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मई में ही पांच हजार से ज्यादा राशनकार्ड हो गए सरेंडर
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In May itself, more than five thousand ration cards were surrendered
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लखीमपुर खीरी। अपात्र राशनकार्ड धारकों से वसूली की खबरों के चलते जिले में पांच हजार से अधिक लोगों ने अपने राशन कार्ड पूर्ति विभाग को वापस कर दिए। उधर, प्रदेश सरकार के स्थिति स्पष्ट कर देने के बाद राशनकार्ड सरेंडर करने में गिरावट आई है, और हर दिन सैकड़ों की संख्या में सरेंडर होने वाले राशन कार्ड की संख्या घटकर दहाई तक पहुंच गई है।
मार्च माह के अंत तक जिले में कुल 8,41000 राशन कार्ड थे। इनमें अंत्योदय कार्ड भी शामिल हैं। इतनी संख्या में कार्ड बने होने के बावजूद पात्र परिवार राशन कार्ड पाने से वंचित हैं। पात्रों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ मिल सके, इसके लिए प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त ने प्रदेश के सभी डीएम को एक पत्र जारी कर राशनकार्ड धारकों का व्यापक स्तर पर सर्वे करने को कहा था।
अपात्रों से अपील करते हुए डीएम ने राशन कार्ड सरेंडर न करने पर अपात्र राशनकार्ड धारकों से वसूली की बात कही थी। इसका असर यह हुआ कि राशन कार्ड सरेंडर करने का सिलसिला शुरू हो गया। अकेले मई महीने में अब तक 5000 से ज्यादा राशन कार्ड सरेंडर हो चुके हैं।
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22 मई को सरकार ने मामले में स्थिति साफ की और दावा किया कि राशन कार्ड सरेंडर करने का न तो कोई आदेश है और न ही अपात्रों से वसूली का कोई आदेश है। अब पूर्ति कार्यालय में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों की संख्या में अचानक से कमी आ गई और सैकड़ों में सरेंडर होने वाले राशन कार्ड की संख्या घटकर दहाई तक ही सीमित हो गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र मिले। इनके राशनकार्ड निरस्त हुए हैं। स्वेच्छा से राशनकार्ड सरेंडर करने वाले कार्ड धारकों की संख्या 5000 से अधिक है। इन कार्डों के निरस्त होने से खाली हुए स्थान पर पात्रों के राशनकार्ड बनाए जाएंगे।
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मार्च माह के अंत तक जिले में कुल 8,41000 राशन कार्ड थे। इनमें अंत्योदय कार्ड भी शामिल हैं। इतनी संख्या में कार्ड बने होने के बावजूद पात्र परिवार राशन कार्ड पाने से वंचित हैं। पात्रों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ मिल सके, इसके लिए प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त ने प्रदेश के सभी डीएम को एक पत्र जारी कर राशनकार्ड धारकों का व्यापक स्तर पर सर्वे करने को कहा था।
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अपात्रों से अपील करते हुए डीएम ने राशन कार्ड सरेंडर न करने पर अपात्र राशनकार्ड धारकों से वसूली की बात कही थी। इसका असर यह हुआ कि राशन कार्ड सरेंडर करने का सिलसिला शुरू हो गया। अकेले मई महीने में अब तक 5000 से ज्यादा राशन कार्ड सरेंडर हो चुके हैं।
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22 मई को सरकार ने मामले में स्थिति साफ की और दावा किया कि राशन कार्ड सरेंडर करने का न तो कोई आदेश है और न ही अपात्रों से वसूली का कोई आदेश है। अब पूर्ति कार्यालय में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों की संख्या में अचानक से कमी आ गई और सैकड़ों में सरेंडर होने वाले राशन कार्ड की संख्या घटकर दहाई तक ही सीमित हो गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र मिले। इनके राशनकार्ड निरस्त हुए हैं। स्वेच्छा से राशनकार्ड सरेंडर करने वाले कार्ड धारकों की संख्या 5000 से अधिक है। इन कार्डों के निरस्त होने से खाली हुए स्थान पर पात्रों के राशनकार्ड बनाए जाएंगे।