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मरीज बढ़ने से छोटा पड़ा जिला अस्पताल

Wed, 30 Sep 2015 08:07 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 30 Sep 2015 08:07 PM IST
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Increased patient had small district hospital
जिले में बीमारियों को रोक पाने में स्वास्थ्य विभाग कितना सफल है इस बात का अंदाजा अस्पताल के वार्ड देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। हालत यह है कि जिला अस्पताल के सभी वार्ड मरीजों से फुल हैं। वार्डों में जमीन पर लिटाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है।  
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जिले में इस बार जहां दिमागी बुखार ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं वहीं अन्य बीमारियों का प्रकोप भी कम नहीं है। जिला अस्पताल की क्षमता लगभग 167 बेड की है लेकिन इस समय यहां दो सौ से भी अधिक मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने समस्या से निपटने के लिए नेत्र वार्ड को भी सामान्य मरीजों के लिए खोल दिया पर यह वार्ड भी पूरी तरह से भर गया अब अस्पताल के पास मरीजों को भर्ती करने के लिए न कोई जगह नहीं है। सभी वार्डों मे मरीजों को जमीन पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है। इससे वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज हो गए हैं। बुधवार को अस्पताल के पैरा मेडिकल स्टाफ ने सीएमओ से व्यवस्था कराने को कहा कई स्टाफ नर्सों ने इन परिस्थितियों में ड्यूटी करने से मना कर दिया। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड की क्षमता 20 बेड की है इसमें ऊपर और नीचे 40- 40 मरीज भर्ती हैं वार्डों में निकलने की जगह नहीं है। मानक के अनुसार आठ मरीजों की देखरेख करने के लिए एक स्टाफ नर्स होनी चाहिए लेकिन एक स्टाफ नर्स के जिम्मे लगभग 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। बुधवार को कई स्टाफ नर्सों ने इन वार्डों में कार्य करने से मना कर दिया। समस्या यहीं तक होती तो भी गनीमत थी अब भी मरीजों के आने का सिलसिला कम नहीं हुआ है। अब स्वास्थ्य विभाग इस चिंता में है कि नए मरीजों को कहां भर्ती किया जाएगा।
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सभी मरीजों को मिलेगा इलाज
सीएमओ डॉ.वीके साहू ने बताया कि समस्या गंभीर है अब अस्पताल में जगह नहीं बची है लेकिन इसके बावजूद सीमित संसाधनों में भी यही प्रयास किया जाएगा कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार मिले। अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है लेकिन जगह और पैरा मेडिकल स्टाफ तो पहले से बहुत कम है। इसके लिए तत्काल कुछ किया भी नहीं जा सकता है।
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