों के अलावा कई वाहनों की खरीद की गई थी। लाखों रुपये की कीमत से एक टैंकर, चार ऑटो रिक्शा और कूड़ा ले जाने वाले करीब सौ ठेलियां खरीदी गई थीं। शुरूआत में कुछ महीनों तक यह वाहन कूड़ा ढोने के कार्य में लगाए गए, लेकिन बाद में एकाएक ये वाहन सड़कों से गायब हो गए।
सूत्र बताते हैं कि सभी ठेलियां और वाहनों को डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के पीछे बनी टंकी के पास और कुछ वाहनों को ईओ आवास कंपनी बाग के समीप खड़ा कर दिया गया। वाहन बारिश और धूप में खड़े-खड़े जंग लगकर खराब हो गए। मामला मीडिया की सुर्खियां बना तो ईओ संजय कुमार ने इन वाहनों को मौके से हटवा दिया। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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कहीं निजी फायदा उठाने की मंशा से कराई गई थी खरीद
नगर पालिका के पिछले कार्यकाल के दौरान निरुपमा मौनी वाजपेयी और तत्कालीन ईओ आरआर अंबेश ने दो बार में करीब 60 वाहनों की खरीद की थी। सूत्रों की माने तो पहली खेप मिलने के बाद चेयरमैन ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। लेकिन धीरे-धीरे यह वाहन नगर पालिका से गायब होते रहे। सूत्र यहां तक बताते हैं कि टैंपों में लगी बैटरियां भी निकलवा ली गईं। हालांकि मुद्दा उठने के बाद ईओ संजय कुमार ने खुद के आवास के पास वाहनों के खड़े होने की जानकारी होने से इन्कार कर दिया था लेकिन कुछ ही समय के बाद वाहनों को आवास और कांशीराम कॉलोनी से हटवा दिया गया था।
हर वार्ड में दो वाहनों को खड़ा कर एकत्र करना था कूड़ा
नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे 30 वार्डों में हर वार्ड में दो टैंपो को सूखा और गीला कूड़ा एकत्र करने के लिए लगाया जाना था। कुछ ही मोहल्लों में यह टेंपो दिखाई दिए थे। तीन से चार महीने बाद ही वाहन मोहल्लों से गायब हो गए। वाहन गायब के बाद मोहल्लों में सफाई व्यवस्था गड़बड़ा गई थी।
मेरे कार्यकाल में किसी भी तरह के वाहनों की खरीद नहीं हुई है। फिर भी यदि पालिका के बजट का दुरुपयोग किया गया है तो ईओ से जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-इरा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष नगर पालिका
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नगर पालिका ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और गीला व सूखा कूड़ा एकत्र करने के लिए ठेलियों के अलावा कई वाहनों की खरीद की गई थी। लाखों रुपये की कीमत से एक टैंकर, चार ऑटो रिक्शा और कूड़ा ले जाने वाले करीब सौ ठेलियां खरीदी गई थीं। शुरूआत में कुछ महीनों तक यह वाहन कूड़ा ढोने के कार्य में लगाए गए, लेकिन बाद में एकाएक ये वाहन सड़कों से गायब हो गए।
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सूत्र बताते हैं कि सभी ठेलियां और वाहनों को डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के पीछे बनी टंकी के पास और कुछ वाहनों को ईओ आवास कंपनी बाग के समीप खड़ा कर दिया गया। वाहन बारिश और धूप में खड़े-खड़े जंग लगकर खराब हो गए। मामला मीडिया की सुर्खियां बना तो ईओ संजय कुमार ने इन वाहनों को मौके से हटवा दिया। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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कहीं निजी फायदा उठाने की मंशा से कराई गई थी खरीद
नगर पालिका के पिछले कार्यकाल के दौरान निरुपमा मौनी वाजपेयी और तत्कालीन ईओ आरआर अंबेश ने दो बार में करीब 60 वाहनों की खरीद की थी। सूत्रों की माने तो पहली खेप मिलने के बाद चेयरमैन ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। लेकिन धीरे-धीरे यह वाहन नगर पालिका से गायब होते रहे। सूत्र यहां तक बताते हैं कि टैंपों में लगी बैटरियां भी निकलवा ली गईं। हालांकि मुद्दा उठने के बाद ईओ संजय कुमार ने खुद के आवास के पास वाहनों के खड़े होने की जानकारी होने से इन्कार कर दिया था लेकिन कुछ ही समय के बाद वाहनों को आवास और कांशीराम कॉलोनी से हटवा दिया गया था।
हर वार्ड में दो वाहनों को खड़ा कर एकत्र करना था कूड़ा
नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे 30 वार्डों में हर वार्ड में दो टैंपो को सूखा और गीला कूड़ा एकत्र करने के लिए लगाया जाना था। कुछ ही मोहल्लों में यह टेंपो दिखाई दिए थे। तीन से चार महीने बाद ही वाहन मोहल्लों से गायब हो गए। वाहन गायब के बाद मोहल्लों में सफाई व्यवस्था गड़बड़ा गई थी।
मेरे कार्यकाल में किसी भी तरह के वाहनों की खरीद नहीं हुई है। फिर भी यदि पालिका के बजट का दुरुपयोग किया गया है तो ईओ से जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-इरा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष नगर पालिका